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कौन हैं Anjali Sud, इस 'भारतीय' को मिली है Harvard University Board में कनाडा के PM की जगह

Who is Anjali Sud: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्ने ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) के बोर्ड ऑफ ओवरसीयर्स से इस्तीफा दे दिया है. यह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का प्रशासन चलाने वाले दो गवर्निंग बोर्ड्स में से एक है.

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कौन हैं Anjali Sud, इस 'भारतीय' को मिली है Harvard University Board में कनाडा के PM की जगह
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Who is Anjali Sud: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद से यह संस्थान बेहद चर्चा में है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक माना जाता है, जहां पढ़ाई करना हर किसी का सपना होता है. अब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी एक और नए कारण से चर्चा में आ गई है. एक भारतीय को इस यूनिवर्सिटी का प्रशासन चलाने वाली गवर्निंग बॉडी में से एक बोर्ड ऑफ ओवरसीयर्स में मेंबर के तौर पर जगह दी गई है. ये भारतीय एक महिला अंजलि सूद (Anjali Sud) हैं, जो एक अमेरिकी कंपनी की CEO भी हैं. सबसे खास बात ये है कि अंजलि सूद ने बोर्ड में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्ने (Canadian PM Mark Carney) की जगह ली है, जिन्होंने इस बोर्ड की मेंबरशिप से इस्तीफा दे दिया है. अंजलि इसके बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ ओवरसीयर्स (Harvard University's Board of Overseer) में निर्वाचित हुई हैं. चलिए आपको बताते हैं कि अंजलि सूद कौन हैं.

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Tubi की CEO हैं अजंलि सूद
अंजलि सूद (Anjali Sud) अमेरिकी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म Tubi (streaming platform Tubi) की CEO हैं. उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ ओवरसीयर्स में चुना गया है. सूद को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्ने की जगह दी गई है, जिन्होंने अपना कार्यकाल खत्म होने से 2 साल पहले इस बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है. बैंक ऑफ कनाडा के पूर्व गवर्नर कार्ने ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी बोर्ड से 9 मार्च को इस्तीफा दिया था. सूद अब बोर्ड में कार्ने के बचे हुए दो साल के लिए मौजूद रहेंगी. इसके बाद दोबारा चुनाव किया जाएगा.

पंजाबी मूल की सूद के पेरेंट्स आए थे यूएस
अंजलि सूद पंजाबी मूल की भारतीय महिला हैं, जिनके माता-पिता अमेरिका आए थे. 1983 में डेट्रॉयट में जन्मी अंजलि सूद की नियुक्ति को उनके मिसाल देने लायक करियर और लीडरशिप स्किल का सबूत माना जा रहा है. सूद ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से साल 2011 में MBA की डिग्री ली थी. इसके बाद वे अलग-अलग कई कंपनियों में लीडरशिप पोजीशंस संभाल चुकी हैं, जिनमें Amazon, Time Warmer, Vimeo आदि शामिल हैं. फिलहाल वे टुबी की सीईओ होने के अलावा Change.org के बोर्ड की चेयरपर्सन हैं और डॉल्बी लेबोरेट्रीज की बोर्ड ऑफ मेंबर हैं. वे फिलिप्स एकेडमी एंडोवर के डेवलपमेंट बोर्ड की एक्जीक्यूटिव कमेटी की भी मेंबर हैं, जहां वे आर्थिक मदद से जुड़ी पहलों को सपोर्ट करती हैं.

सूद के अलावा एक और भारतीय आया हार्वर्ड के प्रशासन में
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रशासन में अंजलि सूद के अलावा एक और भारतीय को जगह मिली है. क्लाइमेट और सस्टेनबिल्टी एक्सपर्ट संजय सेठ (Sanjay Seth) को भी हार्वर्ड एल्युमिनी एसोसिएशन (HAA) के नए डायरेक्टर्स में चुना गया है. सेठ ने हार्वर्ड से दो डिग्रियां ली हैं. वे अर्बन प्लानिंग के अलावा पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में भी ग्रेजुएशन डिग्री हार्वर्ड से ले चुके हैं. यूएस एन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (US Environmental Protection Agency) के न्यू इंग्लैंड ऑफिस में वे चीफ ऑफ स्टाफ और सीनियर एडवाइजर फॉर क्लाइमेट एंड इक्विटी के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं. संजय का हार्वर्ड एल्युमिनी एसोसिएशन में 3 साल का कार्यकाल अन्य 5 नवनिर्वाचित डायरेक्टर्स के साथ 1 जुलाई से शुरू होगा.

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