डीएनए एक्सप्लेनर
अगर आपने अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को लोन दिया है और वो लोन चुकाने से इनकार कर रहे हैं, तो आप उधार में दिए पैसे वापस लेने के लिए कानूनी रास्ता भी चुन सकते हैं.
सब दिन एक समान नहीं होता. जरूरतें भी हर दिन समान नहीं होतीं. जब जरूरत आमदनी से ज्यादा हो जाती है तो हमें लेना पड़ता है उधार. छोटी-मोटी ज़रूरत है दोस्तों से. बड़ी ज़रूरत है तो बैंक से. बैंक वाले अपना हिसाब क्लियर रखते हैं, जो लिया है वो चुकाना पड़ेगा वो भी ब्याज के साथ. लेकिन कई बार उधार देने वाले दोस्त, परिवार और रिश्तेदार पिस जाते हैं. क्योंकि जिसे उधार दिया वो पैसे लौटाने में आनाकानी करने लगता है या फिर तारीख पर तारीख देने लगता है. ऐसे लोगों से अपने पैसे निकालना टेढ़ी खीर से भी ज्यादा टेढ़ा काम हो जाता है.
चूंकि जिन्हें आपने लोन दिया है, वो आपके करीबी हैं. तो पहले उन्हें समझाएं, शांति से उन्हें बताएं कि आपको पैसे वापस चाहिए. अगर वो दोस्त पूरे पैसे लौटाने की स्थिति में न हो तो उससे कहें कि थोड़ा-थोड़ा करके वो आपको पैसे लौटाएं. हो सकता है कि उन्हें एक साथ 10 हजार लौटाना भारी लग रहा हो, पर वो एक-एक हजार करके आपके रुपये लौटा सकते हैं. ये ऑप्शन तब के लिए है जब आपका कर्जदार पैसे लौटाना चाहता हो पर लौटा न पा रहा हो.
लेकिन अगर आपका दोस्त पैसे न लौटाने पर अड़ जाए तो आपको कानूनी रास्ता अपनाना होगा. अगर अमाउंट ज्यादा है और आपको लगता है कि कर्जदार पैसे लौटा सकता है लेकिन लौटाना नहीं चाहता तो आप केस फाइल कर सकते हैं. इसके लिए आपके पास पेमेंट का सबूत होना ज़रूरी है. मैसेज, कॉल रिकॉर्डिंग, ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड अगर हो तो वो सब इकट्ठा करके रखें.
- जब तक किसी को अच्छी तरह नहीं जानते तब तक उसे उधार देने से बचें. कुछ लोग उधार मांगने की कला में माहिर होते हैं. तो अगर आपको लगे कि वो ज्यादा जरूरतमंद है तो उससे पहले से जानने वाले लोगों से उसके बारे में पूछताछ करने के बाद ही फैसला करें.
- लोन मांगे जाने और देने के पूरे कॉन्वर्सेशन का रिकॉर्ड रखें. उधार देते समय ही साफ कर दें कि आपको पैसे वापस कब तक चाहिए.
- पैसे हमेशा यूपीआई या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दें. इससे आपके पास ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड होगा. UPI में ट्रांजैक्शन का टाइप भी आप लिख सकते हैं, इससे रिकॉर्ड रखने में आपको आसानी होगी. कैश में कभी भी उधार न दें.
- आप अगर अपने दोस्त या रिश्तेदार को बड़ा लोन दे रहे हैं तो प्रॉमिसरी नोट बनवाएं. यह Negotiable Instruments Act, 1881 के तहत एक लीगल डॉक्यूमेंट है. यह नोट आप किसी भी नोटरी के पास जाकर बनवा सकते हैं. यहां अगर कर्ज मांगने वाला आपको भरोसे और प्यार की दुहाई दे तो ध्यान रखें, पैसा अलग है और दोस्ती-प्यार अलग है. इन्हें जितना अलग रखा जाए उतना अच्छा.
- लोन तभी दें जब आपको पता हो कि सामने वाले की नीयत और काबिलियत ऐसी है कि वो आपके पैसे लौटा देगा.
बड़े-बुजुर्ग ऐसे ही नहीं कहते कि पैसों की वजह से रिश्ते खराब होते हैं. इसलिए पैसों का हिसाब हमेशा क्लियर रखो, चाहे 1000 रुपये का हो चाहे करोड़ों रुपये का.
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