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PM Modi Europe Visit 2026: PM मोदी के यूरोप दौरे से भारत को क्या मिलेगा? किन डील्स पर टिकी हैं नजरें

इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान पीएम मोदी न केवल फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, बल्कि आजादी के बाद स्लोवाकिया का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनकर एक नया इतिहास भी रचेंगे.

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PM Modi Europe Visit 2026: PM मोदी के यूरोप दौरे से भारत को क्या मिलेगा? किन डील्स पर टिकी हैं नजरें

पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रवाना (Image Source- PTI)

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  • पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया के छह दिनों के अहम दौरे पर रवाना 
  • प्रधानमंत्री 14-16 जून को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा जाएंगे 
  • साल 1993 में स्लोवाकिया के आजाद देश बनने के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा 
  • फ्रांस के एवियन शहर में होने वाले 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (13 जून 2026) को फ्रांस और स्लोवाकिया के छह दिनों के बेहद अहम दौरे पर रवाना हो गए हैं. 18 जून तक चलने वाली यह विदेश यात्रा भारत की कूटनीतिक और आर्थिक तरक्की के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है. इस दौरे का मुख्य मकसद यूरोप के देशों के साथ भारत के सामरिक, व्यापारिक और तकनीकी रिश्तों को एक नए मुकाम पर ले जाना है. 

दौरे को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?

रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरे को लेकर काफी उत्साह जताया. उन्होंने कहा कि भारत की रणनीतिक सोच में फ्रांस की एक बहुत ही खास जगह है. इसी साल की शुरुआत में जब राष्ट्रपति मैक्रों भारत आए थे, तब दोनों देशों के रिश्ते 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर पहुंच गए थे.

जी7 समिट को लेकर पीएम मोदी ने गर्व से कहा कि यह लगातार आठवां मौका है जब भारत को इस वैश्विक मंच पर बुलाया गया है. यह दुनिया में भारत की बढ़ती साख और भरोसे को दिखाता है. उन्होंने साफ किया कि इस मंच पर भारत न सिर्फ अपनी बात रखेगा, बल्कि विकासशील और गरीब देशों की आवाज और उनकी उम्मीदों को भी दुनिया के सामने मजबूती से पेश करेगा. 

 

पीएम मोदी के दौरे का पूरा शेड्यूल

पीएम मोदी का यह छह दिनों का दौरा चार अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है-

  • 13-14 जून (नीस, फ्रांस)- दौरे की शुरुआत फ्रांस के खूबसूरत शहर नीस से होगी. यहां पीएम मोदी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक खास मुलाकात करेंगे. दोनों नेता मिलकर 'भारत इनोवेट्स' नाम के एक बड़े इवेंट की शुरुआत भी करेंगे.
  • 14-16 जून (ब्रातिस्लावा, स्लोवाकिया)- इसके बाद पीएम मोदी इतिहास रचने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचेंगे. साल 1993 में स्लोवाकिया के एक आजाद देश बनने के बाद, पिछले 33 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला स्लोवाकिया दौरा है.
  • 16-17 जून (एवियन, फ्रांस)- स्लोवाकिया से लौटकर पीएम मोदी फ्रांस के एवियन शहर में होने वाले 52वें जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. भारत इस शक्तिशाली समूह का सदस्य नहीं है, फिर भी एक पार्टनर देश के तौर पर पीएम मोदी को यहां लगातार आठवीं बार आमंत्रित किया गया है.
  • 18 जून (पेरिस, फ्रांस)- दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी पेरिस में 'विवाटेक समिट' में शामिल होंगे और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करेंगे.

किन दिग्गजों से होगी मुलाकात?

इस दौरे पर दुनिया के कई ताकतवर नेताओं के साथ पीएम मोदी की सीधी बातचीत होने वाली है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी. इस दौरान दोनों नेता पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और समुद्री सुरक्षा जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ आमने-सामने बैठक करेंगे और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर बात करेंगे.

जी7 सम्मेलन के इतर मुलाकातें

एवियन में जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी सिर्फ मेजबान देशों से ही नहीं, बल्कि दुनिया की कई अन्य महाशक्तियों के नेताओं से भी मिलेंगे. इनमें दक्षिण कोरिया, ब्राजील, केन्या और मिस्र जैसे देशों के राष्ट्रप्रमुख शामिल हैं.

किन सेक्टर्स में हो सकती हैं बड़ी डील्स?

पीएम मोदी के इस दौरे से भारत के खाते में कई बड़ी और महत्वपूर्ण डील्स आने की उम्मीद है. मुख्य फोकस इन क्षेत्रों पर रहेगा-

  • डिफेंसफ्रांस के साथ भारत हथियारों के को-प्रोडक्शन और तकनीक के ट्रांसफर पर बात आगे बढ़ाएगा. वहीं, स्लोवाकिया के साथ रक्षा उत्पादन को लेकर एक बड़े समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है, जिससे भारतीय सेनाओं को आधुनिक हथियार बनाने में मदद मिलेगी.
  • स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी- भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष के तहत भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के जरिए भारत के 120 से ज्यादा डीप-टेक स्टार्टअप्स को दुनिया के बड़े निवेशकों से मिलने का मौका मिलेगा. इसके अलावा दोनों देशों की यूनिवर्सिटीज के बीच भी कई अहम समझौते होंगे.
  • ऑटोमोबाइल, रेलवे और क्लीन एनर्जी- स्लोवाकिया के साथ भारत ऑटोमोबाइल सेक्टर, रेलवे मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जीके क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने जा रहा है.
  • परमाणु ऊर्जा और शिक्षा- इस दौरे पर छोटे परमाणु रिएक्टरों को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ेगी. साथ ही, दोनों देश एक-दूसरे की पढ़ाई की डिग्री को मान्यता देने पर राजी हो सकते हैं, जिससे भारतीय छात्रों के लिए यूरोप जाकर पढ़ना और नौकरी करना काफी आसान हो जाएगा.

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता 

पीएम मोदी इस यात्रा के जरिए भारत और यूरोपीय संघ के बीच अटके पड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को रफ्तार देना चाहते हैं, जिससे भारतीय सामानों के लिए यूरोप का बड़ा बाजार खुल सके.

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