डीएनए एक्सप्लेनर
Terror Hub In West UP: उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी-टैररिस्ट स्क्वॉयड (ATS) ने मुरादबाद से हिज्बुल आतंकी को गिरफ्तार किया है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम था और वो पिछले 18 साल से फरार चल रहा था. इससे पहले भी यहां दर्जनों आतंकी आकर छिप चुके हैं.
Terror Hub In West UP: उत्तर प्रदेश पुलिस के एंटी-टैररिस्ट स्क्वॉयड (UP ATS) के हाथ बड़ी सफलता लगी है. यूपी एटीएस की टीम ने मुरादाबाद में 18 साल से छिपकर रह रहे एक आतंकी को कटघर थाना इलाके में दबोच लिया है. उल्फत हुसैन नाम का यह कश्मीरी आतंकी पाकिस्तानी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन (Hizbul Mujahideen) का मेंबर था और पिछले 18 साल से फरार होकर स्लीपिंग सेल की तरह रह रहा था. कश्मीर के पुंछ जिले के निवासी उल्फत हुसैन के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाएं दर्ज हैं, जिनमें उसकी तलाश की जा रही थी और उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था. इस आतंकी की गिरफ्तारी के साथ ही फिर से वह सवाल खड़ा हो गया है, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर बार-बार उठता रहा है. पिछले 20 साल में 30 से ज्यादा आतंकी और दर्जनों पाकिस्तानी जासूस सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील समझे जाने वाले पश्चिमी यूपी में पकड़े जा चुके हैं, जिसके चलते यह इलाका आतंकियों के लिए 'सुरक्षित पनाहगाह' साबित हो रहा है.
मुरादाबाद की मस्जिद में छिपकर चलाया आतंकी नेटवर्क
यूपी एटीएस के मुताबिक, साल 199-2000 में पुंछ जिले के फजलाबाद (सुरनकोट) निवासी उल्फत हुसैन ने पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग ली थी. वह हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से जुड़ गया था. पाकिस्तान से लौटकर उसने कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया था. मुरादाबाद में असालतपुरा की मस्जिद में छिपकर वह आतंकी नेटवर्क चला रहा था, जिसका खुलासा साल 2002 में कटघर थाना पुलिस ने किया था और उल्फत हुसैन को जेल भेजा गया था. उसके खिलाफ मुरादाबाद के अलावा जम्मू-कश्मीर में भी मुकदमे दर्ज हुए थे. साल 2007 में वह जेल से जमानत पर बाहर आया और फरार हो गया. इसके बाद से वह लगातार छिपकर आतंकी नेटवर्क चला रहा था. साल 2015 में उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ और इसी साल उसके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. उसकी गिरफ्तारी के दौरान बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से लाए गए हथियार और विस्फोटक भी बरामद हुए हैं, जिनसे माना जा रहा है कि वह जल्द ही किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था. पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों को भी तलाश रही है.
वेस्ट यूपी में बड़े पैमाने पर एक्टिव हैं स्लीपर सेल
वेस्ट यूपी में पिछले 20 साल के दौरान सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, शामली, बिजनौर और मुरादाबाद समेत लगभग सभी जिलों में आतंकियों की सक्रियता मिली है. यहां बड़े पैमाने पर आतंकी संगठनों के 'स्लीपर सेल' एक्टिव हैं, जो आतंकियों और पाकिस्तानी जासूसों को छिपने के लिए सुरक्षित जगह मुहैया कराते हैं. इस कारण आतंकी इस इलाके का इस्तेमाल 'पनाहगाह' के तौर पर करते हैं. इसका अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि 20 साल में यहां 30 से ज्यादा आतंकी और करीब 50 पाकिस्तानी जासूस सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं. इनमें लगभग सभी आतंकी संगठनों के मेंबर शामिल हैं.
क्यों भाता है आतंकियों को पश्चिमी यूपी का इलाका
पश्चिमी यूपी में आतंकियों के छिपने के लिए आने का इकलौता कारण यहां स्लीपर सेल का एक्टिव होना नहीं है. दरअसल इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं, जिसके चलते आतंकी इस इलाके को अपनी सुरक्षित पनाहगाह मानते हैं.
साल 2000 के बाद वेस्ट यूपी में पकड़े गए आतंकी
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