Advertisement

दो बार फेल होकर भी नहीं मानी हार, जानें आर्किटेक्ट Ashi Sharma कैसे लाईं UPSC में 12वीं रैंक

आज हम आपको बताएंगे की यूपीएससी 2024 में 12वीं रैंक लाने वालीं आशी शर्मा की तैयारी की स्ट्रैटजी क्या रही है और उनका एजुकेशन बैकग्राउंड कैसा है...

Latest News
दो बार फेल होकर भी नहीं मानी हार, जानें आर्किटेक्ट Ashi Sharma कैसे लाईं UPSC में 12वीं रैंक

Ashi Sharma UPSC

Add DNA as a Preferred Source

हर साल लाखों उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने का सपना लेकर यूपीएससी की परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन केवल कुछ ही इसमें सफल हो पाते हैं. इस बार की टॉपर लिस्ट में आशी शर्मा भी शामिल हैं जिन्हें यूपीएससी सीएसई 2024 में 12वीं रैंक हासिल हुई. आज हम आपको बताएंगे कि आशी शर्मा कौन हैं और उनका यूपीएससी की तैयारी का सफर कैसा रहा है. 

एपीजे स्कूल से पढ़ाई के बाद SPA में लिया एडमिशन

गाजियाबाद से आने वाली आशी ने नोएडा के एपीजे स्कूल से पढ़ाई की है. इसके बाद वह आर्किटेक्चर की पढ़ाई करने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) चली गईं और यहां से डिग्री हासिल की. वह आर्किटेक्टर में शानदार करियर बना सकती थीं लेकिन उनकी दिलचस्पी प्रशासनिक सेवा में बढ़ी और वह भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी की तैयारी करने लगीं. आईएएस अधिकारी के काम की विविधता ने उन्हें प्रेरित किया.

यह भी पढ़ें- इंजीनियरिंग के बाद मोटे पैकेज की मिली थी जॉब, लड़के ने UPSC में भी कर दिया कमाल, जानें राज कृष्ण झा की कहानी

हालांकि उन्हें रातोंरात सफलता नहीं मिली और उन्होंने कई बार असफलता का स्वाद भी चखा. साल 2022 में उन्होंने अपना पहला अटेम्प्ट दिया और सिर्फ 4 मार्क्स से कटऑफ से चूक गईं. साल 2023 में उन्होंने अपना दूसरा अटेम्प्ट दिया और फाइनल सिलेक्शन से सिर्फ 20 नंबरों से रह गईं. आखिरकार तीसरा प्रयास उनके लिए सफलता लाया और वह टॉप रैंक होल्डर्स में शामिल हुईं.

आशी शर्मा की तैयारी की स्ट्रैटजी

अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए आशी ने कहा कि आत्म मूल्यांकन और निरंतरता जरूरी है.  उन्होंने बताया, 'मॉक टेस्ट के माध्यम से नियमित आत्म-मूल्यांकन और सुधार के क्षेत्रों को पहचानने से बहुत फायदा हुआ. उन्होंने लोक प्रशासन को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट बनाया था. उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, सेल्फ-स्टडी और करेंट अफेयर्स को अपनी तैयारी का आधार बनाया. इंटरव्यू के लिए आशी ने अपने डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म DAF को अच्छे से तैयार किया और वर्तमान घटनाओं से अपडेट रहीं. जब मॉक टेस्ट की बारी आई तो उन्होंने मात्रा से ज़्यादा गुणवत्ता को प्राथमिकता दी और पैनल फीडबैक को महत्व दिया.

यह भी पढ़ें- 15 साल की उम्र में जबरदस्ती करवाई जा रही थी शादी, मां ने दिया साथ, UPSC में 9वीं रैंक लाकर बनीं IFS

आशी की सफलता की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है जो कुछ असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं. आशी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में चुना है. शांत दिमाग, दृढ़ निश्चयी भावना और सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित दिल वाली आशी शर्मा की कहानी देश भर के अनगिनत उम्मीदवारों के लिए उम्मीद का एक शानदार उदाहरण है.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement