डीएनए स्पेशल
US-Russia Row: अमेरिका और रूस के बीच ताकत और वर्चस्व की लड़ाई दशकों से चल रही है.
डीएनए हिंदीः रूस और यूक्रेन के बीच तनातनी का कारण अमेरिका ने भी रूस पर कई प्रतिबंध लगा दिए. अब दोनों देशों के बीच 2 हाई प्रोफाइल कैदियों की अदला बदली हुई है. दुनिया के सबसे कुख्यात हथियारों के डीलर में से एक विक्टर बाउट (Viktor Bout) को अमेरिका की जेल से बास्केटबॉल स्टार ब्रिटनी ग्रिनर (Brittney Griner) के बदले रिहा किया गया है. ग्रिनर को इस साल फ़रवरी में मास्को में हिरासत में लिया गया था. उनके लगेज से कथित तौर पर गांजे का तेल बरामद हुआ था. वो रूस में खेलने के बाद वापस अपने देश लौट रहीं थीं. 32 साल की ग्रिनर और 55 साल के विक्टर बाउट की रिहाई अमेरिका और रूस के संबंधों का अहम मोड़ है.
कौन है विक्टर बाउट
विक्टर बाउट रूस की एयरफोर्ट का पूर्व अधिकारी है. बाउट ताजिकिस्तान में पैदा हुए हैं और रूस के नागरिक हैं. उसकी पहचान हथियारों के कुख्यात डीलर के रूप में होती है. उसे 2008 में अमेरिका ने एक स्टिंग ऑपरेशन में थाइलैंड से गिरफ्तार किया था. इसके बाद थाईलैंड से उसका अमेरिका में प्रत्यर्पण किया गया था. अमेरिका की जेल में बंद बाउट को 2012 में 25 सालों की कैद की सजा सुनाई गई थी. दूसरी तरफ रूस उसे बिजनेसमैन बताता है. रूस का कहना है कि बाउट को गलत तरीके से फंसाया गया है. बता दें कि 2005 में बनी हॉलीवुड एक्टर निकोलस केज की फिल्म 'लॉर्ड ऑफ वार' विक्टर बाउट पर ही आधारित थी.
2012 में हुई थी गिरफ्तारी
अप्रैल 2012 में बाउट को 25 साल कैद की सज़ा सुनाई गई थी. उन पर अमेरिकी नागरिकों और अधिकारियों की हत्या की साज़िश रचने के आरोप साबित हुए थे. इसके अलावा आतंकवादी संगठन की मदद करने और एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें बेचन के आरोप भी उन पर साबित हुए थे. अमेरिका का आरोप है कि बाउट जो हथियार वो बेचने जा रहे हैं उनका इस्तेमाल कोलंबिया के अधिकारियों के साथ काम कर रहे अमेरिकी पायलटों को मारने में किया जाएगा.
ग्रिनर के बदले अमेरिका से हुई रिहाई
विक्टर बाउट को अमेरिका की ओलंपियन ग्रिनर के बदले छोड़ा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि उन्होंने ग्रिनर से बात की थी और वह रूस में गैर जरूरी प्रताड़ना झेलने के बाद भी अच्छी हालत में हैं. ग्रिनर दो बार ओलंपिक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं. वह WNBA चैम्पियन हैं और LGBTQ अधिकारों के लिए भी काम करती हैं. उन्हें मास्को एयरपोर्ट पर तब गिरफ्तार किया गया था जब यूक्रेन को लेकर रूस और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर था. ग्रिनर पर थोड़ी मात्रा में गांजा रखने का आरोप लगा था, उनके पास कथित तौर पर वेप कार्टिरेज भी मिला था. अगस्त में उन्हें नौ साल की जेल की सजा सुनाई गई थी.
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