Advertisement

सबसे पहले कहां हुई थी Republic Day की परेड, कौन था मुख्‍य अतिथि?

Republic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर पहले लालकिला, रामलीला मैदान और किंग्सवे कैंप में परेड होती थी. 

सबसे पहले कहां हुई थी Republic Day की परेड, कौन था मुख्‍य अतिथि?

do you know where the first republic day parade took place and who is first chief guest

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर राजपथ पर दुनिया देश का पराक्रम देखती है. सशस्त्र बलों की परेड और झांकियां लोगों का मन मोह लेती हैं. क्या आपको पता है कि पहली गणतंत्र दिवस परेड (First Republic Day Parade) कहां हुई थी? अगर आपको भी लगता है कि पहली परेड राजपथ पर हुई थी तो आप गलत हैं. दिल्ली में 26 जनवरी, 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर न होकर इर्विन स्टेडियम में हुई थी, जिसे आज नेशनल स्टेडियम के नाम से जाना जाता है. उस समय स्टेडियम में दीवारें नहीं था जिससे इसके पीछे पुराना किला साफ दिखाई देता था. 

यह भी पढ़ेंः Republic Day 2022: दुनिया की इकलौती घुड़सवार सेना है 61 cavalry, करती है राष्ट्रपति की सुरक्षा

कहां होती थी परेड 
जानकारी के मुताबिक 1950-1954 के बीच दिल्ली में गणतंत्र दिवस का समारोह (Republic Day Parade) कभी इर्विन स्टेडियम, किंग्सवे कैंप, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में आयोजित हुआ करता था. इसके बाद यह परेड रायसीना हिल से राजपथ होते हुए लालकिले तक होने लगी. करीब 8 किमी लंबी इस परेड में समय-समय पर कई बदलाव हुए हैं. 

कौन था पहला मुख्य अतिथि? 
गणतंत्र पर पहले मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे. उन्हें इस कार्यक्रम के लिए विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. इसी के बाद पहली बार 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित हुआ. समारोह में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी हो इसके लिए 1951 से गणतंत्र दिवस समारोह किंग्सवे पर होने लगा. आज इसी किंग्सवे को राजपथ के नाम से जाना जाता है.  

यह भी पढ़ेंः Republic Day पर भी राजनीति! ममता सरकार ने विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari को नहीं भेजा निमंत्रण

डॉ. राजेंद्र प्रसाद बने थे पहले राष्ट्रपति
26 जनवरी 1950 को देश के पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने सुबह दस बजकर अठारह मिनट पर भारत को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया था. इसके 6 मिनट बाद ही डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद (Rajendra Prasad) को भारतीय गणतंत्र के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई. तब राष्ट्रपति भवन को गवर्मेंट हाउस के नाम से जाना जाता था. यहीं पर दरबार हाल में शपथ लेने के बाद राजेंद्र प्रसाद को साढ़े दस बजे तोपों की सलामी दी गई थी. तोपों की सलामी की यह परंपरा 70 के दशक से आज तक कायम है.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement