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PM Modi Qatar Visit: UAE से सीधे Qatar पहुंचे PM Modi, जानें 8 साल बाद हो रहा यह दौरा क्यों है खास

PM Modi Doha Visit: कतर में जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाए भारतीय नेवी के 8 पूर्व अफसरों की सोमवार को ही रिहाई हुई है. इसके ठीक बाद पीएम मोदी वहां पहुंच रहे हैं.

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PM Modi Qatar Visit: UAE से सीधे Qatar पहुंचे PM Modi, जानें 8 साल बाद हो रहा यह दौरा क्यों है खास

PM Modi in Doha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोहा एयरपोर्ट पर कतर के विदेशमंत्री ने गर्मजोशी से स्वागत किया है. (फोटो-ANI)

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PM Modi Latest News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार रात को यूएई से सीधे कतर की राजधानी दोहा पहुंच गए हैं. करीब 8 साल बाद कतर पहुंचे पीएम मोदी के इस दो दिनी दौरे को उनकी 'अरब कूटनीति' के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह दौरा कतर में जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाए भारतीय नेवी के 8 पूर्व अफसरों की रिहाई के ठीक बाद हो रहा है. माना जा रहा है कि उनके इस दौरे का मकसद इन अफसरों की रिहाई के लिए कतर का धन्यवाद करना और लाल सागर में लगातार बढ़ रही हूती विद्रोहियों की हलचल को लेकर चर्चा करना है.

कतर के अमीर से करेंगे द्विपक्षीय बैठक

पीएम मोदी का कतर की राजधानी दोहा में एयरपोर्ट पर वहां के विदेश मंत्री सुल्तान बिन साद अल-मुरैकी ने स्वागत किया है. पीएम मोदी अपने दौरे में कतर के अमीर (शासक) शेख तमीम बिन हमाद अल थानी (Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani) के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. दोनों नेताओं ने इससे पहले दुबई में भी COP28 Summit के दौरान अलग से द्विपक्षीय बैठक की थी. उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ाने और कतर में बसे भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर बातचीत की थी. पीएम मोदी ने 13 फरवरी को यूएई के लिए रवाना होने से पहले ही सोशल मीडिया पर अपने कतर दौरे की भी घोषणा की थी, जिसमें उन्होंने कतर के अमीर की तारीफ करते हुए इस दौरे को लेकर बेहद आशा जताई थी.

हूती विद्रोहियों से दोनों देश हैं परेशान

लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार यूरोप आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. इजरायल के गाजा पर हमले के विरोध के नाम पर हूती विद्रोही खासतौर पर ऑयल टैंकरों को निशाना बना रहे हैं. इसके चलते ऑयल टैंकरों की सप्लाई का रूट बदलना पड़ा है और अब इन्हें ज्यादा लंबी दूरी से घूमकर जाना पड़ रहा है. लाल सागर से होने वाली सप्लाई में सबसे बड़ा हिस्सा कतर का ही है. भारत का भी समुद्री व्यापार का बड़ा हिस्सा लाल सागर के जरिये ही होता है. ऐसे में हूती विद्रोहियों की इस हरकत के कारण दोनों ही देश परेशान हैं. भारतीय नेवी लगातार अरब सागर से लाल सागर तक ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गश्त कर रही है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी के इस दौरे में दोनों देश इन हमलों को रोकने के लिए आपस में गठजोड़ पर चर्चा करेंगे.

2016 के बाद अब कतर आ रहे हैं मोदी

पीएम मोदी का यह कतर का दूसरा दौरा है. पहली बार पीएम मोदी जून, 2016 में दोहा पहुंचे थे. पीएम मोदी के उस दौरे के बाद से ही कतर और भारत के बीच के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं. कतर की भारत के लिहाज से अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर पिछले 3-4 साल में वहां करीब आधा दर्जन से ज्यादा दौरे कर चुके हैं. जून 2022 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और नवंबर, 2022 में मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी कतर दौरा कर चुके हैं.

8 लाख भारतीय रहते हैं दोहा में

कतर की अहमियत भारत के लिए इस लिहाज से भी ज्यादा है, क्योंकि अकेले दोहा में ही करीब 8 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं. यह किसी भी खाड़ी देश में भारतीयों की सबसे बड़ी संख्या है. पीएम मोदी ने भी एक बयान में कहा था कि भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं. हालिया सालों में हमारे बहुआयामी संबंध हाई लेवल राजनीतिक मेलजोल के साथ ही सभी सेक्टर्स में गहरे हुए हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश बढ़ा है और ऊर्जा संबंध भी मजबूत हुए हैं.

18 महीने बाद रिहा हुए हैं कतर में भारतीय नेवी के पूर्व अफसर

पीएम मोदी के दौरे से महज 3 दिन पहले ही कतर और भारत की दोस्ती का बड़ा उदाहरण सामने आया है. अगस्त, 2022 में कतर में इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में भारतीय नेवी के 8 पूर्व अफसर गिरफ्तार किए गए थे. करीब 18 महीने से जेल में बंद इन अफसरों को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन भारत सरकार ने लगातार उनकी रिहाई के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे थे. इन सभी को कतर ने इसी सप्ताह रिहा करते हुए वापस भारत भेज दिया है. 

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