डीएनए एक्सप्लेनर
IPL 2025 के फाइनल्स में विराट कोहली की RCB की एंट्री हो गई है. PKBS vs MI में जो टीम जीतेगी वो फाइनल में RCB से टकराएगी. जीतने वाली टीम को ट्रॉफी के सात मिलेगी मोटी रकम, लेकिन हारने वाली टीम भी खाली हाथ नहीं जाएगी. चलिए जानते हैं IPL की कमाई का मॉडल.
दुनिया की सबसे पॉपुलर और सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का 18वां सीज़न अब अपने समापन की तरफ है. Virat Kohli की RCB नौ साल बाद फाइनल में पहुंच गई है और दूसरे फाइनलिस्ट का फैसला आज के MI vs PKBS Playoff मैच में हो जाएगा. RCB और Virat Kohli के फैन्स उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस साल टाइटल जीत लेंगे, लेकिन मुंबई और पंजाब भी टाइटल के तगड़े दावेदार हैं. जीते कोई भी, IPL में एंटरटेनमेंट की गैरंटी पूरी है. पर क्या आप जानते हैं कि IPL में जीतने वाली टीम तो मोटी कमाई करती ही है,रनर अप और हारने वाली बाकी की टीमें भी IPL में खूब पैसा छापती हैं. चलिए जानते हैं कैसे...
साल 2018 से 2024 तक IPL में जीतने वाली टीम को 20 करोड़ रुपये दिए गए. इसमें साल 2020 का IPL अपवाद है, क्योंकि कोविड 19 की वजह से प्राइज़ मनी आधी करके 10 करोड़ कर दी गई थी. वहीं इन सालों में रनर अप को 12 से 13 करोड़ तक दिए गए. 2020 में रनर अप को 6.15 करोड़ मिले थे. उम्मीद लगाई जा रही है कि IPL 2025 में भी ट्रेंड को बरकरार रखते हुए विनर को 20 करोड़ और रनर अप को 13 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
ये भी पढ़ें- IPL 2025 Final: आईपीएल फाइनल के 'चोकर' हैं Virat Kohli, जानिए कैसा रहा है खिताबी मैच में परफॉर्मेंस
IPL का पूरा मैनेजमेंट BCCI के पास होता है. कुछ फाइनेंशियल डील्स BCCI सीधे करता है और कुछ डील्स टीमों का मैनेजमेंट करता है. लेकिन BCCI अपनी डील से होने वाली कमाई का कुछ शेयर टीमों को देता है, और इसी तरह टीमें अपनी डील्स से होने वाली कमाई का शेयर बीसीसीआई को देती हैं. IPL की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा आता है ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप से. टाइटल स्पॉन्सर, टाइम आउट स्पॉन्सर, इन असोसिएशन विद वाले स्पॉन्सर... इन सबसे.
व्यवस्था ये है कि सेंट्रल डीलिंग्स यानी BCCI की तरफ से होने वाली डील्स की कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा BCCI अपने पास रखता है. 45 प्रतिशत हिस्सा सभी टीमों में बराबर बंटता है. वहीं, बाकी का 5 प्रतिशत उन चार टीमों में बंटता है जो प्लेऑफ में जाती हैं.
BCCI से सेंट्रल डीलिंग्स से मिलने वाले शेयर्स के अलावा टीमों की स्पॉन्सरशिप डील होती है. खिलाड़ियों की जर्सी स्पॉन्सर होती है. वहीं, होम ग्राउंड्स में होने वाले मैचों की टिकट बिक्री, मैच के दौरान होने वाली स्नैक्स की बिक्री से टीमें कमाती हैं. फैन्स अपनी पसंदीदा टीम की जर्सी, टोपी और एक्सेसरीज़ भी खरीदते हैं. मोटा-माटी टीमों की कमाई का ये प्रमुख जरिया हैं. यहां भी नियम ये है कि अपनी कमाई का 20 प्रतिशत टीमों को BCCI को देना होता है.
ये भी पढ़ें- IPL 2025 Final: इस बार Virat Kohli के साथ है उन्हें फाइनल हराने वाला प्लेयर, क्या RCB को बना पाएगा चैंपियन?
खिलाड़ियों की कमाई का मुख्य जरिया है नीलामी और कॉन्ट्रैक्ट. कुछ खिलाड़ियों को टीमें रिटेन करती हैं. वहीं कुछ खिलाड़ियों को टीमें नीलामी में खरीदती हैं. नीलामी का बेस प्राइज़ खिलाड़ियों के पिछले परफॉर्मेंस के आधार पर तय होता है. जितनी ज्यादा बोली लगती है, उतने पैसे खिलाड़ी को एक सीज़न के लिए मिलते हैं. इसके अलावा खिलाड़ियों को स्पॉन्सरशिप से पैसे मिलते हैं. इसके अलावा प्लेयर ऑफ द मैच, प्लेयर ऑफ द सीज़न जैसे प्राइज़ भी दिए जाते हैं.
यानी ट्रॉफी मिले या न मिले, ये बात तो तय है कि IPL से कोई खाली हाथ नहीं जाता है. हां, खिलाड़ियों के अगले साल की कमाई इस साल की परफॉर्मेंस पर निर्भर करती है, इसलिए उनका पूरा फोकस अपनी परफॉर्मेंस सुधारने पर होता है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.