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कौन है Bilkis Bano? क्यों सरकार ने बिलकिस गैंगरेप के 11 आरोपियों को दी रिहाई? जानें दिल दहला देने वाली पूरी कहानी

गुजरात दंगों के दौरान हुई बिलकिस बानो गैंगरेप की घटना कुछ ऐसी थी कि आज भी इसे याद करके या सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. हाल ही में इस जघन्य अपराध के दोषियों को जेल से रिहाई दी गई है.

कौन है Bilkis Bano? क्यों सरकार ने बिलकिस गैंगरेप के 11 आरोपियों को दी रिहाई? जानें दिल दहला देने वाली पूरी कहानी

Bilkis Bano

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डीएनए हिंदी: गुजरात सरकार ने हाल ही में बिलकिस बानो गैंगरेप के आरोपियों की रिहाई को मंजूरी दी है. 15 अगस्त को उम्र कैद की सजा काट रहे ये 11 आरोपी रिहा हो गए.  बता दें कि साल  2002 में गुजरात में हुए गोधरा कांड के बाद बिलकिस बानो का गैंगरेप (Bilkis Bano Gangrape) हुआ था. इस मामले में 11 लोगों को दोषी पाया गया था. इन सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई थी. ये सभी दोषी गोधरा जेल में बंद थे. अब इन सभी आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया है. जानते हैं कौन हैं बिलकिस बानो औऱ क्या था पूरा मामला और क्यों किया गया बलात्कार के इन आरोपियों को रिहा-

कौन है बिलिकल बानो (Who is Bilkis Bano?)
बिलकिस बानो गुजरात में रहने वाले उन तमाम मुस्लिमों में से एक थी जो सन् 2002 के गुजरात दंगों के बाद प्रदेश छोड़कर जाना चाहते थे. बिलकिस अपने परिवार के साथ गुजरात से किसी दूसरी जगह जाने की कोशिश कर रही थीं. उनके साथ उनकी छोटी बच्ची और परिवार के 15 अन्य सदस्य भी थे. उस वक्त गुजरात में हिंसा भड़की हुई थी. 3 मार्च को 5 महीने की गर्भवती बिलकिस बानो अपने परिवार और अन्य कई परिवारों के साथ एक सुरक्षित जगह के आसरे की तलाश में छिपी थीं, जहां 20-30 आदमियों ने हथियारों के साथ हमला कर दिया. इस दंगे में बिलकिस बानों के परिवार के  7 लोग मारे गए जबकि बिलकिस का गैंगरेप किया गया. उनकी 3 साल की बेटी को भी मार दिया गया. इस जघन्य अपराध के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. 

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क्या हुआ थी सीबीआई जांच में
मुंबई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने 11 दोषियों को 21 जनवरी 2008 को सामूहिक बलात्कार और बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. बाद में बंबई हाई कोर्ट ने भी उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा. इन दोषियों ने 15 साल से ज्यादा कैद की सजा काट ली, जिसके बाद उनमें से एक दोषी ने समय से पहले रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 

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सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला
पंचमहल के आयुक्त सुजल मायत्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार से उसकी सजा के मामले में क्षमा पर गौर करने का निर्देश दिया जिसके बाद सरकार ने एक समिति का गठन किया. सुजल मायत्रा ही इस समिति के प्रमुख थे. उन्होंने कहा, 'कुछ महीने पहले गठित समिति ने सर्वसम्मति से इस मामले के सभी 11 दोषियों को क्षमा करने के पक्ष में निर्णय किया.'

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