डीएनए स्पेशल
जब एक पाकिस्तानी दिग्गज लेग स्पिनर ने सचिन तेंदुलकर को चैलेंज करने की हिम्मत दिखाई तो उसे इसका खामियाजा अपने करियर की सबसे बुरी धुनाई के साथ भुगतना पड़ा था. जानिए आखिर क्या थी पूरी कहानी...
Ind vs Pak: क्रिकेट के भगवान कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर के करियर की शुरुआत बेहद धमाकेदार हुई थी. महज 16 साल की उम्र और पाकिस्तान की धरती, जहां क्रिकेट खेलने को लीजेंडरी बल्लेबाज सुनील गावस्कर भी सबसे बड़े चैलेंज में से एक मानते थे. इसके बावजूद सचिन ने 'पूत के पांव पालने में दिखाई देने' वाली कहावत को चरितार्थ कर दिया था.
सचिन तेंदुलकर ने 1989 के पाकिस्तान दौरे पर टीम इंडिया के लिए कराची टेस्ट मैच में करियर की शुरुआत की थी, जिसमें महज 16 साल की उम्र में उन्होंने इमरान खान (Imran Khan), वसीम अकरम (Wasim Akram) और वकार यूनुस (Waqar Younis) जैसे दिग्गज गेंदबाजों की गेंदों को किसी धुरंधर की तरह बाउंड्री का रास्ता दिखाया था. इस टेस्ट में हेलमेट में यूनुस की गेंद लगने पर घायल होने के बावजूद सचिन तेंदुलकर ने फिफ्टी ठोकी थी. लेकिन वर्ल्ड क्रिकेट को सचिन के आगमन की सूचना इससे पहले ही बेहद धमाकेदार तरीके से मिल चुकी थी, जब एक पाकिस्तानी दिग्गज लेग स्पिनर ने सचिन को चैलेंज करने की हिम्मत दिखाई और उसे इसका खामियाजा अपने करियर की सबसे बुरी धुनाई के साथ भुगतना पड़ा था. ये लेग स्पिनर थे अब्दुल कादिर. क्या था वो किस्सा चलिए हम आपको बताते हैं.
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कादिर को पाकिस्तानी क्रिकेट इतिहास के ही नहीं दुनिया के बेस्ट स्पिनर्स में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि वे लेग स्पिन में 10 अलग-अलग तरह की गेंद फेंकने में माहिर थे. इस वेरिएशन के कारण ही उनकी फिरकी को खेलना बेहद मुश्किल माना जाता था. कादिर ने पाकिस्तान के लिए 67 टेस्ट मैच में 236 टेस्ट विकेट और 104 वनडे मैच में 132 विकेट चटकाए थे.
पाकिस्तान दौरे पर गई टीम इंडिया को 16 दिसंबर, 1989 को पेशावर में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के खिलाफ वनडे मैच खेलना था. खराब मौसम के कारण यह मैच रद्द हो गया, लेकिन स्टेडियम में दर्शकों की जबरदस्त भीड़ जमा थी. दर्शकों की मांग पर दोनों टीमें 20-20 ओवर का एक फ्रेंडली वनडे मैच खेलने के लिए तैयार हो गई. इस प्रदर्शनी मैच में सचिन तेंदुलकर जब विकेट पर आए तो उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों को जोरदार शॉट लगाने शुरू कर दिए. इस पर कादिर ने उन्हें चैलेंज किया.
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इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कादिर ने खुद कहा था कि उन्होंने सचिन के उकसाकर आउट करने के लिए उन्हें चैलेंज दिया था. उन्होंने कहा कि भारत को जीत के लिए 5 ओवर में 70 रन की जरूरत थी. मैं सीधा सचिन के पास गया और कहा कि तुम बच्चों को छक्के मार रहे हो. दम है तो मुझे मारकर दिखाओ. इस पर सचिन ने कहा कि आप मुझसे बड़े हैं. आपको कैसे हिट कर सकता हूं. कादिर ने कहा कि इसके बाद अगले ओवर में सचिन ने मेरी गेंदों पर 4 छक्के मारे. उस ओवर की छह गेंद पर सचिन ने 6,0,4,6,6,6 के शॉट लगाए और कुल 28 रन आए. कादिर ने इस मैच में 4 ओवर में 44 रन पिटवाए. इसके साथ ही सचिन ने अब्दुल कादिर की वो 'बेइज्जती' कर दी, जिसके बाद उनका करियर महज 2 सीरीज ही चल सका और उन्हें टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट की घोषणा करनी पड़ी.
सचिन ने उस मैच में 18 गेंद में 53 रन की ऐसी पारी खेली थी, जिस पर आज की तारीख में कोई भी टी20 क्रिकेट का बल्लेबाज गर्व महसूस करता. हालांकि सचिन की इस धुआंधार के बावजूद टीम इंडिया महज 4 रन से मैच हार गई, लेकिन इसके बाद पूरे दौरे में दर्शक महज 16 साल के उस लड़के को देखने के लिए ही स्टेडियम आए. सचिन के कारण दर्शकों के स्टेडियम आने की यह महज शुरुआत थी, जो साल 2013 तक यूं ही बदस्तूर चलती रही.
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