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Explainer: खालिस्तान नेशनल आर्मी क्या है जिसने भारत में मंदिरों को उड़ाने की धमकी दी? पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन

Pakistan -Khalistan connection: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI कई खालिस्तानी आतंकी संगठनों के एक साथ लाकर भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रही है. ISI की मदद से ये संगठन अब अजरबैजान और तुर्की जैसे देशों में जड़ें जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

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Explainer: खालिस्तान नेशनल आर्मी क्या है जिसने भारत में मंदिरों को उड़ाने की धमकी दी? पाकिस्तान से क्या है कनेक्शन

पाकिस्तान की मदद से सिर उठा रहे खालिस्तानी संगठन. ( AI इमेज)

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  • पाकिस्तान की मदद से सिर उठा रहे खालिस्तानी संगठन.
  • पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI नेटवर्क खड़ा करने में मदद दे रही.
  • अजरबैजान और तुर्की जैसे देशों में जड़ें जमा रहे हैं खालिस्तानी आतंकी संगठन.

Khalistan National Army:  बीते 10 जून को पुणे नगर निगम (PMC) को एक ईमेल मिला जिसमें नगर निगम मुख्यालय में मेयर के दफ्तर में बम धमाके की धमकी दी गई थी. इसी ईमेल में नागपुर में विधानसभा भवन और RSS हेडक्वार्टर में भी धमाके की धमकी दी गई थी. इससे पहले 4 जून को पंचकूला के मेयर श्याम लाल बंसल को एक धमकी भरा मेल मिला था जिसमें कहा गया था कि पंजाब सचिवालय, हिंदू मंदिरों और अंबाला-दिल्ली ट्रेन में धमाके होंगे. ये सभी ई-मेल 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' के नाम से आए थे. इन धमकियों के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने पड़ताल को तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं. धमकी देने वाले समूह 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया. 

क्या है खालिस्तान नेशनल आर्मी और इसका पाकिस्तान कनेक्शन?

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पड़ताल पता चला कि 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' कोई स्थापित ज़मीनी संगठन नहीं है, बल्कि यह एक स्वघोषित डिजिटल रूप से सक्रिय गुट है. ये पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का एक नया मॉडल है. इसे कई खालिस्तानी संगठनों को मिलाकर बनाया गया है. पिछले कुछ महीनों से भारत के कूटनीतिक दबाव से इन संगठनों के लिए कनाडा और ब्रिटेन में काम करना मुश्किल हो गया है. इसलिए इन संगठनों ने पाकिस्तान और अजरबैजान को नया ठिकाना बनाया है. इसमें ISI का हाथ भी है.

पाकिस्तान में कौन-कौन से खालिस्तानी संगठन एक्टिव हैं?

आतंकवाद को पालने-पोसने की फैक्ट्री बन चुका पाकिस्तान खालिस्तानी आतंकी संगठनों के लिए भी एक सुरक्षित पनाहगाह बन चुका है. पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले संगठनों में बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन, खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे नाम हैं. इन सबके चीफ और सरगना इस पाकिस्तान में ही रहते हैं. बब्बर खालसा इंटरनेशनल का चीफ वधावा सिंह पाकिस्तान के लाहौर में रह रहा है. खालिस्तान टाइगर फोर्स भी लाहौर में सक्रिय है और इसका नेटवर्क अमेरिका और यूरोप में भी फैला है.

कौन से मंदिर खालिस्तानी संगठनों के निशाने पर?

खालिस्तानी आतंकी संगठनों ने 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' के नाम से दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, योगमाया मंदिर, कालका जी मंदिर, हरियाणा के कार्तिकेय मंदिर, स्थानेश्वर महादेव मंदिर, भीमा देवी मंदिर, अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर, अयोध्या के राम मंदिर, जालंधर का श्री देवी तालाब मंदिर और अमृतसर के श्री दुर्गियाना मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी है. 

पाकिस्तान-अजरबैजान से मदद

दैनिक भास्कर ने अपनी एक रिपोर्ट में केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले से बताया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से खालिस्तानी संगठन तुर्की और अजरबैजान में भी अपना नेटवर्क फैला रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल 16 जनवरी को अजरबैजान की राजधानी बाकू में खालिस्तानी संगठनों की एक बैठक भी हुई थी जिसमें अमेरिका, कनाडा और पाकिस्तान के समूहों के प्रमुख शामिल हुए थे. अजरबैजान में हुई बैठक में ही भारत में दहशत फैलाने की प्लानिंग हुई थी. 

भारत के खिलाफ पाकिस्तानी साजिश

भारतीय  रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, खालिस्तानी अलगाववाद और पाकिस्तान का कनेक्शन नया नहीं है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI लंबे समय से 'K-2' रणनीति पर काम करती रही है. इसका मकसद कश्मीर और पंजाब दोनों क्षेत्रों में एक साथ अशांति पैदा करके भारत को अस्थिर करना है. ISI इन संगठनों की मदद से पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियार, टिफिन बम, आईईडी और ड्रग्स भी भेजती है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए खालिस्तान नेशनल आर्मी' जैसे नए-नए नामों का इस्तेमाल किया जाता है. वास्तव में इन धमकियों और आतंकी गतिविधियों के पीछे पुराने खालिस्तानी संगठनों का ही हाथ है. ये पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान के उस  प्रॉक्सी वॉर का एक हिस्सा है जिसमें भारत को हजार घाव देकर कई टुकड़ों में तोड़ने की रणनीति पर दशकों से काम किया जा रहा है.

 

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