डीएनए स्पेशल
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध ज़मीन पर ही नहीं, डिजिटल दुनिया में भी छिड़ी हुई है. क्या रूस जीत रहा है यूक्रेन से सूचना की लड़ाई भी?
डीएनए हिंदी : यूक्रेन पर रूस(Russia) के हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर ज़ेलेन्स्की(Volodymyr Zelenskyy) ने लगभग पूरी दुनिया से संपर्क साधने की कोशिश की है. इस कोशिश में उन्होंने ब्रिटेन के संसद हाउस ऑफ़ कॉमन को भी सम्बोधित किया है. हाउस ऑफ़ कॉमन का उनका भाषण इतना ज़ोरदार और भावुक था कि सभी सदस्यों ने खड़े होकर अभिवादन किया. ज़ेलेन्स्की की यूक्रेन को बचाने की कोशिशों की दुनिया भर में तारीफ़ हो रही है पर क्या वेब पर वायरल हो रहे यूक्रेनी राष्ट्रपति साइबर या सूचना युद्ध में जीत पा रहे हैं?
रूस में स्वतंत्र पत्रकारों को चुप करवाने और रूसी प्रोपगंडा चलाने के लिए लाया गया नया कानून
पुतिन(Vladimir Putin) ने रूस के सभी स्वतंत्र मीडिया हाउस को बंद कर दिया है. साथ ही नए कानून के मुताबिक़ पत्रकारों के लिए यूक्रेन के बारे में सच लिखने को अवैध घोषित कर दिया है. रूसी सरकार ने invasion शब्द को भी अवैध घोषित कर दिया है. इसे ख़ास मिलिट्री ऑपरेशन का नाम दिया जा रहा है. पुतिन के शासन ने डिजिटल दुनिया एक लोहे का पर्दा सरीख़ा लगा दिया है. रपटों के मुताबिक़ रूसी जनता तक वही तस्वीर पाहून रही है जैसा पुतिन लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं. तक़रीबन दस हज़ार से अधिक रूसियों को यूक्रेन के समर्थन में बोलने के लिए गिरफ़्तार कर लिया गया है.
ज़ेलेन्स्की के पास हैं लगभग तीन लाख की आई टी आर्मी
एक तरफ़ जहां पुतिन(Vladimir Putin) ने रूस में साइबर फ़ायरवॉल तैयार किया है ताक़ि सूचनाएं ठीक वैसे ही और उसी रूप में बाहर जाए जैसा रूसी सरकार चाहती है, यूक्रेन ने लगभग तीन लाख लोगों की एक आई टी आर्मी तैयार की है जो रूसी प्रोपगंडा का जवाब दे रही है और रूस की सरकारी मीडिया को हैक कर यूक्रेनी पक्ष रखने की कोशिश कर रही है.
इसके बावजूद माना जा रहा है कि पुतिन के द्वारा रुसी मीडिया तक पहुंच रही जानकारी को नियंत्रित करने की कोशिशों की वजह से पुतिन पर अपने देश में वह दवाब नहीं पैदा हो पा रहा जिससे वह यूक्रेन (Ukraine) से सेना हटाए.