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CBSE ने तय कीं 10-12वीं बोर्ड एग्जाम्स के लिए खास शर्तें, पूरा किया तभी मिलेगा परीक्षा में बैठने का मौका

सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं में कई नियमों को सख्त कर दिया है जिसे पूरा किए बिना स्टूडेंट्स 2026 में होने वाली परीक्षाओं में शामिल नहीं हो पाएंगे, यहां जानें सारी डिटेल्स...

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CBSE ने तय कीं 10-12वीं बोर्ड एग्जाम्स के लिए खास शर्तें, पूरा किया तभी मिलेगा परीक्षा में बैठने का मौका

CBSE Date Sheet 2026

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सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं में कई नियमों को सख्त कर दिया है. बोर्ड ने एक ऑफिशियल नोटिस जारी किया जिसमें आगामी कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा 2026 में बैठने के लिए रजिस्टर्ड स्टूडेंट्स की जरूरतों पर प्रकाश डाला गया है. बोर्ड ने यह फैसला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के मुताबिक लिया है.

ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक परीक्षा के लिए पात्र होने के लिए कक्षा 10 और 12 के छात्रों को कक्षा 9-10 और 11-12 के सभी विषयों को दो साल तक कवर और पढ़ाई करना जरूरी है. यह जरूरी है क्योंकि कक्षा 10 और 12 दो वर्षीय कार्यक्रम हैं.

75% अटेंडेंस है जरूरी

कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए एक और प्रमुख पात्रता यह है कि उन्हें नियमित स्कूल में कम से कम 75 प्रतिशत अटेंडेंस बनाए रखनी होगी. नोटिस में कहा गया है, 'सीबीएसई द्वारा प्रस्तावित सभी विषयों में आंतरिक मूल्यांकन, एनईपी-2020 के अनुसार मूल्यांकन का एक अनिवार्य अभिन्न अंग है. यह दो साल की प्रक्रिया है. अगर कोई छात्र स्कूल नहीं जाता है तो उसका आंतरिक मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है. आंतरिक मूल्यांकन में प्रदर्शन बिना स्टूडेंट का रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा. अगर ऐसे स्टूडेंट रेगुलर भी हो तो भी एसेंशियल रिपीट कैटिगरी में रखा जाएगा.

एक्स्ट्रा सब्जेक्ट के लिए जरूरी नियम

सीबीएसई ने एक्स्ट्रा सब्जेक्ट से संबंधित नियमों को भी स्पष्ट किया है. कक्षा 10 में स्टूडेंट्स अनिवार्य सबजेक्ट के अलावा दो और सब्जेक्ट चुन सकते हैं. वहीं कक्षा 12 में केवल एक एक्स्ट्रा सब्जेक्ट लिया जा सकता है. एक्स्ट्रा सब्जेक्ट वाले स्टूडेंट्स दो साल तक उस सब्जेक्ट की पढ़ाई करेंगे. सीबीएसई ने कहा, 'यहां तक कि संबद्ध स्कूलों में भी अगर किसी स्कूल ने सीबीएसई से कोई विषय देने की अनुमति नहीं ली है और उनके पास शिक्षक, लैब्स आदि नहीं हैं तो उनके छात्रों को ऐसे विषयों को मेन या एक्स्ट्रा सब्जेक्ट के रूप में देने की अनुमति नहीं है.'

इसके अलावा अगर किसी रेगुलर स्टूडेंट ने पिछले वर्षों में एक्स्ट्रा सब्जेक्ट की पेशकश की है और उसे कम्पार्टमेंट या एसेंशियल रिपीट कैटिगरी के तहत एक प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में उस सब्जेक्ट की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. जो स्टूडेंट्स बताए गए शर्तों को पूरा नहीं करेंगे, वे प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर बोर्ड परीक्षाओं में एक्सट्रा सब्जेक्ट की परीक्षा के लिए पात्र नहीं होंगे.

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