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क्या था अमेरिका में 50 साल पुराना गर्भपात कानून, क्यों हो रहा है इसे पलटने का विरोध, जानें सब कुछ

Right to Abortion in America: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात के अधिकार को खत्म कर दिया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर हॉलीवुड सेलेब्स तक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस फैसले को गलत बताया है.

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क्या था अमेरिका में 50 साल पुराना गर्भपात कानून, क्यों हो रहा है इसे पलटने का विरोध, जानें सब कुछ

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डीएनए हिंदी: अमेरिका में गर्भपात के अधिकार से जुड़ा कानून खत्म कर दिया गया है. मतलब अब यहां महिलाओं को गर्भपात कराने का अधिकार नहीं होगा. शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट (US Supreme Court) ने यह फैसला सुनाकर महिलाओं को गर्भपात का अधिकार देने वाले अपने ही 50 साल पुराने फैसले को पलट दिया. अब अमेरिका में महिलाओं के लिए गर्भपात (Abortion) फिर से गैरकानूनी हो गया है. हालांकि हर राज्य को यह छूट है कि वह गर्भपात को लेकर अपने-अपने अलग नियम बना सकते हैं, लेकिन इन्हें कानूनी मान्यता नहीं दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पूरे अमेरिका में बवाल का माहौल है.

पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर हॉलीवुड सेलेब्स तक इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इस फैसले को गलत बताया है. जानते हैं कि अमेरिका में गर्भपात का कानून इतना अहम मुद्दा क्यों है, क्यों 50 साल पुराने इस फैसले को पलटा गया और अब वहां क्या माहौल है-

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50 साल पहले दिया गया था गर्भपात का अधिकार
50 साल पुरानी बात करें तो तब भी अमेरिका के कई राज्यों में गर्भपात कराना गैरकानूनी माना जाता था. ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए जाते थे. गर्भपात को कानूनी मान्यता की मांग का सबसे पहला मामला 1969 में सामने आया. तब 22 साल की जेन रो उर्फ मैककॉर्वी तीसरी बार गर्भवती हुईं. छोटी उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी. वह दो बच्चों की मां बन चुकी थीं. तीसरा बच्चा नहीं चाहती थीं. उस वक्त टेक्सास में अबॉर्शन का हक सिर्फ उन्हीं महिलाओं को था जिनकी जान को खतरा हो. ऐसे में रो ने फेडरल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां से उसे गर्भपात की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. तब इस पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया और महिलाओं को गर्भपात का अधिकार मिला. उस वक्त भी कई धार्मिक समूहों ने इस फैसले का विरोध किया था और कहा था कि यह असंवैधानिक है.

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क्यों कहा जाता है Roe vs. Wade
टेक्सास की रहने वाली Roe ने जो याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली थी, वहां इस याचिका के विरोध में टेक्सास के सरकारी वकील हेनरी वेड ने अपना पक्ष रखा. तभी से यह मामला Roe vs. Wade के नाम से जाना जाने लगा. इस मामले में नौ जजों की बेंच ने 7:2 से फैसला करते हुए गर्भसमापन पर बैन लगाने वाले कानून को स्त्री विरोधी बताया और फ़ैसला उनके पक्ष में दिया और कहा कि गर्भ का क्या कहना है यह हक सिर्फ महिला को होना चाहिए. इस फैसले में 28 हफ्ते तक अबॉर्शन की मंजूरी दी गई थी. अब जब 50 साल पुराने इस फैसले को कोर्ट ने फिर बदला है तो देश भर में तनाव का माहौल है. अब कई लोग इसे महिलाओं के अधिकारों का हनन बता रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों बदला अपना ही फैसला
अदालत ने अब करीब 50 साल बाद अपने ही फैसले को पलट दिया है. दरअसल अमेरिका में बीते कुछ वर्षों से गर्भपात के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. ‘गुट्टमाकर इंस्टीट्यूट’ की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में अमेरिका में 9,30,000 से अधिक गर्भपात के मामले सामने आए, जबकि 2017 में इसकी संख्या 8,62,000 थी. अब सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा है कि संविधान गर्भपात का अधिकार प्रदान नहीं करता. इसी के साथ 50 साल पुराने फैसले को बदलते हुए गर्भपात का कानून बनाने का अधिकार राज्यों को सौंप दिया है. कोर्ट के इस फैसले का अब महिलाएं जमकर विरोध कर रही हैं.

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हॉलीवुड सेलेब भी कर रहे हैं विरोध
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर सिंगर टेलर स्विफ्ट ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं पूरी तरह से भयभीत हूं कि हम यहां हैं. इतने दशकों के बाद भी लोग अपने शरीर के लिए महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, आज के फैसले ने हमसे वह छीन लिया है.’ सिंगर सेलेना गोमेज ने कहा, ‘संवैधानिक अधिकार को छीनते हुए देखना भयावह है. एक महिला को यह चुनने का अधिकार होना चाहिए कि वह अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है.’ 

बराक ओबामा ने भी की फैसले की निंदा
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि यह महिलाओं का एक जरूरी अधिकार है. कोर्ट का फैसला इस अधिकार का हनन है. बता दें कि कोर्ट के इस फैसले के बाद अमेरिका के 50 में से लगभग 25 स्टेट गर्भपात पर तुरंत प्रतिबंध लगा सकते हैं. 

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