एजुकेशन
डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका की याद में हरियाणा के हिसार में 100 करोड़ की लागत से श्री नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी की स्थापना का ऐलान किया है...
एस्सेल ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके नाम पर एक नई यूनिवर्सिटी की स्थापना का ऐलान किया है. यह यूनिवर्सिटी हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा में परिवार की 32 एकड़ भूमि पर बनाई जाएगी. इस परियोजना पर शुरुआती चरण में लगभग 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. यूनिवर्सिटी का नाम श्री नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी होगा और इसका मकसद क्वॉलिटी एजुकेशन के साथ समाज सेवा और उद्यमिता को बढ़ावा देना है.
डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि यह यूनिवर्सिटी सिर्फ एक एजुकेशनल इंस्टीट्यूट नहीं होगी, बल्कि यह उनके पिता के सेवा, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बनेगी. उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में एक खास कोर्स शुरू किया जाएगा, जो समाज सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और समाज को वापस लौटाने की भावना पर आधारित होगा. इस कोर्स का मकसद युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव को बढ़ावा देना है.
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ सुभाष चंद्रा के पिता श्री नंद किशोर गोयनका जी का हिसार के गोयनका उद्यान में हुआ अंतिम संस्कार#DrSubhashChandra #NandkishoreGoenka #ZeeNews #SubhashChandra | @subhashchandra @RajLaveena pic.twitter.com/7S7GJAnxlA
— Zee News (@ZeeNews) July 15, 2026
डॉ. सुभाष चंद्रा ने आगे कहा कि उनका पूरा परिवार खुद को ऐसे महान व्यक्तित्व की संतान होने पर सौभाग्यशाली मानता है. उनके अनुसार अग्रोहा केवल अग्रवाल और वैश्य समाज की आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि उद्यमिता, सेवा और सामाजिक सहयोग की प्रेरणा देने वाली भूमि भी है. इस सोच को आगे बढ़ाते हुए परिवार ने यहां यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला लिया है.
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उन्होंने बताया कि इस यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए एंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद के साथ करार किया गया है. इस इंस्टीट्यूट की मदद से यूनिवर्सिटी में उद्यमिता, नवाचार और नेतृत्व विकास से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे. साथ ही समाज सेवा और सामुदायिक कल्याण पर खास कोर्स भी करवाए जाएंगे. यहां स्टूडेंट्स को केवल डिग्री देने ही नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों को भी समझाने पर जोर दिया जाएगा.
स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई 2026 को मुंबई में अपने आवास पर 96 साल की आयु में निधन हो गया था. इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया और 14 जुलाई को हिसार लाया गया. 15 जुलाई 2026 को अग्रोहा धाम परिसर के गोयनका उद्यान में पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस परिसर में पहले उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार भी हुआ था. अंतिम संस्कार में देशभर से राजनीतिक नेताओं, उद्योगपतियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.