Advertisement

इंजीनियरिंग के बाद मोटे पैकेज की मिली थी जॉब, लड़के ने UPSC में भी कर दिया कमाल, जानें राज कृष्ण झा की कहानी

बिहार के छोटे से शहर से आने वाले राज कृष्ण झा ने यूपीएससी 2024 की परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की है, जानें उनकी सफलता की कहानी...

Latest News
इंजीनियरिंग के बाद मोटे पैकेज की मिली थी जॉब, लड़के ने UPSC में भी कर दिया कमाल, जानें राज कृष्ण झा की कहानी

Raj Krishna Jha

Add DNA as a Preferred Source

बिहार के एक छोटे से शहर सीतामढ़ी से आने वाले राज कृष्ण झा बचपन से ही सिविल सेवा में शामिल होने का सपना देखते थे. उन्हें कम उम्र से ही यह अंदाजा हो चुका था कि अगर उन्हें समाज की मदद करनी है तो सिविल सेवा से बढ़िया कोई विकल्प नहीं हो सकता. दूसरों की मदद करने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली जो नेपाल के स्कूल में गणित के शिक्षक थे. उनकी मां ने भी अपना जीवन समर्पित कर दिया कि राज को हर चीज में सर्वश्रेष्ठ मिले.

8वीं रैंक के साथ क्रैक की थी UPSC

राज कृष्ण झा का सपना तब पूरा हुआ जब उन्होंने यूपीएससी  2024 सिविल सेवा के नतीजों में अपना नाम आठवें स्थान पर देखा. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मेरी यात्रा अभी शुरू हुई है और मुझे अभी बहुत कुछ करना है. मैं समाज की हर संभव मदद करने के लिए उत्साहित हूं.' हालांकि यह पहली बार नहीं था जब उन्होंने सफलता का स्वाद चखा हो. 

परीक्षाओं में टॉप करने का सिलसिला बचपन से ही शुरू हो गया था. उन्होंने बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी और यहां उन्हें 81.8% मार्क्स मिले थे. स्कूलिंग खत्म होने के बाद उन्होंने इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया. साल 2018 से वह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड में जॉब कर रहे हैं और फिलहाल वह कोल्हापुर के एचपीसीएल के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन विंग में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हैं. 

पांचवें अटेम्प्ट पास की यह कठिन परीक्षा

साल 2020 से उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी. इसके बाद उन्होंने लगातार यूपीएससी के अटेम्प्ट दिए लेकिन सफल नहीं हो पाए. इस बार यह उनका पांचवां प्रयास था. भले ही उन्होंने कई बार यूपीएससी की परीक्षा दी हो लेकिन इस बार वह पहली बार इंटरव्यू पैनल के सामने बैठे थे. हालांकि जब वह पैनल से मिले तो उनका डर बिलकुल गायब हो गया क्योंकि यह इंटरव्यू कम बल्कि चर्चा ज्यादा लग रहा है.

राज कृष्ण झा की सफलता की कहानी यह दिखाती है कि अपनी मंजिल हासिल करने के लिए आपका किसी बड़े शहर से होना जरूरी नहीं है बल्कि अपनी लगन, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर आप कोई भी कठिन मंजिल पा सकते हैं. इतना ही नहीं आप अपने जैसे दूसरे लोगों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन सकते हैं.

अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगलफेसबुकx,   इंस्टाग्रामयूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement