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Shivsena ने दिया नए साल का तोहफा, 16 लाख परिवारों को होगा इस फैसले से फायदा

मुंबई निगम क्षेत्र की सीमा में मौजूद 500 स्क्वायर फीट तक के सभी घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स माफ कर दिया गया है.

Shivsena ने दिया नए साल का तोहफा, 16 लाख परिवारों को होगा इस फैसले से फायदा
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डीएनए हिंदी: मुंबईवासियों को महाविकास अघाड़ी सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है. मुंबई निगम क्षेत्र की सीमा में मौजूद 500 स्क्वायर फीट तक के सभी घरों पर प्रॉपर्टी टैक्स माफ कर दिया गया है. इनपर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इस पर नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया है. उन्होंने कहा की मुंबई (Mumbai) में 500 वर्ग फीट के घरों में रहने वालों का कर माफ किया जा रहा है.

मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को शहरी विकास विभाग के साथ एक बैठक की थी. जहां उन्होंने बैठक में इससे जुड़ी घोषणा की थी. बता दें कि यह घोषणा मुंबई के निगम चुनावों से पहले की गई. मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जल्द से जल्द इस फैसले को तत्काल लागू करने के लिए कहा है. हालांकि देखने वाली बात यह है की यह घोषणा शिवसेना ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में की थी. जिसके बाद मुंबई नगर निगम से मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव राज्य सरकार के पास था. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री (Urban Development Minister) एकनाथ शिंदे ने इसकी जानकारी दी.  

बता दें कि 2019 में शिवसेना ने चुनावी गठबंधन के दौरान बीजेपी (BJP) के सामने दो महत्वपूर्ण शर्तें रखी थीं. जिसमें नाणार ग्रीन परियोजना रद्द करने और 500 स्क्वायर फुट के घर में रहने वालों को प्रॉपर्टी में टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा था. जिसके बाद फडणवीस सरकार ने शिवसेना की दोनों शर्तें मान ली थीं. 
अब जाकर मुंबई के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबईवासियों को यह बड़ा गिफ्ट देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जनता से संवाद किया और कहां कि 'हम झूठे वादे नहीं करते हैं, हम अपना वडा निभाते हैं. आश्वासन देकर मुकर जाना शिवसेना की परंपरा नहीं है. हमने 2017 में 500 स्क्वायर फुट तक के घरों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने का वचन दिया था. आज उस वादे को शिवसेना ने पूरा कर दिया है..’

कितना परिवारों को होगा फायदा 

इस घोषणा से मुंबई-ठाणे के 16 लाख से ज्यादा परिवारों को फायदा मिलेगा. वहीं बीएमसी (BMC) को इससे सालाना 340 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा.

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