डीएनए एक्सप्लेनर
Goods and Service Tax क्या होता है और यह देश की GDP में कितना मदद करता है? यहां हम आपको GST के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं.
डीएनए हिंदी: GST काउंसिल या वस्तु व सेवा कर परिषद (GST) की चंडीगढ़ में 47वीं दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई थी. इस दौरान सामानों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए. यह बैठक 28 जून से लेकर 29 जून तक हुई थी. आइए जानते हैं कि GST क्या होता है और ये कैसे आम जनता को प्रभावित करता है?
GST क्या होता है? (What is GST)
वस्तु व सेवा कर दरअसल इनडायरेक्ट टैक्स है. इस वजह से आज भारतीय बाजारों का एकीकरण हो गया है और इंडियन इकोनॉमी को एक स्वरूप के आधार पर एक बाजार में परिवर्तित कर दिया गया है. यह वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगता है. बता दें कि 3 अगस्त 2016 को राज्य सभा ने GST बिल को पास किया था. इस कर ने सभी मौजूदा अप्रत्यक्ष करों की जगह ले रखी है. सरकार ने GST को पूरे देश में 1 अप्रैल 2017 से लागू कर दिया था. GST को तीन भागों में बांटा गया है.
CGST - इसको Central Goods and Service Tax कहते हैं. जब किसी वस्तु या सेवा की राज्य के भीतर सप्लाई होती है तब इसका टैक्स केंद्र सरकार को दिया जाता है. इसे ही CGST कहते हैं. उदाहरण के लिए जब कोई व्यापारी अपने ही राज्य में दूसरे व्यापारी से सामान या सर्विस लेता है तो इस डील के लिए केंद्र सरकार को CGST देना पड़ता है.
SGST - इसको State Goods and Service Tax कहते हैं. जब किसी वस्तु या सामान की सप्लाई राज्य के अंदर होती है तो राज्य सरकार के हिस्से में जाने वाला टैक्स स्टेट टैक्स की परिभाषा में आता है. उदाहरण के लिए जब कोई व्यापारी अपने ही राज्य के व्यापारी से कोई सामान की खरीद बिक्री करता है तो इसपर राज्य सरकार को SGST दिया जाता है.
IGST - इसको Integrated Goods and Service Tax कहते हैं. जब दो अलग-अलग राज्यों के व्यापारियों के बीच सामान या सेवाओं को लेकर व्यापार होता है तो इसपर इंटीग्रेटेड जीएसटी लगता है. यह CGST और SGST दोनों का जोड़ होता है. व्यापारी यह कर सिर्फ केंद्र सरकार को चुकाता है.
GST रिटर्न पर रखी जाती है नजर
जीएसटी सिस्टम में व्यापारियों के कारोबार पर नजर रखने के लिए सरकार ने निगरानी रखने के लिए तमाम स्टेप्स बनाए हैं. व्यापारी प्रत्येक महीने जो भी बिक्री, खरीद और टैक्स देते हैं उसकी पूरी डिटेल सरकार के पास पहुंचती है. ये सारे विवरण ऑनलाइन होते हैं. बिजनेस पर जमा किए गए सभी टैक्स व्यापारियों को क्रेडिट के तौर पर वापस लौटते हैं.
GST के क्या फायदे हैं? (Advantages of GST)
GST से क्या नुकसान हैं? (Disadvantages of GST)
हाल ही में ये कुछ चीजें महंगी हुईं हैं
अब स्थानीय स्तर पर बनाए जाने और वितरण किए जाने वाले दुग्ध और कृषि उत्पाद, जैसे- फिश, दही, पनीर, लस्सी, छाछ, आटा और दूसरे अनाज, शहद, पापड़, मांस-मछली (फ्रोज़न प्रॉडक्ट अपवाद रहेगा), मुरमुरे और गुड़ महंगे हो जाएंगे. इनका व्यापार करने वाले व्यापारियों को 5 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में लाया जा सकता है.
बैंक का चेक इशू करने के लिए जो फीस वसूला जाता है उसे भी अब टैक्स स्लैब में लाया जाएगा.

प्रिंटिंग, राइटिंग और ड्राइंग इंक, चाकू, चम्मच, डेरी मशीन, LED लैंप और ड्राइंग इंस्ट्रूमेंट्स पर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर GST को 18 प्रतिशत कर दिया गया है.
Solar Water Heaters और फिनिश्ड लेदर पर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर GST 12 प्रतिशत कर दिया गया है.
होटल और हॉस्पिटल रूम के स्टे पर जीएसटी रेट स्लैब भी निर्धारित कर दिए गए हैं. ऐसे होटल या हॉस्पिटल रूम जिनका किराया 1,000 रुपये से कम हैं उन्हें 12 प्रतिशत टैक्स देना होगा.
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