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Rahul Gandhi ने श्रीनगर के लाल चौक पर लोगों के साथ खाई आइसक्रीम, समझे इसके सियासी मायने

Jammu And Kashmir Assembly Elections 2024: राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दो दिन के दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं. उनकी नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के साथ गठबंधन की बातचीत चल रही है.

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Rahul Gandhi ने श्रीनगर के लाल चौक पर लोगों के साथ खाई आइसक्रीम, समझे इसके सियासी मायने

Rahul Gandhi लाल चौक पर लोगों के बीच आम आदमी की तरह पहुंचे हैं. (फोटो- PTI)

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Jammu And Kashmir Assembly Elections 2024: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार की रात उस समय सभी को चौंका दिया, जब वे अचानक श्रीनगर के मशहूर लाल चौक के करीब आम लोगों के साथ आइसक्रीम खाने पहुंच गए. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद दो दिन के दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ श्रीनगर पहुंचे राहुल ने इस दौरान कश्मीरी जनता से मुलाकात भी की. खड़गे भी इस दौरान राहुल के साथ रहे. राहुल की आम लोगों से इस मुलाकात के कई सियासी मायने लगाए जा रहे हैं. दरअसल नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के साथ चुनावी गठबंधन करने की कोशिश कर रही कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में भी राहुल की उसी पॉपुलैरिटी को भुनाने की कोशिश में है, जिसके बूते पर लोकसभा चुनाव में सफलता मिलने का दावा पार्टी ने किया था. 

पहले जान लीजिए राहुल ने क्या किया

राहुल गांधी का अचानक लाल चौक पर पहुंचना बेहद खास माना जा रहा है. राहुल और खड़गे बुधवार रात को गुपकार क्षेत्र में होटल ललित से निकले, जहां वे ठहरे हुए हैं. इसके बाद उन्होंने शहर के चर्चित होटल अहदूस में जाकर कश्मीरी व्यंजन 'वाजवान' का लुत्फ लिया. इसके बाद वे अचानक लाल चौक पहुंच गए. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने लाल चौक से कुछ मीटर दूर प्रताप पार्क इलाके में आइसक्रीम पार्लर पर पहुंचकर आइसक्रीम खाई और लोगों से बात की. 

'एक पंथ दो काज' करने की कोशिश

राहुल की इस कवायद को 'एक पंथ दो काज' वाला माना जा रहा है. दरअसल श्रीनगर का लाल चौक लंबे समय तक आतंकियों के गढ़ के तौर पर मशहूर रहा है. इस इलाके को श्रीनगर में सबसे ज्यादा आतंकवाद समर्थक घोषित किया जाता रहा है. BJP लाल चौक पर झंडा फहराने का नाम लेकर ही कांग्रेस पर निशाना साधती है. ऐसे में यहां राहुल गांधी का पहुंचना और आम आदमी के बीच खड़े होकर आइसक्रीम खाना, एक तरीके से BJP के इस दावे को ठेंगा दिखाने जैसा है. इसके अलावा माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने इसके जरिये गुरुवार को होने जा रही अन्य दलों के साथ गठबंधन बैठक से पहले उन पर भी एक सियासी दबाव बनाने की कोशिश की है.

राहुल गांधी पहले भी पहुंच चुके हैं कश्मीरी युवाओं के बीच

राहुल गांधी का कश्मीरी युवाओं के बीच पहुंचने का यह पहला मौका नहीं है. इससे पहले राहुल लद्दाख के दौरे पर बाइक से निकले थे और तब भी वे कश्मीर युवाओं से मिलते हुए वापस लौटे थे. इसके बाद भारत जोड़ो यात्रा का समापन भी उन्होंने कश्मीर पहुंचकर ही किया था. इस दौरान भी उनकी समापन रैली में युवाओं की भीड़ जमकर उमड़ी थी. दोनों ही मौकों पर राहुल गांधी ने कश्मीर में बेरोजगारी और केंद्र सरकार के शिकंजे को लेकर BJP को घेरने की कोशिश की थी. अब चुनाव की घोषणा होते ही राहुल के श्रीनगर पहुंचने को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

जम्मू-कश्मीर में सियासी अवरोध तोड़ने पर है कांग्रेस की नजर

दरअसल कांग्रेस को लंबे समय से इस राज्य में सियासी लेवल पर कोई खास सफलता नहीं मिली है. लेकिन लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद कांग्रेस अब इस सियासी अवरोध को तोड़कर नया इतिहास रचना चाहती है. इसके लिए कांग्रेस फारुक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी के साथ मिलकर मजबूत सियासी गठबंधन खड़ा करने की तैयारी में है. इसी के लिए राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे श्रीनगर पहुंचे हैं, जहां उनकी गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ टिकट बंटवारे को लेकर बैठक होगी. इसी दौरान वे बाकी दोनों दलों के नेताओं से भी चुनावी गठबंधन को लेकर बैठक कर सकते हैं. 

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