डीएनए एक्सप्लेनर
India-Pakistan War: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भारतीय सेना ने जोरदार बदला लिया है. भारतीय सेना के तीनों विंगों ने जॉइंट Operation Sindoor चलाते हुए पाकिस्तान के अंदर तक घुसकर आतंकियों के ठिकानों को उड़ाते हुए अपनी पॉवर दिखाई है.
India-Pakistan War: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान से जोरदार बदला लिया है. भारतीय सेना के तीनों विंगों ने करीब 54 साल बाद जॉइंट ऑपरेशन चलाते हुए पाकिस्तान के अंदर घुसकर एयर स्ट्राइक की है. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के नाम से की गई स्ट्राइक में पाकिस्तान में 9 जगह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिसमें लश्कर-ए-ताइबा (lashkar e taiba ) और जैश-ए-मोहम्मद (jaish e mohammad) के हेडक्वार्टर भी शामिल हैं. इस ऑपरेशन के साथ ही भारतीय सेना ने यह भी दिखा दिया है कि ताकत के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच कितना बड़ा अंतर है. इस कार्रवाई को महज ट्रेलर बताया जा रहा है और कहा जा रहा है कि असली पिक्चर युद्ध होने पर देखने को मिलेगी.
चलिए आपको 5 पॉइंट्स में भारत और पाकिस्तान की सेना की ताकत और हथियारों पर खर्च के अंतर के बारे में बताते हैं-
1. पहले जान लीजिए दोनों देशों की सेना की ताकत में अंतर
ग्लोबाल फायर पावर इंडेक्स 2025 में भारत और पाकिस्तान की सेनाओं की ताकत का अंतर दिखाया गया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) भारत के आसपास भी नहीं ठहरती है. इसके हिसाब से दोनों सेनाओं में निम्न अंतर है-
2. भारत का है भारी-भरकम डिफेंस बजट
भारत का डिफेंस बजट वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 6.81 लाख करोड़ रुपए का है. भारत अपने डिफेंस बजट में हर साल बढ़ोतरी कर रहा है. पिछले 4 साल में ही करीब 30 फीसदी बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे एडवांस वैपन सिस्टम खरीदने में तेजी आई है. भारत का डिफेंस बजट 2022-23 में 5.25 लाख करोड़ रुपये, 2023-24 में 5.54 लाख करोड़ रुपये और 2024-25 में 6,21,941 करोड़ रुपए का था. यह बढ़ोतरी अभी जारी रहने की संभावना है.
3. पाकिस्तान में भी बजट बढ़ाने की कवायद पर भारत से पीछे
पाकिस्तान का डिफेंस बजट 2,281 अरब रुपये का है, जो भारत के बजट से करीब 3 गुना कम है. पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने भी अपने डिफेंस बजट में 18% की बढ़ोतरी आगामी 1 जुलाई को पेश होने वाले 2025-26 वित्त वर्ष के बजट में करने का दावा किया है. इससे पाकिस्तान का डिफेंस बजट बढ़कर 2.5 अरब रुपये हो जाएगा. पाकिस्तान ने 2023-24 के 1,804 अरब रुपये के मुकाबले 2024-25 में भी अपने डिफेंस बजट में 14.98 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए 2,122 अरब रुपये आवंटित किए थे. यह पाकिस्तान के कर्ज की किस्त चुकाने के बोझ के बाद सरकार का दूसरा सबसे बड़ा खर्च है.
4. भारतीय सेना के मॉर्डनाइजेशन के लिए 1,80,000 करोड़ रुपये
मोदी सरकार लगातार भारतीय सेना के मॉडर्नाइजेशन की कवायद पर आगे बढ़ रही है. सेना के लिए नए हथियारों से लेकर नए विमानों आदि तक की खरीद की जा रही है. इसके चलते डिफेंस बजट के कैपिटल खर्च में 2025-26 के बजट में 2024-25 के मुकाबले 4.65 फीसदी की बढ़त की गई है. इस बार कैपिटल खर्च में 1,80,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. इससे भारतीय सेना लगातार आधुनिक उपकरण और हथियार खरीद सकती है.
5. युद्ध हुआ तो क्या हो सकता है परिणाम
यदि भारत-पाकिस्तान के पिछले चारों युद्धों का आकलन किया जाए तो पड़ोसी देश हमारी सेना के सामने ज्यादा दिन तक टिकने की स्थिति में अपने दम पर नहीं है. 1947 में कश्मीर में धोखा देकर घुसे पाकिस्तान ने भले ही संयुक्त राष्ट्र संघ के हस्तक्षेप के कारण हुए सीजफायर के चलते एक हिस्सा कब्जा लिया था, लेकिन असल में भारत ने कश्मीर का दो तिहाई हिस्सा उससे वापस छीन लिया था. 1965 में भी 17 दिन तक युद्ध चला, जिसमें दोनों ही देश खुद को विजेता मानते हैं, लेकिन असल में इस युद्ध का कोई परिणाम नहीं निकला था. 1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को महज 13 दिन में घुटने टेककर आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था. भारतीय सेना ने लाहौर और उससे आगे तक का इलाका जीत लिया था, जबकि पूर्वी पाकिस्तान को स्वतंत्र बांग्लादेश के तौर पर अलग देश घोषित कर दिया था. पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों ने सरेंडर किया था. बाद में शिमला समझौते के तहत भारत ने पाकिस्तानी सैनिक और जीता हुआ इलाका उसे वापस लौटा दिया था. एक्सपर्ट्स का आकलन है कि पाकिस्तानी सेना इस समय गोला-बारूद की कमी से जूझ रही है. ऐसे में दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तानी सेना बिना किसी बाहरी मदद (चीन या तुर्की से मदद ना मिली तो) के अपने दम पर महज 7 दिन ही भारतीय सेना के सामने टिक सकती है.
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