एजुकेशन
दिल्ली के एक स्टूडेंस ने सीबीएसई से अपनी बायोलॉजी की आंसर शीट गुम होने की शिकायत की थी और अब बोर्ड ने उनकी कॉपी उन्हें उपलब्ध करा दी है, जानें आखिर क्या है पूरा मामला...
दिल्ली के इंटरमीडिएट के स्टूडेंट तनिष्क वत्स और उनके परिवार ने सीबीएसई के बोर्ड का रिजल्ट जारी करने के बाद कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए थे. यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसे बार सीबीएसई ने अब इस मामले पर कार्रवाई करते हुए स्टूडेंट की बायोलॉजी की आंसर शीट जारी कर दी है. तनिष्क ने सीबीएसई की इंटरमीडिएट परीक्षा में 81 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए हैं. हालांकि परिवार का आरोप था कि रिजल्ट जारी होने के बाद जो मार्कशीट मिली उसमें सब्जेक्ट वाइज मार्क्स थे ही नहीं. इस डॉक्यूमेंट में सिर्फ सब्जेक्ट कोड, सब्जेक्ट के नाम और कुछ ग्रेड थे जबकि रिजल्ट के आखिर में RL लिखा हुआ था जिसका मतलब है Result Later यानी अपनी रिजल्ट प्रक्रियाधीन है और स्टूडेंट का फाइनल रिजल्ट अभी जारी नहीं किया गया है.
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तनिष्क के पिता सचिन वत्स ने दावा किया कि इस तरह के रिजल्ट की वजह से परिवार कई दिनों तक स्कूल और सीबीएसई अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़े. बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें समय पर कोई स्पष्ट समाधान नहीं दिया गया. बाद में 18 मई को रिवाइज्ड मार्कशीट जारी की गई जिसमें स्टूडेंट के सब्जेक्ट वाइज मार्क्स थे.
मामला यहीं नहीं रुका. दोबारा रिजल्ट जारी होने के बाद परिवार ने रि-वैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत छह विषयों की आंसर शीट की स्कैन की गई प्रतियां मांगीं. परिवार का आरोप था कि उन्हें केवल पांच आंसर शीट ही उपलब्ध कराई गईं. बायोलॉजी की आंसर शीट गायब थी. परिवार का कहना है कि इस वजह से वे सभी विषयों के रि-वैल्यूएशन के लिए पूरी तरह आवेदन नहीं कर पा रहे थे, जबकि इसके लिए निर्धारित अंतिम तिथि 6 जून थी.
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परिवार ने सीबीएसई से मांग की थी कि उनके बच्चे की सभी आंसर शीट उपलब्ध कराई जाए जिससे वह अपने रि-इवैल्यूएशन के अधिकार का इस्तेमाल कर सके. यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब सीबीएसई ने साफ किया है कि इस समस्या का समाधान कर दिया गया है और स्टूडेंट को बायोलॉजी की आंसर शीट उपलब्ध करा दी गई है. बोर्ड ने यह भी पुष्टि की कि रिवाइज्ड मार्कशीट रिजल्ट घोषित होने के पांच दिन बाद जारी कर दी गई थी. इस पूरे मामले ने रिजल्ट जारी होने के बाद स्टूडेंट्स को मिलने वाली सेवाओं और रिवैल्यूएशन प्रोसेस की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है.
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