Advertisement

कर्नाटक: लिंगायतों को भाया कांग्रेस का साथ, BJP का छोड़ा हाथ, लोकसभा चुनाव में कैसे डैमेज कंट्रोल करेगी भगवा पार्टी?

कर्नाटक विधानसभा चुनावों में लिंगायतों ने भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका दिया है. भारतीय जनता पार्टी हार के कारणों पर मंथन करेगी.

कर्नाटक: लिंगायतों को भाया कांग्रेस का साथ, BJP का छोड़ा हाथ, लोकसभा चुनाव में कैसे डैमेज कंट्रोल करेगी भगवा पार्टी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिंगायतों को रिझाने में हुए नाकाम.

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को करारा झटका दे दिया है. बीजेपी को 2018 के 104 सीटों की तुलना में इस बार सिर्फ 65 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है, जबकि कांग्रेस (Congress) शानदार जीत हासिल करते हुए 136 सीटों पर अपना परचम लहराया है.

दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में विस्तार की मुहिम में जुटी बीजेपी को कर्नाटक के चुनावी नतीजों से बड़ा झटका लगा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में मिली इस करारी हार की समीक्षा के लिए बीजेपी जल्द ही बैठक कर सकती है. 

कर्नाटक में हार के कारणों पर मंथन करेगी BJP

कर्नाटक बीजेपी के एक दिग्गज नेता का कहना है कि पार्टी विधानसभा स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा करेगी और इस बात का विश्लेषण करेगी कि पार्टी अपने मुद्दों के साथ जनता को क्यों नहीं कनेक्ट कर पाई?

इसे भी पढ़ें- कर्नाटक में कौन बनेगा मुख्यमंत्री, कितने होंगे डिप्टी सीएम? विधायक दल की बैठक में आज होगा फैसला

हैदराबाद-कर्नाटक में लिंगायतों ने दिया BJP को झटका

बीजेपी का शुरुआती फैक्टर के तौर पर यह मानना है कि जेडी-एस का वोट कांग्रेस को मिलने के कारण उसे इतनी शानदार जीत मिली है, लेकिन पार्टी के लिए सबसे चिंताजनक नतीजे मुंबई कर्नाटक और हैदराबाद कर्नाटक से आए हैं. इन दोनों ही इलाकों को लिंगायत बहुल इलाका माना जाता है. 

येदियुरप्पा-बोम्मई चेहरा फिर भी बीजेपी से छटके लिंगायत

पार्टी की तरफ से राज्य में लिंगायतों के बड़े नेता बीएस येदियुरप्पा लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे. वहीं पार्टी ने लिंगायत समुदाय के ही बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री बना रखा था और चुनाव जीतने पर उन्हें ही मुख्यमंत्री बनाने का वादा भी किया था, लेकिन इसके बावजूद लिंगायत मतदाताओं का वोट नहीं मिल पाना बीजेपी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है.

इसे भी पढ़ें- Karnataka Election Results 2023: कर्नाटक में 'कमजोर' कांग्रेस से कैसे हारी मजबूत 'बीजेपी?' जानिए 8 वजहें

लिंगायतों ने छोड़ा साथ, कैसे डैमेज कंट्रोल करेगी बीजेपी?

बीजेपी के लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात तो यह है कि इस बार बड़ी तादाद में कांग्रेस लिंगायत विधायकों को जिताकर लाई है और अगर यह ट्रेंड कंटिन्यू रहा तो पार्टी के लिए राज्य में रिवाइव करना बहुत मुश्किल होगा. लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और बीजेपी से उनका कोर वोट बैंक छिटकता जा रहा है. अब कैसे राज्य में इस डैमेज को बीजेपी कंट्रोल करेगी, यह देखने वाली बात होगी. (इनपुट: IANS)

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

    Read More
    Advertisement
    Advertisement
    Advertisement