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फराह खान के तीनों बच्चे स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद अब हायर स्टडीज के लिए अमेरिका रवाना हो गए हैं. जानें वह किन इंस्टीट्यूट्स के कौन सा कोर्स करेंगे...
फिल्म मेकर फराह खान अपने मदरहुड के एक बेहद भावुक दौर से गुजर रही हैं. उनके तीनों बच्चों की स्कूल की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और अब वे अपनी कॉलेज लाइफ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. दिवा, अन्या और ज़ार अपनी हायर स्टडीज के लिए अमेरिका जा रहे हैं. तीनों भाई-बहन अमेरिका के अलग-अलग शहरों और संस्थानों के कैंपस में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे.
फराह खान के तीनों बच्चों का जन्म फरवरी 2008 में आईवीएफ तकनीक के जरिए हुआ था. मई 2026 में तीनों ने मुंबई के मशहूर धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है. उस खास मौके की तस्वीरें फराह खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फैंस के साथ साझा भी की थीं. अब स्कूल की पढ़ाई खत्म होने के बाद तीनों बच्चे अपने सपनों को उड़ान देने के लिए अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटीज में दाखिला ले चुके हैं.
फराह के तीनों बच्चों ने अपने फ्यूचर के लिए अलग-अलग करियर ऑप्शन्स चुने हैं. उनकी यूनिवर्सिटी भी अलग-अलग है. धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के ऑफिशियल हैंडल से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, बेटी दिवा ने बाबसन कॉलेज में एडमिशन लिया है. यहां वह एंटरप्रेन्योरशिप और फाइनेंस की पढ़ाई करेंगी. मैसाचुसेट्स में स्थित यह संस्थान बिजनेस एजुकेशन और उद्यमिता की फील्ड में दुनिया भर में प्रसिद्ध है.
फराह खान की दूसरी बेटी अन्या ने अमेरिकी की प्रतिष्ठित न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी जॉइन की है. NYU में वह इकोनॉमिक्स और डेटा साइंस की पढ़ाई करेंगी. यह आधुनिक कोर्स इकोनॉमिक्स को एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ता है. इकोनॉमी की दुनिया में ऐसे एक्सपर्ट्स की भारी मांग है जिन्हें अर्थशास्त्र के साथ-साथ डेटा साइंस का भी नॉलेज हो.
दोनों बहनों से अलग रास्ता चुनते हुए भाई ज़ार ने एमोरी यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया है. वह वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन बिजनेस कोर्स करेंगे. यह अत्याधुनिक कोर्स एआई टेक्निक को बिजनेस मैनेजमेंट से जोड़ता है. यह आज के समय में करियर के लिहाज से बेहद कोर्स है.
बच्चों की कॉलेज लाइफ शुरू होने पर फराह खान काफी भावुक नजर आईं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने बच्चों की तस्वीरें शेयर कीं. उनका मानना है कि बच्चों की परवरिश करना जितना मुश्किल है, उन्हें खुद से दूर भेजना उससे भी ज्यादा कठिन होता है. बच्चों को विदा करते समय उन्होंने दिल से दुआ दी कि उनके बच्चे पूरी आजादी के साथ अपने सपनों को पूरा करें और साथ ही उन्हें यह हिदायत भी दी कि उनके पास लौटने के लिए एक प्यार भरा घर मौजूद है.