डीएनए एक्सप्लेनर
AI adoption business productivity: नई वैश्विक रिपोर्टें बताती हैं कि केवल AI अपनाना काफी नहीं है. जिन कंपनियों ने AI को पूरे बिजनेस मॉडल में उतारा है, उनकी उत्पादकता और मुनाफा दोनों तेज़ी से बढ़े हैं, जबकि बाकी कंपनियां अभी भी प्रयोग के दौर में फंसी हुई हैं.
क्या AI अब सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि कंपनियों की कमाई का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है? पिछले दो साल में यह सवाल लगातार उठ रहा था, लेकिन अब सामने आए नए ग्लोबल डेटा इस बहस को नई दिशा दे रहे हैं.
दुनिया की कई बड़ी रिसर्च रिपोर्ट्स और कॉर्पोरेट नतीजों से संकेत मिल रहे हैं कि जिन कंपनियों ने AI को केवल चैटबॉट या छोटे-छोटे प्रयोग तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अपने पूरे बिजनेस ऑपरेशन का हिस्सा बनाया, वे बाकी कंपनियों की तुलना में ज्यादा मुनाफा कमा रही हैं. इसका असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं है. आने वाले समय में नौकरी, निवेश और बिजनेस की रणनीति पर भी इसका सीधा असर दिख सकता है.
वैश्विक कंसल्टिंग फर्म McKinsey के नए सर्वे में सबसे बड़ा संकेत यही मिला कि लगभग 90 प्रतिशत संगठन किसी न किसी रूप में AI के साथ प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन केवल 7 प्रतिशत कंपनियां ही AI को पूरे संगठन में बड़े पैमाने पर लागू कर पाई हैं.
यहीं सबसे बड़ा अंतर दिखाई देता है. रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों ने AI को कई विभागों में एक साथ लागू किया है, उनकी उत्पादकता और लाभप्रदता अपने प्रतिस्पर्धियों से काफी बेहतर है. तीन साल के निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी ऐसे संगठनों में कई गुना अधिक देखा गया. यानी असली मुकाबला अब AI इस्तेमाल करने का नहीं, बल्कि उसे बिजनेस का स्थायी हिस्सा बनाने का है. यही बात कई कंपनियां अभी तक समझ नहीं पाई हैं.
PwC की 2026 AI Performance Study एक दिलचस्प तस्वीर पेश करती है. रिपोर्ट के मुताबिक AI से मिलने वाले आर्थिक लाभ का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा केवल 20 प्रतिशत कंपनियों के पास जा रहा है.
ये वही कंपनियां हैं जिन्होंने केवल लागत घटाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि AI की मदद से नए बिजनेस मॉडल, नए उत्पाद और तेज़ निर्णय लेने की क्षमता विकसित की. रिपोर्ट बताती है कि सफल कंपनियां AI को पुराने सिस्टम पर चिपकाने के बजाय पूरे वर्कफ्लो को दोबारा डिज़ाइन कर रही हैं. यही वजह है कि AI अपनाने और AI से पैसा कमाने वाली कंपनियों के बीच अब बड़ा अंतर दिखाई देने लगा है.

सिर्फ सर्वे ही नहीं, कंपनियों के वित्तीय नतीजे भी इसी ट्रेंड की तरफ इशारा कर रहे हैं.
Reuters के मुताबिक Siemens ने जून तिमाही में अपना अब तक का सबसे अधिक औद्योगिक मुनाफा दर्ज किया. कंपनी का इंडस्ट्रियल प्रॉफिट 25 प्रतिशत बढ़कर 3.52 अरब यूरो पहुंच गया. कंपनी ने इसका एक बड़ा कारण AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और स्मार्ट फैक्ट्री से जुड़ी मजबूत मांग को बताया. Siemens ने यह भी कहा कि वह दुनिया के 10 सबसे बड़े डेटा सेंटर प्रदाताओं में से 9 के साथ काम कर रही है. यह संकेत देता है कि AI केवल सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं है. मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल सेक्टर भी इससे कमाई बढ़ा रहे हैं.
हाल के दिनों में Morgan Stanley ने भी ऐसे शेयरों की सूची जारी की, जिन कंपनियों ने AI को प्रभावी ढंग से अपनाया है. रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों के नेट प्रॉफिट मार्जिन में पिछले तीन महीनों में लगभग 50 बेसिस प्वाइंट का सुधार देखा गया, जबकि उनका प्रदर्शन व्यापक बाजार से बेहतर रहा. इसका मतलब यह नहीं कि हर AI कंपनी निवेश के लिए सही है. बल्कि बाजार अब उन कंपनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है जिनके पास AI से वास्तविक कमाई का मॉडल है. यानी भविष्य में निवेशकों को केवल "AI" शब्द देखकर फैसला नहीं लेना होगा, बल्कि यह समझना होगा कि कंपनी AI से वास्तव में पैसा कैसे बना रही है.
AI से कंपनियों की कमाई बढ़ रही है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है. Business Insider की हालिया रिपोर्ट बताती है कि कई बड़ी कंपनियां AI आधारित ऑटोमेशन के साथ अपनी कार्यप्रणाली बदल रही हैं और कुछ जगहों पर कर्मचारियों की संख्या भी घटाई जा रही है. दूसरी तरफ AI से जुड़े नए कौशल वाले कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है. यानी आने वाले वर्षों में सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो AI के साथ काम करना सीखेंगे, न कि उससे बचने की कोशिश करेंगे.
वहीं Thomson Reuters की 2026 रिपोर्ट चेतावनी देती है कि जो कंपनियां AI लागू करने में पीछे रह जाएंगी, उन्हें राजस्व और प्रतिभाशाली कर्मचारियों दोनों का नुकसान उठाना पड़ सकता है. ([Thomson Reuters][6])
इन सभी रिपोर्टों को एक साथ देखा जाए तो एक बात साफ दिखती है. AI अब केवल टेक्नोलॉजी खर्च नहीं रह गया है. यह कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का पैमाना बनता जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि सबसे सफल कंपनियां AI को केवल लागत कम करने के लिए नहीं, बल्कि नए बाजार बनाने, तेजी से फैसले लेने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं. यही वजह है कि उनकी कमाई में अंतर धीरे-धीरे और बड़ा हो रहा है.
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI अपनाना अपने आप में सफलता की गारंटी नहीं है. अच्छी गवर्नेंस, मजबूत डेटा और सही बिजनेस रणनीति के बिना AI प्रोजेक्ट अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाते.
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