डीएनए एक्सप्लेनर
Sambhal Violence: संभल पुलिस की विशेष जांच टीम ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल कर कई हैरान करने वाले खुलासे किये हैं. माना जा रहा है कि तमाम सफेदपोशों को बेनकाब करेगी यूपी पुलिस की ये चार्जशीट.
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश पुलिस ने नवंबर में संभल में हुई हिंसा के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 124 आरोपियों के खिलाफ 3000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है. ध्यान रहे संभल में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी. मामले में दिलचस्प यह भी है कि आरोप पत्र में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पहले से ही सलाखों के पीछे हैं और कुछ ऐसे हैं जिनकी पहचान पुलिस ने की है.
संभल पुलिस की विशेष जांच टीम द्वारा पेश किया गया आरोप पत्र हिंसा के सिलसिले में दो पुलिस थानों में दर्ज छह मामलों पर आधारित है. हिंसा के सिलसिले में कुल सात एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर रहमान बर्क मुख्य आरोपी हैं.
स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल भी कई एफआईआर में नामित छह लोगों में शामिल हैं और अधिकारियों ने उन पर हिंसा की साजिश रचने, अशांति भड़काने और भीड़ जुटाने का आरोप लगाया है.
जिला सरकारी वकील राहुल दीक्षित ने इस मामले के तहत मीडिया से बात की है और बताया है कि संभल हिंसा मामले में अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने अपने आरोप पत्र में विस्तार से बताया है कि आरोपियों ने 24 नवंबर की हिंसा की साजिश कैसे रची.
हालांकि एसआईटी ने रहमान बर्क और सोहेल इकबाल के खिलाफ कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है, लेकिन पुलिस ने उन्हें क्लीन चिट भी नहीं दी है. हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और यहां तक कि गोलियां भी चलाईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.आगजनी और तोड़फोड़ भी हुई.
गौरतलब है कि पिछले महीने उत्तर प्रदेश पुलिस ने संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था जिसे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित तौर पर जुड़े एक गिरोह का सदस्य बताया जा रहा है.
इसके अलावा पिछले महीने एक पुलिसकर्मी पर गोली चलाने के आरोपी को भी पकड़ा गया था. बताया जा रहा है कि यह शख्स हिंसा के बाद से दिल्ली के सीलमपुर में छिपा हुआ था और जैसे ही पुलिस को उसके ठिकाने के बारे में पता चला तो वह संभल लौट आया जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
बहरहाल अब जबकि चार्ज शीट यूपी पुलिस ने अदालत के सम्मुख दाखिल कर ही दी है. तो माना यही जा रहा है कि आने वाले वक़्त में संभल हिंसा मामले में ऐसा बहुत कुछ निकलेगा जो अपराधियों के साथ साथ तमाम सफेदपोशों के चेहरे से भी नकाब हटाएगा.
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