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'हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने का इरादा नहीं', राहुल गांधी के इस बयान पर जान लें राष्ट्र भाषा और राज भाषा की कहानी

राहुल गांधी ने कहा कि वह हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने का इरादा नहीं रखते हैं. क्या आप जानते हैं कि राष्ट्र भाषा और राज भाषा में क्या अंतर होता है.

'हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाने का इरादा नहीं', राहुल गांधी के इस बयान पर जान लें राष्ट्र भाषा और राज भाषा की कहानी

Hindi is not National language

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डीएनए हिंदी: बीते महीने ही हमने हिंदी दिवस मनाया है. हिंदी पखवाड़े के दौरान हिंदी भाषा से जुड़े कई कार्यक्रम भी हुए. हिंदी भाषा के बारे में सोशल मीडिया से लेकर इन कार्यक्रमों तक हर व्यक्ति ने अपनी राय रखी और फिर हिंदी वापस उसी जगह पर आ गई जहां वह रहती है. मगर इस महीने फिर एक बार हिंदी की चर्चा है. राहुल गांधी भारत जोड़ों यात्रा कर रहे हैं. इस यात्रा के दौरान राष्ट्र भाषा के तौर पर हिंदी को पहचान दिलाने का सवाल उठा तो राहुल गांधी ने इससे साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि उनका इरादा हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का बिल्कुल नहीं है. कर्नाटक के लोगों को भरोसा दिलाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कन्नड़ (Kannada) जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की पहचान को कोई खतरा नहीं है. 

इसी के साथ हिंदी भाषा से जुड़े कुछ सवाल फिर उठते हैं. मसलन क्या आप जानते हैं कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं है? क्या आप जानते हैं कि राष्ट्र भाषा और राज भाषा में क्या अंतर होता है? क्या आपको मालूम है कि मातृ भाषा और राष्ट्र भाषा अलग होती हैं? जान लीजिए इन सभी सवालों के जवाब-

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हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं है
कई बार भाषण देते वक्त या अपनी बात रखते वक्त लोग कह बैठते हैं कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है. मगर तथ्यात्मक रूप से यह बात पूरी तरह गलत है. हमारे देश में ज्यादातर लोग हिंदी बोलते हैं, लेकिन हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं है. राष्ट्र भाषा वह भाषा होती है जिसे किसी देश के सभी लोग बोलते हैं, जो देश की पूरी जनता की भाषा होती है. भारत की कोई राष्ट्र भाषा नहीं है, क्योंकि यह एक विविधताओं भरा देश है और यहां कई राज्यों में अलग-अलग भाषाएं बोली जाती हैं.

हिंदी हमारी राज भाषा
यह जानना जरूरी है कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं है, बल्कि हिंदी हमारी राज भाषा है. राज भाषा से मतलब है कामकाज की भाषा. 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत से हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया था.

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मातृ भाषा क्या होती है?
मातृ भाषा उस जगह से जुड़ी होती है जहां हम पैदा होते हैं. मसलन जिस जगह हम पैदा हुए वहां बोली जाने वाली भाषा और बोली हमारी मातृ भाषा कहलाती है. अगर आप पंजाब में पैदा हुए तो मातृ भाषा पंजाबी, अगर बंगाल में पैदा हुए तो मातृभाषा बंगला इत्यादि.

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