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रेव पार्टी क्या है? पार्टी में क्या-क्या होता है?

रेव पार्टियों (Rave Parties) में शामिल युवाओं को ‘मस्‍ती’ करने की पूरी छूट होती है. इसमें एंट्री के लिए अच्‍छी-खासी रकम वूसली जाती है.

रेव पार्टी क्या है? पार्टी में क्या-क्या होता है?

रेव पार्टी.

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डीएनए हिंदी: रेव पार्टी (Rave Party) जिसे साधारण भाषा में डांस पार्टी भी कह सकते है. इसमें एक अलग तरह का म्यूजिक बजाया जाता है जिसे इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक कहा जाता है. रेव पार्टियों में शामिल युवाओं को ‘मस्‍ती’ करने की पूरी छूट होती है. इसमें एंट्री के लिए अच्‍छी-खासी रकम वूसली जाती है. आयोजन स्थल पर हजारों वॉट के संगीत पर युवा थिरकते हैं.

इन पार्टियों में ड्रग्स लेने का चलन

कोकीन, हशीश, चरस, एलएसडी, मेफेड्रोन, एक्‍सटसी जैसे ड्रग्‍स लिए जाते हैं. अधिकतर रेव पार्टियों में ड्रग्‍स उपलब्ध करने का जिम्‍मा ऑर्गनाइजर्स का होता है. कुछ रेव पार्टियों में ‘चिल रूम्‍स’ भी होते हैं जहां खुलेआम लोग सेक्‍स करते हैं. कई क्‍लब्‍स में ड्रग्‍स के कुछ साइड-इफेक्‍ट्स जैसे डिहाड्रेशन और हाइपरथर्मिया को कम करने के लिए पानी और स्‍पोर्ट्स ड्रिंक्‍स भी उपलब्‍ध कराई जाती हैं.

भारत की ज्‍यादातर रेव पार्टियों में एक्‍सटसी पिल्‍स, कोकीन और एसिड (लिसर्जिक एसिड डाईथिलामाइड), कीटामाइन, गांजा, हशीश का इस्‍तेमाल होता है. इनमें से ज्‍यादातर ड्रग्‍स नैचरल नहीं है, उन्‍हें केमिकल लैब में सिंथेसाइज किया जाता है. ज्‍यादातर ड्रग्‍स का असर करीब 8 घंटे तक रहता है. कोकेन एक ताकतवर नर्वस सिस्‍टम स्टिमुलेंट है. इसका असर 15 मिनट से लेकर घंटे भर तक रहता है. यह अलर्टनेस बढ़ाता है और सेवन करने वाले को लगता है कि सब कुछ मस्‍त है. एक्‍सटसी यानी MDMA रेव पार्टियों का एक मशहूर ड्रग है. इस ड्रग्‍स का असर संगीत, लाइट और संपर्क में आने के साथ बढ़ता है.

रेव पार्टी का इतिहास

यह कहा जाता है कि रेव शब्द की उत्पत्ति 1950 के दशक में इंग्लैंड की राजधानी लंदन में हुई थी जहाँ इसका इस्तेमाल "जंगली बोहेमियन पार्टियों" के संदर्भ में किया गया था. 80 और 90 के दशक में दुनिया बड़ी तेजी से रेव पार्टियों से वाकिफ हुई. हालांकि ऐसी पार्टियों की शुरुआत उससे करीब 20-30 साल पहले हो चुकी थी. लंदन में होने वाली बेहद जोशीली पार्टियों को ‘रेव’ कहा जाता है. अमेरिकी न्‍याय विभाग का एक दस्‍तावेज बताता है कि 1980 के दशक की डांस पार्टियों से ही रेव का चलन शुरू हुआ. तकनीक और ड्रग्‍स के जाल फैलने के साथ—साथ रेव पार्टियों की लोकप्रियता बढ़ती चली गई. भारत में रेव पार्टियों का चलन हिप्पियों ने गोवा में शुरू किया. इसके बाद देश के कई शहरों में रेव पार्टियों का ट्रेंड बढ़ा.

रेव पार्टी में सेलिब्रेटी 

कई सेलिब्रेटीज या तो ड्रग्स के साथ पकड़े जा चुके हैं या फिर ड्रग्स लेने की बात कबूल कर चुके हैं. बॉलीवुड के कई बड़े नाम ड्रग्स का सेवन और रेव पार्टीज करते हुऐ पाए गए हैं. संजय दत्त, फरदीन खान, हनी सिंह, गौरी खान, सुजैन खान, रणबीर कपूर जैसे और भी कई अभिनेता ड्रग्स की चपेट में आ चुके हैं.

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