डीएनए एक्सप्लेनर
एयर इंडिया विमान हादसे पर आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में पता चला है कि फ्यूल स्विच में आई गड़बड़ी की वजह से विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे. उन्हें रिवाइव करने का समय पायलट्स को नहीं मिला और हादसा हो गया.
एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने Air India Plane Crash के एक महीने के अंदर अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट पब्लिश कर दी है. 12 जून को अहमदाबाद में हुए हादसे को लेकर AAIB ने 15 पन्नों की जांच रिपोर्ट पब्लिश की. इस जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि विमान का फ्यूल स्विच बंद होने की वजह से इंजन बंद हो गए और हादसा हो गया. इस हादसे में 275 लोगों की मौत हो गई थी, इनमें से 241 लोग प्लेन में सवार थे.
फ्यूल स्विच काम मतलब है वो बटन जिससे विमान के दोनों इंजनों में फ्यूल की सप्लाई कंट्रोल की जाती है. इसक इस्तेमाल पायलट टेक ऑफ से पहले फ्यूल सप्लाई शुरू करने और लैंडिंग के बाद सप्लाई बंद करने के लिए करते हैं. अगर बीच हवा में इंजन में कोई खराबी आ जाती है तो पायलट इसे स्विच को बंद और चालू करके उसे फिक्स करने की कोशिश करते हैं. फ्यूल स्विच के दो मोड होते हैं RUN और CUTOFF. स्विच के RUN मोड में होने का मतलब है कि इंजन में फ्यूल की सप्लाई जारी है. CUTOFF का मतलब है कि सप्लाई बंद है.
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रॉयटर्स ने एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा है कि फ्यूल स्विच इस तरीके से बनाए जाते हैं कि पायलट द्वारा गलती से स्विच बंद या चालू करने की गुंजाइश नहीं होती है. सामान्य परिस्थिति में पायलट कभी भी फ्लाइट के दौरान फ्यूल स्विच को बंद नहीं करते हैं, खासकर तब जब फ्लाइट टेकऑफ कर रही हो.
बोइंग के जिस विान में हादसा हुआ उसमें दोनों इंजनों के लिए दो फ्यूल स्विच थ्रस्ट लीवर्स के नीचे लगे थे. ये स्विच धोखे से भी दब न जाएं और अपनी जगह पर बने रहें, ये सुनिश्चित करने के लिए उनमें स्प्रिंग लगाया जाता है. फ्यूल स्विच की पोज़िशन बदलने के लिए पायलट को पहले स्विच ऊपर खींचना पड़ता है फिर से रन या कटऑफ की तरफ घुमाना पड़ता है.
AAIB की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स में रिकॉर्ड हुई बातचीत से पता चला है कि टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजन के फ्यूल स्विच एक सेकंड के अंतराल पर RUN से CUTOFF पर शिफ्ट हो गये थे. इसके चलते इंजनों को फ्यूल सप्लाई बंद हो गया. इसके बाद एक पायलट ने दूसरे पूछा था- तुमने फ्यूल स्विच बंद क्यों किया? इस पर दूसरे ने जवाब दिया था कि उसने ऐसा नहीं किया. इसके बाद पायलट्स ने फ्यूल स्विच को फिर से रन पर शिफ्ट किया, लेकिन इतनी देर में प्लेन क्रैश हो गया.
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80 के दशक में अमेरिका की डेल्टा एयरलाइंस के एक विमान में पायलट ने गलती से फ्यूल कट ऑफ कर दिया था. तब वह बोइंग 767 विमान चला रहा था. तब विमान आसमान में काफी ऊपर उड़ रहा था, ऐसे में पायलट को स्विच को फिर से रन में शिफ्ट करने और इंजन को रिवाइव करने का पर्याप्त समय मिल गया था और बड़ा हादसा टल गया था. एयर इंडिया के विमान में टेकऑफ के तुरंत बाद ये समस्या आ गई, विमान ज्यादा ऊपर नहीं गया था, इस वजह से पायलट्स को प्लेन को संभालने का समय नहीं मिल पाया.
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