डीएनए एक्सप्लेनर
हमास के आतंकियों ने इजरायली बंधकों के साथ क्या बर्बरता की, इसे लेकर ढेरों किस्से हैं और इन्हीं किस्सों में एक किस्सा एली शराबी का भी है, जिसकी तस्वीर ने इजरायल और दुनिया भर के नेताओं को खासा विचलित किया है.
हमास ने इजरायलियों के साथ क्या बर्बरता की? इस सवाल के मद्देनजर कई किस्से हम सुन चुके हैं. मगर वास्तव में हमास आतंकी किस हद तक बर्बरता से भरे थे अगर इस बात को समझना हो तो हम एली शराबी का रुख कर सकते हैं. करीब दो सप्ताह पहले गाजा से रिहा हुए इजरायली बंधक एली शराबी की तस्वीर देखकर इजरायल और दुनिया भर के नेताओं को गहरा आघात पहुंचा है और उनमें भारी गुस्सा है. एली के भाई शेरोन, जिन्होंने उसकी रिहाई के लिए महीनों तक संघर्ष किया, ने वेस्ट की एक लोकप्रिय वेबसाइट को बताया है कि एली को हमास द्वारा प्रताड़ित किया गया था.
उसके साथ हमास आतंकियों ने कुछ ऐसा सुलूक किया कि वह मुश्किल से दिन का उजाला देख पाता था. शेरोन के मुताबिक गाजा में लगभग सोलह महीने रहने के बाद धीरे-धीरे एली की फिजिकल ताकत वापस आ रही है. शेरोन ने कहा कि, 'एली जमीन के नीचे दर्जनों मीटर की गहराई में था और पहले दिन से ही उसे बहुत ही कठिन परिस्थितियों में रखा गया था.
शेरोन ने यह भी बताया कि, उसके अपहरणकर्ताओं द्वारा उसे दिया गया व्यवहार बहुत ही अपमानजनक और बहुत ही धमकी भरा था. चूंकि एली की रिहाई शब्बत के दिन हुई थी इसलिए एक यहूदी होने के नाते शेरोन अपने भाई की रिहाई का लाइव टेलीविज़न फ़ीड नहीं देख पाया था.
जब कुछ घंटों बाद वह अस्पताल में अपने भाई मिला तो जैसी एली की हालत थी, शेरोन को एली को पहचानने में खासी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा. अपने भाई की हालत का जिक्र करते हुए शेरोन ने बताया कि, एली को बहुत ही ज़्यादा भूखा रखा गया था. उसे अपमानित किया गया, पीटा गया. उसे रहने के लिए न्यूनतम स्थितियां भी नहीं मिलीं.
शेरोन ने यह भी कहा कि उसे कैद में बहुत कठिन परिस्थितियों में रखा गया था, जिसमें हमास की सुरंगों में 16 महीने तक अत्यधिक भूख, यातना, अपमान शामिल था. शेरोन के मुताबिक, मुझे लगता है कि एली की शक्ल ही सब कुछ बयां कर देती है.
बताते चलें कि एली को 7 अक्टूबर 2023 को किबुत्ज़ बेरी में उसके घर से ले जाया गया था. एली के बारे में दुखद पहलू यह भी है कि जब वह घर पहुंचा तो उसे पता चला कि उसकी पत्नी और बच्चों को हमास आतंकियों द्वारा मार दिया गया जिससे एली को गहरा झटका लगा.
ध्यान रहे कि 490 दिनों की कैद के बाद एली की रिहाई को आज भी परिवार एक कड़वाहट भरे पल के रूप में देखता है. ज्ञात हो कि एली के अलावा उसके एक और भाई योसी शराबी को भी 7 अक्टूबर 2023 को अगवा कर लिया गया था और उसका शव अभी भी गाजा में है.
हमास ने कहा कि योसी की मौत इजरायली हवाई हमलों में हुई है, जिसके बारे में आईडीएफ जांच में कहा गया है कि ऐसा होने की संभावना है. हालांकि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि हमास के अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या की है.
परिवार उसे वापस लाने के लिए अभियान चला रहा है ताकि उसे उचित तरीके से दफनाया जा सके. माना जा रहा है कि युद्ध विराम में किसी भी तरह की बाधा से यह खतरा हो सकता है. शेरोन के अनुसार, 'हम पिछले 16 महीनों से इस संघर्ष में हैं और मुझे लगता है कि हर कोई कम से कम अपने लोगों को अंतिम विश्राम स्थल पर वापस लाने का हकदार है.
शेरोन ने यह भी कहा कि, 'अगर वे अपने पैरों पर खड़े और जीवित नहीं हैं, तो कम से कम, भले ही उस व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी हो, उसे सम्मान के साथ वापस लाया जाना चाहिए, उसे उचित सम्मान दिया जाना चाहिए, उसे उसकी धरती पर, उसकी भूमि पर वापस लाया जाना चाहिए.
शेरोन ने योसी की मौत पर अफ़सोस जाहिर करते हुए इस बात का भी जिक्र किया कि, योसी की बहुत याद आती है, यह सामान्य रूप से मानवता के लिए एक बड़ी क्षति है, लेकिन विशेष रूप से उनके परिवार, उनकी पत्नी और बेटियों के लिए, जो 7 अक्टूबर को हमास के क्रूर हमले में बच गए थे.
वहीं शेरोन ने इस बात पर भी बल दिया कि मेरी प्रतिबद्धता, जैसे मैंने एली के लिए लड़ाई लड़ी, मैं योसी के लिए लड़ूंगा, और सभी बंधकों के लिए, ताकि लोग यह जानें कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपने परिजनों से बिछड़ना किसी भी सूरत में आसान नहीं है.
गौरतलब है कि गाजा युद्ध विराम का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है. बंधकों के चार और शव इजरायल को वापस मिलने हैं. लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अगले चरण पर बहुत कम बातचीत हुई है.
कहा जा रहा है कि जब तक कि पहले चरण को अस्थायी रूप से बढ़ाने के लिए कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक युद्ध फिर से शुरू हो सकता है, और तब स्थिति कैसी होगी? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 63 बंधक अभी भी गाजा में ज़िन्दगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
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