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कौन हैं नेविल रॉय सिंघम, जिन पर लग रहा भारत में चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप

अमेरिका के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम पर भारत में चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप है. बीजेपी ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर नेविल का समर्थन करने का आरोप लगाया है.

कौन हैं नेविल रॉय सिंघम, जिन पर लग रहा भारत में चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप

Nivel Roy Singham

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डीएनए हिंदी: बीजेपी ने सोमवार को विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसका एकमात्र मिशन देश को कमजोर बनाना है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर 'भारत विरोधी' एजेंडा चलाने वाले एक ऑनलाइन समाचार पोर्टल का समर्थन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक अमेरिकी कारोबारी के जरिए इस पोर्टल को फंडिंग दी जाती है, जो भारत और अन्य देशों के खिलाफ चीन का प्रोपेगेंडा फैला रहा है. अनुराग ठाकुर ने कहा, 'गलत सूचना फैलाने, भारत को बदनाम करने और चीन के एजेंडे के साथ झूठी कहानी गढ़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उनका यह भारत तोड़ो एजेंडा काम नहीं करेगा.'

बीजेपी ने जिस अमेरिकी कारोबारी को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों को घेरा है उनका नाम नेविल रॉय सिंघम (Neville Roy Singham) है. नेविल अमेरिकी कारोबारी के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं. वो ThoughtWorks नाम की कंपनी के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष हैं, जो IT कंसल्टिंग कंपनी है. यह कंपनी कस्टम सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर टूल और परामर्श सेवाएं प्रदान करती है. सिंघम पर विभिन्न समूहों को फंड उपलब्ध कराने के आरोप है, जो चीनी स्टेट मीडिया के प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देते हैं.

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1993 में ThoughtWorks नाम से खोली थी कंपनी
नेविल रॉय सिंघम का जन्म 1954 में अमेरिका में हुआ था. नेविल ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है. डिग्री पूरी होने के बाद उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में जॉब की थी. इसके बाद साल 1993 में सिंघम ने थॉटवर्क्स नाम से कंपनी खोली. कुछ ही सालों में यह कंपनी दुनिया की टॉप IT कंपनियों में से एक बन गई. 2009 में नेविल रॉय सिंघम को फॉरेन पॉलिसी पत्रिका द्वारा 'Top 50 Global Thinkers' में से एक नामित किया गया.

चीन का समर्थक है नेविल रॉय सिंघम
हाल ही वर्षों में नेविल रॉय सिंघम इंटरनेशनल राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हुए हैं. वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. नेविल ने चीनी मीडिया के प्रोपेगेंडा को बढ़ाने वाले समूहों को लाखों डॉलर का डोनेट किए हैं. नेविल ने उइगर मुस्लिमों के नरंसहार से भी इनकार किया है और रूसी सामाज्यवाद की पैरवी की है. NYT की जांच के अनुसार, नेविल रॉय सिंघम के भारत में चीनी मुद्दों को शामिल करने के लिए दिल्ली स्थित एक न्यूज वेबसाइट को फंडिंग दी.

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नेविल की राजनीतिक सक्रियता की कुछ लोगों ने आलोचना की है. उन पर चीन का चापलूस होने का आरोप लगाया है. हालाकि, नेविल सिंघम ने अपने काम का बचाव करते हुए कहा है कि वह केवल चीन और पश्चिम के बीच शांति और समझ को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.

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