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Shagun Parihar:आतंकी हमले में खोया परिवार,अब मुस्लिम बहुल इलाके से जीत हासिल कर बनाया नया मुकाम, जानें कौन हैं शगुन परिहार

भाजपा की युवा नेता शगुन परिहार ने जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित किश्तवाड़ सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता सज्जाद अहमद किचलू को हराकर जीत हासिल कि हैं. मुस्लिम बहुल क्षेत्र में उनकी यह जीत राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मनी जा रही है.

Shagun Parihar:आतंकी हमले में खोया परिवार,अब मुस्लिम बहुल इलाके से जीत हासिल कर बनाया नया मुकाम, जानें कौन हैं शगुन परिहार
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Shagun Parihar: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. 90 सीटों वाली विधानसभा चुनाव में नेकां गठबंधन को कुल 48 सीटों पर जीत मिली है, वहीं भाजपा को कुल 29 सीटों पर कामयाबी मिली. इस पूरे नतीजे के बाद जो एक उम्मीदवार चर्चा का विषय बनीं, वो थीं भारतीय जनता पार्टी की एकमात्र महिला उम्मीदवार शगुन परिहार, जिन्होंने एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र किश्तवाड़ से जीत हासिल की है. शगुन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री सज्जाद अहमद किचलू को महज 521 वोटों के मामूली अंतर से हराया.आज हम आपको बताएँगे कि आखिर कौन हैं शगुन परिहार, जिनकी जीत की चर्चा सुर्खियों में है.

कौन हैं शगुन परिहार?
शगुन परिहार भाजपा के दिवंगत और बड़े नेता अनिल परिहार की भतीजी हैं, जिन्हें 2018 में आतंकवादियों ने निशाना बनाकर मार दिया था. एमटेक की डिग्री प्राप्त करने वाली शगुन ने आईके गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की है. उनकी यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किश्तवाड़ एक संवेदनशील क्षेत्र है, जहां 70 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है और वहां एक महिला का चुनाव जीतना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है.

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सज्जाद किचलू को हराकर बनाई नई पहचान
शगुन परिहार ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के मजबूत किले माने जाने वाले किश्तवाड़ से सज्जाद अहमद किचलू को हराया, जो लंबे समय से इस सीट पर कब्जा जमाए हुए थे. किश्तवाड़ सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस की पकड़ हमेशा मजबूत रही है, लेकिन इस बार भाजपा ने इसे तोड़ते हुए अपनी जीत दर्ज कराई है. शगुन की जीत ने यह साबित किया है कि इलाके के लोग अब बदलाव के लिए तैयार हैं और एक युवा नेता के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास देखना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोडा जिले में चुनावी सभा के दौरान भी उनके साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की थी. प्रधानमंत्री ने कहा था, 'शगुन परिहार केवल हमारी उम्मीदवार नहीं, बल्कि आतंकवाद को खत्म करने के हमारे संकल्प का प्रतीक हैं.' उन्होंने आगे कहा था कि उनके पिता और चाचा की आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी, लेकिन आज वह आतंकवाद के खिलाफ भाजपा की प्रतिबद्धता का जीता-जागता उदाहरण हैं. यह जीत भाजपा के उस संदेश को भी प्रबल बनाती है कि पार्टी जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है.

शांति और विकास के लिए शगुन परिहार का संकल्प
चुनाव जीतने के बाद शगुन ने अपने पहले संबोधन में किश्तवाड़ के लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा, 'यह जीत केवल मेरी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के उन राष्ट्रवादी लोगों की है, जिन्होंने मुझमें विश्वास जताया है.' उन्होंने किश्तवाड़ के विकास और सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वह इलाके में शांति और खुशहाली लाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी. उनका लक्ष्य है कि वह किश्तवाड़ को एक सुरक्षित और विकसित क्षेत्र के रूप में स्थापित करें, जहां हर समुदाय के लोग चैन और अमन से रह सकें.

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भाजपा की रणनीति और आगे की चुनौतियां
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, भाजपा ने शगुन परिहार को किश्तवाड़ से उम्मीदवार बनाकर एक सूझ-बूझ वाली रणनीति का परिचय दिया.पार्टी का उद्देश्य था कि इस क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा चेहरा पेश किया जाए, जो हर वर्ग के लोगों के लिए स्वीकार्य हो. शगुन की जीत ने यह संदेश भी दिया है कि भाजपा आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी प्रभावी नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए तैयार है.


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