डीएनए एक्सप्लेनर
हथियार कौन से थे? ये कितने घातक हैं? इन सभी सवालों के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना होगा और उन घटनाओं को याद करना होगा जब पंजाबी पॉप सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई.
बॉलीवुड एक्टर दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर फायरिंग करने वाले शूटर्स पर बड़ा एक्शन लेते हुए यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद में चार में से दो शूटर्स को मार गिराया है. मारे गए अपराधियों की पहचान रविंद्र और अरुण के रूप में हुई है. जबकि पुलिस अभी भी दो अन्य शूटर्स नकुल और विजय की तलाश में जुटी है. यूं तो मेन स्ट्रीम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक, गाजियाबाद में हुए इस एनकाउंटर पर छोटी से लेकर बड़ी तक तमाम बातें हो रही हैं. मगर जिस चीज ने लोगों को हैरत में डाला, वो हैं वो हथियार, जो यूपी पुलिस ने इस एनकाउंटर के बाद बरामद किये हैं.
हथियार कौन से थे? ये कितने घातक हैं? इन सभी सवालों के लिए हमें थोड़ा पीछे चलना होगा और उन घटनाओं को याद करना होगा जब पंजाबी पॉप सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई. वो वक़्त जब भीड़ भाड़ वाले कोर्ट परिसर में गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और अशरफ को मौत के घाट उतारा गया. या फिर जब सरे बाजार महाराष्ट्र के एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी को मारा गया.
हो सकता है इतना पढ़कर आप सवाल कर लें दिशा के घर हुई फायरिंग और इन हत्याओं का क्या कनेक्शन है? क्योंकि शुरुआत में जिक्र हमने हथियारों का किया है इसलिए ये बता देना जरूरी हो जाता है कि दिशा के घर हुई फायरिंग और हत्या के इन तीनों ही मामलों में हत्या का हथियार, जो कि तुर्की निर्मित ज़िगाना पिस्टल है, एक जैसा था.
आइये जानें इस पिस्टल से जुड़ी बेहद दिलचस्प बातें-
ध्यान रहे कि ज़िगाना आमतौर पर तुर्की निर्मित छोटे हैंडगन से जुड़ी ब्रांड लाइन के नाम के रूप में सुनी जाती है. इन्हें बनाने वाली कंपनियां छोटे से मध्यम आकार के सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल बनाती हैं. ऐसे मॉडल सामान्यतः कम्पैक्ट, पॉकेट-फ्रेंडली और आसानी से कैरी किये जा सकते हैं.
क्यों गैंगस्टर्स के दिल के करीब है ये गन?
ज्ञात हो कि जिगाना पिस्टल बीते कुछ सालों में अपराध जगत में सबसे चर्चित बन चुकी है. इस पिस्टल की विशेषता यह है कि यह 9 एमएम की हाई-कैपेसिटी गन है. इसमें 15 से 17 राउंड तक गोलियां भरी जा सकती हैं और हल्की होने के कारण आसानी से छुपाई जा सकती है.
बताते चलें कि जिगाना के कुछ मॉडल छोटे कैलिबर में आते हैं, जिनका रीकॉइल प्रबंधनीय होता है और शॉर्ट-रेंज पर असरदार माना जाता है. छोटे आकार के कारण उन्हें पॉकेट-डिफेंस हथियार के रूप में देखा जाता है.
रख रखाव है आसान
क्योंकि इस गन की काफी डिमांड है. इसलिए बाज़ार में इसके कई मॉडल तो हैं ही साथ ही इसके पार्ट्स भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. असलहों के जानकार मानते हैं कि चाहे वो खरीद हो या फिर रखरखाव और रिप्लेसमेंट सब कुछ बेहद आसान है और यही वो एक बड़ा कारण है जिसके चलते अपराधी इसे हाथों हाथ लेते हैं.
भारत में किन गैंगस्टर्स के बीच पॉपुलर है ये गन?
चूंकि इस गन से एक बार में 15 से ज़्यादा राउंड फायर संभव है और इसके जाम होने की भी संभावना कम होती है इसलिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के गैंगस्टरों के बीच इस पिस्टल को बहुत पॉपुलर माना गया है.
आखिर कैसे भारत आते हैं ये घातक हथियार
अभी बीते दिनों ही जांच एजेंसियों ने नेपाल से देश के सबसे बड़े आर्म्स सप्लायर सलीम पिस्टल को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की थी. जांच एजेंसियों के सामने सलीम ने पूछताछ में यह कहकर सबके होश उड़ा दिए थे कि इंडिया में गैंगस्टरों को सबसे पहले जिगाना पिस्टल उसी ने सप्लाई की थी. इसके बाद से ही अपराधियों के बीच ये पिस्टल पॉपुलर हुई और इसकी डिमांड बढ़ गई.
उसने खुलासा किया कि भारत में गैंगस्टरों को सबसे पहले जिगाना पिस्टल उसी ने सप्लाई की थी. इसके बाद से ही इन हथियारों की डिमांड बढ़ गई. जांच में यह भी सामने आया कि ये पिस्टल पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब बॉर्डर पर गिराई जाती हैं. वहीं, नेपाल एयर कार्गो के जरिए भी बड़ी संख्या में इनकी तस्करी होती है.
बाजार में कितने की मिलती है जिगाना पिस्टल?
जिगाना की कीमत को लेकर जो जानकारी बाहर आई है यदि उस पर यकीन किया जाए तो जिगाना के कई वेरिएंट हैं, जिनकी कीमत 6 लाख रुपये से 7 लाख रुपये के बीच है और इन्हें आसानी से खरीदा जा सकता है.
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