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13 साल पहले Delhi CM की सचिव के लिए काल बना था वूमेन्स डे, खनन माफिया ने खेली थी IPS पति के खून की होली 

IAS Madhurani Tewatia के पति IPS नरेंद्र कुमार (IPS Narendra Kumar) दबंग अधिकारियों में गिने जाते थे, जिन्होंने मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में अवैध खनन बंद करा दिया था. इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी.

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13 साल पहले Delhi CM की सचिव के लिए काल बना था वूमेन्स डे, खनन माफिया ने खेली थी IPS पति के खून की होली 
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IAS Madhurani Tewatia दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) की सचिव हैं. हर साल 8 मार्च का दिन जहां सभी महिलाओं के लिए इंटरनेशनल वूमेन्स डे (International Womens Day) की खुशियां लेकर आता है, वहीं ये दिन इस सीनियर IAS अफसर को आंसुओं में डुबो जाता है. दरअसल यह वो तारीख है, जब मधुरानी को अपनी जिंदगी के सबसे बड़े साथी को खोना पड़ा था. मधुरानी के पति IPS नरेंद्र कुमार (IPS Narendra Kumar) को खनन माफिया ने बेरहमी से ट्रॉली के नीचे कुचलकर मार दिया था. होली के त्योहार के दिन हुई इस घटना ने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी, जिसकी यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं. चलिए आपको आईएएस मधुरानी के बहादुर पति आईपीएस नरेंद्र कुमार के बारे में बताते हैं.

दबंग अधिकारियों में गिने जाते थे नरेंद्र कुमार
नरेंद्र कुमार साल 2009 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IPS अफसर थे, जिन्हें अपने दौर में मध्य प्रदेश के सबसे दबंग अफसरों में से एक माना जाता था. मथुरा के नौहझील इलाके के गांव लालपुर निवासी नरेंद्र कुमार को खनन माफिया पर लगाम कसने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने मुरैना जिले में तैनात किया था. उन्हें मुरैना जिले के चंबल घाटी वाले बानमोर इलाके में अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDO) पद पर तैनाती दी गई थी. यह इलाका अवैध खनन करने वालों का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता था. नरेंद्र ने लगातार अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त करके खनन माफिया में खलबली मचा दी थी. नरेंद्र कुमार का नाम सुनते ही खनन माफिया कांप जाता था. इसी दौरान 8 मार्च, 2012 का मनहूस दिन आया था.

होली के दिन हुई थी वह मनहूस घटना
साल 2012 में 8 मार्च के दिन होली के रंगों का त्योहार था. सरकारी बंगले पर होली की तैयारियों के बीच नरेंद्र को अवैध खनन की सूचना मिली. नरेंद्र कुमार रंगों के त्योहार में साथ देने के लिए थोड़ी देर में लौटने का वादा कर घर से निकले, लेकिन उसके बाद वे वापस कभी घर नहीं लौट सके. खनन माफिया के भागने की कोशिश में नरेंद्र कुमार शहीद हो गए. नरेंद्र ने बलुआ पत्थर लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की, लेकिन ट्रैक्टर चालक मनोज गुर्जर ने यूटर्न लेकर वहां से भागना शुरू कर दिया. 

नरेंद्र ने दबोच लिया ड्राइवर, लेकिन धक्का लगने से गिरे और...
नरेंद्र कुमार ने उछलकर ट्रैक्टर पर चढ़ते हुए स्टीयरिंग पकड़कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन मनोज ने उन्हें धक्का दे दिया. धक्का लगते ही बैलेंस बिगड़ने से नरेंद्र नीचे गिर गए और पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पहिये उनके ऊपर से गुजर गए, जिससे वे शहीद हो गए. इस मामले में CBI जांच के बावजूद केवल आरोपी ट्रैक्टर चालक को ही 10 साल की सजा हो सकी, जबकि उसके आकाओं यानी असली खनन माफियाओं में से किसी को नहीं पकड़ा गया. 

मधु ने खुद दी थी चिता को मुखाग्नि, 11 दिन बाद पैदा हुआ बेटा
IAS मधुरानी भी इस घटना के समय मध्य प्रदेश कैडर में ही तैनात थीं. उनकी पोस्टिंग ग्वालियर में अपर कलेक्टर पद पर थी. वे मेटरनिटी लीव पर मुरैना आई हुई थीं. मधुरानी ने खुद 9 मार्च, 2012 को अपने पति के पैतृक गांव में उनकी चिता को मुखाग्नि दी थी. इसके 12 दिन बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया. इस घटना के बाद मधुरानी ने मध्य प्रदेश कैडर छोड़कर AGMUT कैडर में तबादला ले लिया. फिलहाल वे दिल्ली की मुख्यमंत्री की सचिव हैं, लेकिन इससे पहले भी वे दिल्ली में केंद्रीय विभागों में कई अहम पदों पर तैनात रह चुकी हैं. उन्हें बेहद मेहनती और ईमानदारी अधिकारी माना जाता है.

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