डीएनए एक्सप्लेनर
Akashdeep struggle story: बिहार के सासाराम में जन्मे आकाशदीप के संघर्ष की कहानी किस फिल्म से काम नहीं है. आइए जानें आकाश के बिहार से एजबेस्टन तक के सफर के बारे में पूरी कहानी?
बिहार के सासाराम में जन्मे आकाशदीप की कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती हैं. क्योंकि उनके संघर्ष की कहानी में वो सबकुछ है. जो एक फिल्म में होती है. जब आकाश दीप 23 साल के थे. तब ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. पिता पैरालिसिस के शिकार हो गए. उसके कुछ दिनों बाद ही उनकी मौत हो गई. पूरा परिवार इस संकट के समय से उबर पाता कि बड़े भाई का भी देहांत हो गया. अब युवा आकाश दीप के कंधों पर दो बहनों की जिम्मेदारी आ गई.
आकाशदीप ने घर की जिम्मेदारी को निभाने के लिए साल 2015 में क्रिकेट खेलना छोड़ दिया. लेकिन उनके खून से क्रिकेट खत्म नहीं हुआ था. 3 साल के बाद ही क्रिकेट के मैदान ने आकाश को अपनी तरफ खींच लिया. तो उन्होंने कोलकाता का रुख किया. आकाश बिहार के थे इसलिए उनका कोलकाता में सीधा दाखिला मिलना आसान नहीं था. इसलिए आकाश दीप ने दुर्गापुर में एक लोकल क्रिकेट एकेडमी का हिस्सा बन गए. उनकी क्रिकेट में शुरुआत बैट्समैन के तौर पर हुई थी. लेकिन कोच और साथी खिलाड़ी ने आकाश के तेज गेंदबाजी की क्षमता को पहचाना.
आकाश दीप को काफी समय के बाद बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के सेकंड डिविज़न क्लब ‘यूनाइटेड क्लब’ से खेलने का मौका मिला. यहां उनकी मुलाकात तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से हुई. शमी ने आकाश को फिटनेस, रन-अप और स्पीड पर काम करने की सलाह दी. जिसका फायदा भी उनको मिला.
आकाश को जल्द ही संघर्ष का फल मिला. उन्हें साल 2019 में बंगाल के अंडर-23 टीम में जगह मिल गई. जिसके बाद उन्होंने टी20, लिस्ट-A और फर्स्ट क्लास तीनों फॉर्मेट्स में जल्द ही अपनी छाप छोड़ी. आकाशदीप की धमाकेदार गेंदबाजी की वजह से रणजी ट्रॉफ़ी 2019-20 में बंगाल फाइनल तक पहुंचा. इस सीजन युवा गेंदबाज के नाम 35 विकेट रहे थे.
घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए आईपीएल 2022 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आकाशदीप को साइन कर लिया. जहां उनको विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को गेंदबाजी करने का मौका मिला. इसी साल आईपीएल में आकाश ने डेब्यू किया और सबको अपनी बॉलिंग से प्रभावित किया.
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में आकाश को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 8 लाख रुपये के भारी भरकम कीमत में अपनी टीम का हिस्सा बनाया. लेकिन इस सीजन आकाश चोट की वजह से काफी परेशान रहे और सबकी उम्मीदों के मुताबिक़ प्रदर्शन भी नहीं कर सके.
साल 2023 के आखिरी में आकाशदीप कमर में स्ट्रेस फ्रैक्चर का शिकार हो गए. जिसे तेज गेंदबाजों के लिए सबसे खतरनाक चोट मानी जाती है. इस इंजरी की वजह से आकाश को पूरे 3 महीने क्रिकेट से दूर रहना पड़ा. किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए ये समय आसान नहीं होता है.
लेकिन आकाशदीप ने हार नहीं मानी और फिर रीहैब के जरिए क्रिकेट के मैदान पर वापसी के लिए खुद को तैयार करने में जुट गए. उनकी वापसी इंग्लैंड लॉयंस के ख़िलाफ़ A सीरीज़ से हुई. जहाँ उन्होंने दो मैचों में 11 विकेट लेकर फिर से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा.
इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में जसप्रीत बुमराह की जगह आकाशदीप को खेलने का मौका मिला. किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि बुमराह की गैरमौजूदगी में भारत कुछ कमाल कर पाएगी. कप्तान शुभमन ने पहले बल्ले से साथ कमाल किया. जिसके बाद बारी आकाशदीप और सिराज के कंधों पर थी. जिसे आकाश ने नई गेंद से इंग्लिश बल्लेबाजों की हालत खराब कर दी. लीड्स टेस्ट में शतक लगाने वाले बेन डकेट और ओली पोप को बिना खाता खोले ही इस गेंदबाज के का शिकार बन गए.
आकाश ने एजबेस्टन में 10 विकेट झटके और पहली बार टीम इंडिया को इस मैदान पर जीत दिला दी. सासाराम से दुर्गापुर, फिर कोलकाता और अब टीम इंडिया, ये सिर्फ़ एक तेज़ गेंदबाज़ की नहीं, एक लड़ाके की कहानी है. जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.