डीएनए एक्सप्लेनर
What is Iddat: यूपी पुलिस ने असद, अतीक और अशरफ के जनाजे में शाइस्ता के आने की संभावना के चलते जाल बिछाया था लेकिन शाइस्ता के न आने से सारा प्लान फेल हो गया. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर उमेश पाल हत्याकांड में 50,000 की इनामी शाइस्ता को पुलिस कैसे गिरफ्तार करेगी.
डीएनए हिंदी: प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के चार आरोपी अभी भी फरार हैं. अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर के बाद हुई अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या ने प्रयागराज को सन्न कर दिया है. इस बीच यूपी पुलिस अभी भी उमेश पाल हत्याकांड के बाकी आरोपियों साबिर, गुड्डू मुस्लिम और अरमान के साथ-साथ अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश में जुटी हुई है. शाइस्ता पर यूपी पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम रखा है. वह अपने बेटे पति और देवर के जनाजे तक में शामिल नहीं हुई थी. यूपी पुलिस अभी भी उसकी गिरफ्तारी के लिए जुटी हुई है.
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं. इसकी वजह यह है कि पुलिसकर्मी के परिवार से ताल्लुक रखने वाली शाइस्ता परवीन ने अतीक से निकाह के बाद उसके हर जुर्म में भूमिका निभाई थी. दावे तो ये भी हैं कि अतीक शाइस्ता के दिमाग से ही चलता था इसीलिए यूपी पुलिस किसी भी कीमत पर उसे गिरफ्तार करना चाहती है. चर्चा है कि अतीक की मौत के बाद शाइस्ता की गिरफ्तारी इस्लामिक परंपरा 'इद्दत' के चलते 5 महीने तक टल भी सकती है.
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इस्लामिक परंपरा के मुताबिक, किसी भी महिला के पति की मौत के बाद 4 महीने और कुछ दिन तक वह विधवा महिला एकांतवास में रहती है. वह इस दौरान महिलाओं को छोड़ किसी से भी नहीं मिल सकती है, विधवा को बस अपने भाई और बेटे से ही मिलने की इजाजत दी जाती है. विधवा महिलाएं ऐसे कमरे में रहती हैं, जहां सूरज की रौशनी तक न पड़ती हो. इस दौरान न तो महिला फोन का इस्तेमाल कर सकती है और न ही किसी गैर पुरुष से बातचीत कर सकती है. इसे शौहर के इंतकाल के बाद काफी अहम माना जाता है.
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इसके अलावा, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता की पहचान भी यूपी पुलिस के लिए मुसीबत बन रही है क्योंकि उसकी कोई फोटो पब्लिक डोमेन में नहीं है. इंटरनेट पर शाइस्ता की जितनी भी तस्वीरें हैं, सभी में उसने बुर्का डाल रखा है. हालांकि, एक तस्वीर बिना बुर्के की भी है लेकिन वह काफी पुरानी बताई जा रही है. ऐसे में यूपी पुलिस के लिए शाइस्ता की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर पाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद कुछ दिन तक शाइस्ता परवीन एक्टिव थी लेकिन जिस दिन यूपी पुलिस ने शाइस्ता को केस में आरोपी बनाया, उसके बाद से शाइस्ता फरार हो गई. शाइस्ता पर यूपी पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम भी रखा है लेकिन इन सबके बावजूद अभी पुलिस के हाथ खाली ही हैं. शाइस्ता अपने बेटे, पति और देवर मौत के बाद उनके जनाजे तक में नहीं पहुंची थी.
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