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पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से भारत को किस तरह होगा फायदा, कैसे मिलेंगी लोगों को हजारों नौकरियां, पढ़ें 5 काम की बात

Micron Technology के मुताबिक देश में 825 मिलियन डॉलर निवेश की योजना तैयार की जा रही है. यहां सेमीकंडक्टर का निर्माण शुरू होगा. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में सबकुछ.

पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से भारत को किस तरह होगा फायदा, कैसे मिलेंगी लोगों को हजारों नौकरियां, पढ़ें 5 काम की बात

Prime Minister Narendra Modi और Sanjay Mehrotra. (तस्वीर-PTI)

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डीएनए हिंदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा इस बार बेहद खास रहा. रक्षा, अंतरिक्ष से लेकर व्यापार तक, हर क्षेत्र में अमेरिका के साथ भारत ने एक और कदम आगे बढ़ाया है. अब माइक्रोचिप बनाने वाली कंपनी माइक्रोन (Micron) गुजरात में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट प्लांट का निर्माण करेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी चिप निर्माता माइक्रोन टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष और सीईओ संजय मेहरोत्रा से मुलाकात की थी. विदेश मंत्रालय के मुताबिक बैठक के दौरान पीएम मोदी ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी को देश में सेमीकंडक्टर बनाने का प्रस्ताव दिया था. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में सबकुछ.


1. कितना प्रोजेक्ट पर होगा खर्च?

अमेरिकी कंपनी माइक्रोन और भारत के इस प्रोजेक्ट पर यह कंपनी कुल 2.75 अरब डॉलर खर्च करने वाली है. भारतीय रुपये में यह आकंड़ा 22,540 करोड़ रुपये का होगा. आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में सबकुछ.

2. कैसे बनेगा माइक्रोन का प्लांट?

माइक्रोन का यह प्लांट 2 फेज में विकसित किया जाएगा. माइक्रोन इस प्लांट पर करीब 82.5 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी, वहीं केंद्र और राज्य सरकारें भी इस प्रोजेक्ट में अपना योगदान देंगी. भारत के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद खास है. 

3. कौन कितनी रकम करेगा खर्च?
माइक्रोन के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए असेंबली, मॉडिपिकेशन, टेस्टिंग और पैकजिंग स्कीम पर करीब 50 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, वहीं 20 फीसदी रकम, गुजरात सरकार खर्च करेगी. 

4. कब शुरू होगा यह प्रोजेक्ट?

यह प्रोजेक्ट साल 2023 से ही शुरू होगा. पहले फेज में करीब 5 लाख वर्गफुट क्षेत्र में प्लांट तैयार किया जाएघा. साल 2024 तक इस प्लांट से प्रोडक्शन की शुरुआत हो जाएगी. चिप के लिए वियतनाम और जापान पर निर्भरता कम हो जाएगी.

5. कितने लोगों को मिलेगा रोजगार?

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत करीब 5,000 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा. करीब 15,000 लोग कई साल तक दूसरे तरीके से इस प्रोजेक्ट से रोजगार हासिल करेंगे. इस प्लांट से इंटरनेशनल और घरेलू मार्केट दोनों की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी. 

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