डीएनए स्पेशल
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पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद जिला इन दिनों हिंसा की आग में जल रहा है। वक्फ कानून के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन अब बेकाबू हो चुका है। शुक्रवार को भड़की हिंसा ने धुलियान इलाके में डर और दहशत का ऐसा माहौल बना दिया है कि लोग अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हो गए। खासकर हिंदू समुदाय के लोग दंगाइयों के खौफ से गांव छोड़कर मालदा के राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं। धुलियान में दंगाइयों ने किसी को नहीं बख्शा। घर, मंदिर और दुकानें… सभी को आग के हवाले कर दिया गया। भीड़ का हिंसक चेहरा देखकर लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। हिंसा से डरकर कई हिंदू परिवार मालदा जिले के लालपुर हाई स्कूल में शरण लेने पहुंचे हैं। लेकिन यहां भी हालात बेहतर नहीं हैं। स्कूल को पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया है और किसी को बाहर निकलने की इजाजत नहीं है। नतीजतन राहत कैंप में रह रहे लोग भोजन और दवाईयों की कमी से परेशान हैं। पीने का पानी तक ठीक से नहीं मिल पा रहा है। पीड़ितों की हालत एक तरह से कैदी जैसी हो गई है।