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Russia Ukraine के बीच अगर हुआ समझौता, तो गुलजार होगा भारत का शेयर बाजार? समझें निवेशकों की क्या है उम्मीद

Russia Ukraine Deal Indian Share Market: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट जेलेंस्की की मुलाकात के बाद वॉल स्ट्रीट पर बहार छाई है. उम्मीद की जा रही है कि भारतीय शेयर बाजार की भी रौनक लौटेगी. 

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Russia Ukraine के बीच अगर हुआ समझौता, तो गुलजार होगा भारत का शेयर बाजार? समझें निवेशकों की क्या है उम्मीद

रूस-यूक्रेन डील से गुलजार होंगे शेयर बाजार?

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रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine War) के बीच पिछले 3 साल से जारी जंग अब जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंच सकती है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और जेलेंस्की के बीच हुई मुलाकात के बाद इसके आसार नजर आ रहे हैं. ट्रंप और जेलेंस्की (Trump Zelenskyy Meeting) के बीच हुई मीटिंग के बाद अमेरिकी बाजार गुलजार हैं. उम्मीद की जा रही है कि इसका असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) पर भी नजर आ सकता है. भारतीय शेयर बाजार पिछले 5 महीने से गिरावट के दौर से गुजर रहे हैं. फरवरी के महीने में बाजार ने 28 साल में सबसे बड़ी गिरावट देखी है. जानें ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात ने भारतीय निवेशकों को क्यों बेहतरी की उम्मीद दी है, समझें सभी कारण. 

अमेरिका का असर भारतीय बाजार पर रहता है 
भारतीय स्टॉक मार्केट को देशी परिस्थितियां ही नहीं वैश्विक बाजार और राजनीतिक हालात भी प्रभावित करते हैं. अमेरिका की पॉलिसी का असर भारतीय बाजार पर स्पष्ट दिखता है. इसकी वजह है कि भारतीय बाजार में विदेशी निवेश का एक बड़ा हिस्सा स्टेक FPO का भी होता है. अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय बाजार से एफपीओ की निकासी हुई थी. अब ट्रंप एक बार फिर राष्ट्रपति बन गए हैं और अपने पहले कार्यकाल की तरह उनका फोकस अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है. वह यूक्रेन और रूस ही नहीं, बल्कि इजरायल और हमास संघर्ष को भी खत्म करने पर जोर दे रहे हैं. 


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डोनाल्ड ट्रंप के इन फैसलों का असर सीधे तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पड़ेगा. ट्रंप का जोर इस सेक्टर को बढ़ाने पर रहता है. ऐसे में भारतीय निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति सुधरेगी.  ग्लोबल लेवल पर स्टेबिलिटी आने से भारतीय स्टॉक मार्केट में स्थिरता दिखने लगेगी. अक्टूबर से फरवरी तक 3.10 लाख करोड़ रुपए की एफफीआई निकासी भारतीय बाजार से हुई है. इसकी वजह से पिछले 5 महीनों से मार्केट लाल हो रखा है. अब इसके फिर से हरे निशान में जाने की उम्मीद की जा रही है.


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