डीएनए एक्सप्लेनर
Passport Rules Changed: विदेश जाने के लिए ही नहीं बल्कि खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए भी पासपोर्ट एक अहम दस्तावेज है. इसे बनवाने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नियम बदल हैं. इनके बारे में आप जान लीजिए.
Passport Rules Changed: किसी भी देश में पासपोर्ट सबसे अहम दस्तावेज होता है. यह न केवल आपको उस देश का नागरिक साबित करता है बल्कि आपको दूसरे देश की वैध तरीके से यात्रा करने के लिए भी इसकी जरूरत अनिवार्य तौर पर पड़ती है. इसे किसी व्यक्ति की सबसे पुख्ता पहचान भी कहा जा सकता है. पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ नियम होते हैं, जो आपकी योग्यता तय करते हैं. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो ये नियम ही तय करते हैं कि आपको पासपोर्ट मिलेगा या नहीं यानी आप उस देश के नागरिक हैं या नहीं. पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को ज्यादा पुख्ता और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर इससे जुड़े नियमों की समीक्षा करती रहती है. इसके बाद जरूरत महसूस होने पर नियमों को बदला जाता है. अब फिर केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत जन्म प्रमाणपत्र (Birth Certificate) को पासपोर्ट बनवाने के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. हालांकि यह अनिवार्यता सभी लोगों पर लागू नहीं होगी. चलिए हम इस बदलाव के बारे में आपको सबकुछ बताते हैं.
इन लोगों के लिए बदला गया है नियम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियम 1980 (Passport Rules 1980) में संशोधन किया है. इस संशोधन के तहत अब पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र पेश करना अनिवार्य होगा. यह अनिवार्यता केवल उन लोगों पर लागू होगी, जिनका जन्म 1 अक्टूबर, 2023 को या उसके बाद हुआ है. इस तारीख या उसके बाद पैदा होने वाले बच्चों के लिए जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर सरकारी विभाग द्वारा बनाया गया जन्म प्रमाणपत्र ही लीगल डॉक्यूमेंट माना जाएगा. ऐसे बच्चों का पासपोर्ट बनवाने के लिए उनके माता-पिता को जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से लागू बनवाना होगा.
इन निकायों से जारी जन्म प्रमाणपत्र ही होगा मान्य
सरकार की तरफ से बदले गए नियम के तहत जन्म प्रमाणपत्र कुछ सरकारी निकायों की तरफ से जारी होने पर ही वैध माना जाएगा. इन सरकारी निकायों की सूची निम्न है-
1 अक्टूबर, 2023 से पहले जन्मे लोगों का क्या होगा?
यदि आपका जन्म 1 अक्टूबर, 2023 से पहले हुआ है तो आपको पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र पेश करने की जरूरत नहीं है. ऐसे लोगों के लिए ऑप्शनल डॉक्यूमेंट्स का नियम लागू रहेगा यानी वे अपना ड्राइविंग लाइसेंस, स्कूल मार्कशीट, स्कूल छोड़ने का सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स जमा कराकर पासपोर्ट बनवा सकते हैं. अगर आप अपने बच्चों का या अपना पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको इन नए नियमों को ध्यान में रखते हुए उसके हिसाब से ही सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा वर्ना आपका आवेदन खारिज हो सकता है.
1 अक्टूबर, 2023 से पहले के लोग दिखा सकते हैं ये दस्तावेज
सरकार क्यों लाई है नए नियम?
यदि आप सोच रहे हैं कि आखिर सरकार ने नियम में यह बदलाव क्यों किया है तो जान लीजिए, इसका उद्देश्य फर्जी पासपोर्ट पर रोक लगाना है. इससे पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी. इसे भारतीय नागरिकों की पहचान करना आसान होगा, जिससे देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फर्जी पासपोर्ट के जरिये घुसने वाले लोगों को पकड़ने में मदद मिलेगी.
कितनी तरह के होते हैं भारतीय पासपोर्ट
कितने दिन में बन जाता है पासपोर्ट
दुनिया के शक्तिशाली पासपोर्ट में 85वें नंबर पर है भारत
भारतीय पासपोर्ट को दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में हैनली पासपोर्ट इंडेक्स-2025 के तहत 85वें नंबर पर रखा गया है. पिछले साल यह 80वें नंबर पर था यानी भारतीय पासपोर्ट की ताकत 5 देशों के मुकाबले घटी है. भारतीय पासपोर्ट के तहत बहुत सारे देशों में वीजा ऑन अराइवल की सुविधा है यानी आप वहां एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वीजा ले सकते हैं. इसके अलावा दुनिया के 57 देशों में आप बिना वीजा लिए ही महज टिकट खरीदकर यात्रा कर सकते हैं.
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