डीएनए एक्सप्लेनर
कोलकाता और बैंकॉक को जोड़ने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरे होने में 3 से 4 साल लग सकते हैं. इसे BIMSTEC के तहत बनाने की योजना है.
डीएनए हिंदी: कभी सोचा है कि कोलकाता से बैंकॉक तक का सफर, आप कार से कर सकते हैं? अगर नहीं तो अब ये मुमकिन होने जा रहा है. एडवेंचर पंसद करने वाले लोगों के लिए ये इंटरनेशनल हाईवे के निर्माण की शुरुआत जल्द होने वाली है. पूरे एशिया में ये हाईवे, सबसे खास होने वाला है. एशिया के दो बड़े शहर, एक इंटरनेशल हाईवे से जुड़ने वाले हैं. भारत और थाईलैंड के बीच इसके निर्माण से दोस्ती और गहरी होने वाली है.
यह सड़क बिम्सटेक प्रोजेक्ट के तहत बनाई जाएगी. यह एक त्रिपक्षीय राजमार्ग होगा, जिसे अगले 3 से 4 साल में बना लिया जाएगा. मंगलवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) और विदेश मंत्रालय (MEA) के एक बिजनेस कॉन्क्लेव में यह बात सामने आई है.
क्या होगी इस रूट की खासियत?
- कोलकाता और बैंकॉक के बीच यह सड़क कई देशों से होकर गुजरने वाली है.
- कोलकाता और बैंकॉक को जोड़ने वाली यह हाईवे परियोजना मल्टी सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन (BIMSTEC) बंगाल की खाड़ी से जुड़े एक प्रोजेक्ट की देन होगी.
- इससे ट्रांसपोर्ट और सड़क यात्रा को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.
- इस परियोजना से कई देशों के साथ संबंध ठीक होंगे, व्यापार बढ़ेगा और एशिया के बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
- परियोजना पहले ही शुरू की जा चुकी है. फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजमार्ग के कुछ हिस्सों पर काम चल रहा है.
- सड़क निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे कम वक्त में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी जाए.
- इसके निर्माण पर तामू से कलेवा तक करीब 27.28 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च होंगे.
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किन जगहों से गुजरेगी यह राह?
गुवाहाटी
कोहिमा
कोलकाता
मोरेह
श्रीरामपुर
सिलीगुड़ी
म्यांमार में इन शहरों से गुजरेगा हाईवे
कलेवा
मांडले
तामू
यांगून
थाईलैंड में कहां से गुजरेगी राह?
मॅई सॉट
सुखोथाई
प्रोजेक्ट में लग सकते हैं कितने साल?
विदेश मंत्रालय और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हाल ही में एक व्यापार सम्मेलन आयोजित किया था. इस आयोजन में कई देशों के कई मंत्रियों ने कोलकाता बैंकॉक हाईवे को लेकर अपनी बात रखी है. थाईलैंड के विदेश मामलों के उप मंत्री विजावत इसराभकदी ने कहा कि थाईलैंड में अधिकांश निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है. म्यांमार के वाणिज्य मंत्री आंग नाइंग ओ ने कि निर्माण में 2 से 3 साल लग सकते हैं, जिससे त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना पूरी हो सकती है.
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