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Cricket में क्या होती है कवर, डीप कवर...नाम तो सुना होगा पर शायद ठीक से याद नहीं तो जान लें? 

आपने क्रिकेट में मिड ऑफ, लॉन्ग ऑफ जैसे शब्द सुने होंगे लेकिन हो सकता है कि अक्सर आपको कुछ कनफ्यूजन रहता हो. आज जान लें ये फील्ड पोजिशन.

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Cricket में क्या होती है कवर, डीप कवर...नाम तो सुना होगा पर शायद ठीक से याद नहीं तो जान लें? 

क्रिकेट फील्ड की कई बारीकियां होती हैं

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डीएनए हिंदी: क्रिकेट में शॉट लगाने या कैच लपकने के लिहाज से कई जगहें बहुत आम होती हैं. क्रिकेट की भाषा में इन्हें फील्ड पोजिशन कहते हैं. अक्सर क्रिकेट फैंस भी खिलाड़ी, स्कोर और रिकॉर्ड तो याद रखते हैं लेकिन ठीक-ठीक इन फील्ड पोजिशन के बारे में कुछ कह नहीं पाते हैं. अगर आपको भी इसे लेकर कनफ्यूजन रहता है तो जानें कि किस पोजिशन का क्या मतलब है और यह कहां होता है. 

मिड ऑफ और लॉन्ग ऑफ: ऑफसाइड पर गेंदबाज के पीछे बाउंड्री के पास की जगह लॉन्ग ऑफ कहलाती है. लॉन्ग ऑफ की दिशा में ही अगर फील्डर 30 यार्ड सर्कल के अंदर खड़ा है तो कहा जाएगा कि मिड-ऑफ पर खड़ा है. कई बल्लेबाजों ने इसी दिशा में सबसे आकर्षक शॉट्स लगाए हैं. सौरभ गांगुली और सुरेश रैना के यहां खेले शॉट्स क्रिकेट इतिहास में अमर हैं. 

कवर और डीप कवर: मिड ऑफ से थोड़ा और स्क्वायर हो जाएं तो ऑफ साइड में एकदम बीच का एरिया होता है. क्रिकेट की भाषा में इसे ही कवर कहते हैं. इसी तरफ जब गेंद सर्कल के बाहर निकल जाए तो कहेंगे कि डीप कवर पर चली गई है. सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ियों की कवर ड्राइव को क्लासिक शॉट्स में माना जाता है.

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पॉइंट और डीप पॉइंट: बल्लेबाज के ऑफ साइड से ठीक 90 डिग्री की लाइन 30 यार्ड सर्कल से टकराती है. इसी जगह को पॉइंट कहते हैं. इसी तरफ बाउंड्री के पास आगे जाने पर डीप पॉइंट आता है. क्रिकेट के मैदान में पॉइंट पर आम तौर पर आपको सबसे मुस्तैद फील्डर नजर आते हैं. भारतीय टीम में युवराज सिंह ने पॉइंट पर फील्डिंग करते हुए शानदार क्षेत्ररक्षण की मिसाल कायम की थी. 

स्लिप: बल्ले का किनारा लेकर गेंद विकेटकीपर के दस्तानों से छिटककर कुछ दूर तक जाती है. आपने टेस्ट क्रिकेट में अक्सर वहां पर एक खिलाड़ी को देखा होगा और इस जगह को स्लिप कहते हैं. कीपर के बगल वाला फर्स्ट स्लिप, फर्स्ट स्लिप के बगल वाला सेकेंड स्लिप, फिर थर्ड. ये स्लिप एक चाप  के आकार में खड़ी की जाती हैं. टेस्ट में स्लिप पर फील्डर की मौजूदगी हमेशा रहती है लेकिन वनडे में ज्यादातर कुछ ओवरों के लिए ही यहां फील्डर तैनात किया जाता है.

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