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14 हां से भारी एक NO! क्या होता है Veto, जिसका इस्तेमाल करके US ने Gaza Ceasefire प्रस्ताव पर रोक लगा दी

UN सिक्योरिटी काउंसिल में गाज़ा में युद्धविराम को लेकर ड्राफ्ट रिजॉल्यूशन पेश किया गया. इस रिजॉल्यूशन में कहा गया कि गाज़ा में इज़राइल और हमास के बीच तुरंत, बिना किसी शर्त के और परमानेंट सीज़फायर लागू किया जाए. लेकिन अमेरिका ने अपने वीटो का इस्तेमाल कर लिया और युद्ध विराम के प्रस्ताव पर रोक लगा दी.

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14 हां से भारी एक NO! क्या होता है Veto, जिसका इस्तेमाल करके US ने Gaza Ceasefire प्रस्ताव पर रोक लगा दी
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गाज़ा पट्टी में चल रहे युद्ध को मानवीय संकट बताते हुए UNSC के 15 सदस्य देशों में से 14 ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था.हालांकि, अमेरिका ने अपने वीटो का इस्तेमाल करके इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी. UN में अमेरिका के कार्यकारी एम्बेसडर डोरोथी शिया ने कहा, 'अमेरिका का पक्ष साफ हैः हम ऐसे किसी प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे जो हमास की निंदा नहीं करता है और  जिसमे हमास के गाज़ा छोड़ने की मांग न हो.' उन्होंने यह भी कहा कि रिजॉल्यूशन अमेरिका की तरफ से की जा रही युद्ध विराम की कोशिशों को भी कमज़ोर कर सकता है.

हमास को लेकर अमेरिका की मांग क्या है?

UNSC के रिजॉल्यूशन में अमेरिका की दो मांगों को शामिल नहीं किया गया था. अमेरिका की मांग है कि रिजॉल्यूशन में हमास की तरफ से इज़राइल पर किए गए 7 अक्तूबर, 2023 के हमले की निंदा की जानी चाहिए. इसके साथ ही अमेरिका की मांग है कि हमास के लड़ाके हथियार डाल दें और गाज़ा छोड़ दें. 

What is Veto: क्या होता है वीटो?

UNSC में वीटो का मतलब किसी भी महत्वपूर्ण फैसले को अस्वीकार करने का अधिकार है. UNSC में 15 देश हैं, इनमें से 5 UNSC के परमानेंट सदस्य हैं. अमेरिका, चीन, फ्रांस, रूस और यूनाइटेड किंगडम. UNSC के चार्टर के मुताबिक, सभी सदस्य देशों के पास 1-1 वोट का अधिकार है. किसी प्रस्ताव के पास होने के लिए 9 सदस्य देशों के समर्थन की जरूरत होती है. अगर कोई देश प्रस्ताव का समर्थन नहीं करता है तो वो वोटिंग से बाहर हो सकता है. यहां साफ कर दें कि किसी प्रस्ताव पर नेगेटिव वोटिंग का अधिकार केवल परमानेंट 5 के पास होता है.

वहीं, UNSC में वीटो का अधिकार केवल Permanent 5 के पास होता है. इन पांच देशों में से कोई एक अगर ये चाहता है कि प्रस्ताव पास नहीं होना चाहिए तो वो अपने वीटो का इस्तेमाल करके उसे खारिज कर सकता है. अगर, परमानेंट 5 देशों में से किसी को ये लगता है कि वो समर्थन में नहीं है लेकिन प्रस्ताव पास किया जा सकता है तो वो वीटो करने की जगह वोटिंग प्रक्रिया से खुद को अलग कर लेता है. 

आपको बता दें कि UNSC में अब तक 300 से ज्यादा बार वीटो का इस्तेमाल किया गया है. सभी देशों में सबसे ज्यादा वीटो का इस्तेमाल रूस ने किया है.

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