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Pakistan Crisis: 8 महीने में कैसे अर्श से फर्श पर आ गई पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, महंगाई में पिसे गरीब, क्यों आई इतनी बदहाली?

Pakistan Crisis: पाकिस्तान दुनियाभर में आर्थिक मदद की गुहार लगा रहा है लेकिन वैश्विक संस्थाएं कर्ज देने से कतरा रही हैं.

Pakistan Crisis: 8 महीने में कैसे अर्श से फर्श पर आ गई पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, महंगाई में पिसे गरीब, क्यों आई इतनी बदहाली?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ. 

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डीएनए हिंदी: पाकिस्तान (Pakistan) बुरी तरह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है. पाकिस्तान का हाल बद से बदतर होता जा रहा है. पाकिस्तान न केवल आर्थिक संकट से जूझ रहा है बल्कि वहां की राजनीतिक अनिश्चितता देश के भविष्य को अधर में धकेल रही है. पाकिस्तान इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से मदद की गुहार लगा रहा है लेकिन बार-बार वैश्विक संस्था झटका दे रही है. 

पाकिस्तान IMF से गुहार लगा रहा है कि उदार तरीके से पाकिस्तान के आर्थिक संकट को सुलझाने की कोशिश की जाए. वैश्विक ऋणदाता के साथ एक अरब से अधिक मूल्य के बेलआउट पैकेज हासिल करने के लिए स्टाफ लेवल एग्रीमेंट में देरी हो रही है.

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कैसे बदहाल होता जा रहा है पाकिस्तान? 

पाकिस्तान चीन के कर्ज के दलदल में बुरी तरह फंस गया है. पाकिस्तान का विदेशी मुद्दा भंडार खत्म होता जा रहा है. पाकिस्तान महंगाई अपने चरम स्तर पर है. पाकिस्तान में प्याज से लेकर आटे तक की किल्लत बढ़ती जा रही है. पाकिस्तान आर्थिक बदहाली के मुहाने पर खड़ा है. वहीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी आसमान पर हैं.

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पाकिस्तान में जून 2022 में प्रलंयकारी बाढ़ आई थी. पाकिस्तान का पूरा मैदानी हिस्सा डूब गया था. पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से 33 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे. जून से अक्टूबर के दौरान हालात इतने बुरे हो गए थे कि वहां के ज्यादातर गोदाम डूब गए थे. पाकिस्तान में खाद्यान संकट पैदा हो गया था. पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली की एक बड़ी वजह वहां की विनाशकारी बाढ़ भी मानी जा रही है.

महंगाई से बेहाल हैं गरीब, नागरिकों पर बढ़ रहा बोझ

पाकिस्तान में प्याज की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही हैं. पाकिस्तान में एक किलो प्याज की कीमत 150 रुपये ज्यादा है. 10 मार्च 2022 को पाकिस्तान में प्याज का भाव 39 रुपये प्रति किलो था. गेहूं के आटे की कीमतों में 53.1 फीसदी इजाफा हुआ है. पाकिस्तान में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है. पाकिस्तान में पेट्रोल डीजल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. पाकिस्तान में गैस सिलेंडर की कीमतें 3445 रुपये हो गए हैं. सरसो के तेल की कीमत 595 रुपये किलो हो गया है. 

और तबाह होगा पाकिस्तान

पाकिस्तान आर्थिक तौर पर और तबाह होने वाला है. पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज नहीं मिल पा रहा है. 1.1 अरब डॉलर की मांग ठुकराई जा रही है. पाकिस्तान को लोन की पहली किस्त तक नहीं मिल रही है. पाकिस्तान पर 3 अरब डॉलर का कर्ज है, जिसे चुकाना पाकिस्तान के लिए असंभव बन गया है. 

पाकिस्तान की तबाही के लिए ये वजहें भी हैं जिम्मेदार

पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली की वजह वहां राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक असुरक्षा भी है. पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन पैर पसार रहे हैं, जिस पर सरकार लगाम नहीं लगा पा रही है. तालिबानी आतंकी लगातार पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा रहे हैं.

वैश्विक कर्ज के बढ़ते बोझ की वजह से पाकिस्तान नई आर्थिक नीति भी नहीं बना सकता है. शाहबाज शरीफ सरकार चौतरफा चुनौतियों से जूझ रही है. इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान-तहरीक-इंसाफ पार्टी भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. राज्य में जन विद्रोह की स्थिति बन गई है. फिलहाल पाकिस्तान, इस संकट से उबरता नजर नहीं आ रहा है.

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