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Gujarat Election 2022: गुजरात में सिर्फ 2 सीट जीतकर भी AAP रचेगी इतिहास, जानें क्या हैं राष्ट्रीय पार्टी बनने के नियम

Gujarat Election 2022: एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को 3 से 11 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है.

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Gujarat Election 2022: गुजरात में सिर्फ 2 सीट जीतकर भी AAP रचेगी इतिहास, जानें क्या हैं राष्ट्रीय पार्टी बनने के नियम
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डीएनए हिंदीः गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Election 2022) के नतीजे 8 दिसंबर यानी आज घोषित किए जाएंगे. इस बार आम आदमी पार्टी के प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी है. हालांकि एग्जिट पोल (Exit Poll ) में अरविंद केजरीवाल के दावे से उलट नतीजों को संभावना जताई गई है. भले ही एग्जिट पोल के नतीजे आम आदमी पार्टी के पक्ष में ना हो लेकिन गुजरात में सिर्फ 2 सीटें जीतने के साथ ही इतिहास रहने जा रही है. दिल्ली, पंजाब और गोवा में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद गुजरात में वह इतिहास रच सकती है. आज आम आदमी पार्टी के पास राष्ट्रीय पार्टी बनने का मौका है.   

क्या राष्ट्रीय पार्टी बनने वाली है AAP?
दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाने के बाद भी एमसीडी में भी आम आदमी पार्टी की कब्जा होता दिखाई दे रहा है. इतना ही नहीं गोवा में आम आदमी पार्टी को मान्यता मिल चुकी है. ऐसे में केजरीवाल की पार्टी को एक और राज्य में मान्यता मिल जाती है तो आधिकारिक तौर पर उसे राष्ट्रीय पार्टी (National Party) का दर्जा मिल जाएगा.  

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कितने तरह की होती हैं पार्टियां?
देश में तीन तरह की पार्टियां हैं. राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और क्षेत्रीय पार्टियां. देश में राष्ट्रीय पार्टियों की बात करें तो यह केवल सात ही हैं. वहीं राज्य स्तर के 35 दल और क्षेत्रीय दलों की संख्या 350 से अधिक हैं. 

कैसे बनती है राष्ट्रीय पार्टी?
भारत निर्वाचन आयोग की ओर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया जाता है. इसके लिए तीन शर्तें तय की गई हैं. इनमें से जो भी पार्टी एक भी शर्त को पूरा कर लेती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया जाता है.  

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क्या हैं राष्ट्रीय पार्टी बनने की तीन शर्तें?

पहली शर्त - कोई पार्टी तीन राज्यों के लोकसभा चुनाव में 2 फीसद सीटें जीते  

दूसरी शर्त - 4 लोकसभा सीटों के अलावा कोई पार्टी लोकसभा में 6 फीसदी वोट हासिल करे या विधानसभा चुनावों में कम से कम चार या इससे अधिक राज्यों में 6 फीसदी वोट जुटाए. 

तीसरी शर्त - कोई पार्टी चार या इससे अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखे. 

राष्ट्रीय पार्टी बनने से क्या होगा है फायदा? 
अगर कोई पार्टी राष्ट्रीय पार्टी बन जाती है तो इसके कई फायदे होते हैं. पार्टी को पूरे देश में एक आरक्षित चुनाव चिन्ह मिल जाता है. नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों के प्रस्तावकों की संख्या बढ़ सकती है. इसके साथ ही राष्ट्रीय मीडिया पर फ्री एयरटाइम मिल जाता है.  

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