डीएनए एक्सप्लेनर
ICICI Bank Fixed Deposit Fraud: बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर तैनात साक्षी गुप्ता ने शेयर मार्केट में पैसे कमान के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे पढ़कर आपका बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा उठ जाएगा.
ICICI Bank Fixed Deposit Fraud: हम लोग बैंक में अपना पैसा क्यों जमा कराते हैं? आप किसी से भी यह सवाल पूछिए तो वह कहेगा कि ऐसा करना सुरक्षित है. खासतौर पर बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराना तो सबसे सुरक्षित निवेश में से एक होता है, जिसमें आपको तय अवधि के बाद निश्चित रकम मिल जाती है. लेकिन यदि कोई बैंकिंग सिस्टम के इस सबसे सुरक्षित निवेश में भी चोरी कर ले तो आप क्या कहेंगे? ऐसा काम ICICI Bank की एक रिलेशनशिप मैनेजर ने किया है, जो कस्टमर्स का पैसा उनके फिक्स्ड डिपॉजिट से चुराकर शेयर मार्केट में अपना निवेश बढ़ाती रही. यह धोखाधड़ी 3 साल बाद उस समय खुली, जब शेयर मार्केट में भारी घाटे के कारण मैनेजर उस पैसे को वापस बैंक में जमा नहीं करा सकी. राजस्थान के कोटा शहर की इस घटना में रिलेशनशिप मैनेजर साक्षी गुप्ता को राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) ने उस समय गिरफ्तार किया, जब वह अपनी बहन की शादी में शामिल होकर खुशियां मना रही थी.
चलिए आपको 8 पॉइंट्स में इस पूरे केस के बारे में समझाते हैं ताकि आप इस घोटाले की पूरी मॉडस ऑपरेंडी को समझ सकें-
1. करीब 4 करोड़ रुपये निकाले साक्षी ने 41 कस्टमर्स की FD से
अब तक हुई जांच में सामने आया है कि साक्षी गुप्ता ने साल 2020 में कस्टमर्स के फिक्स्ड डिपॉजिट से पैसा चुराना शुरू किया था और यह काम 2023 तक चलता रहा. इस दौरान साक्षी ने 41 कस्टमर्स के 110 बैंक खातों से करीब 4.58 करोड़ रुपये निकालकर शेयर मार्केट में निवेश कर दिए. साक्षी ने कस्टमर्स के पैसे को शेयर मार्केट में इसलिए लगाया था ताकि वह इस रकम से कम समय में बड़ा मुनाफा कमा सके. शेयर मार्केट में मुनाफा होने पर वह एफडी अकाउंट्स से निकाली गई रकम दोबारा उनमें जमा करा देती और किसी को पता भी नहीं चलता, लेकिन शेयर मार्केट में उसका पैसा डूब गया और वह बैंक में दोबारा रकम जमा नहीं करा सकी.
3. कस्टमर्स के मोबाइल नंबर बदलकर किया घोटाला
साक्षी ने कस्टमर्स के बैंक खातों के मोबाइल नंबर बदलकर अपने रिश्तेदारों के नंबर डाल दिए. इससे जब वह उन खातों में ट्रांजेक्शन करती तो उसका ओटीपी कस्टमर के बजाय रिश्तेदारों के मोबाइल पर जाता था. मजे की बात ये है कि मोबाइल नंबर बदलने के फॉर्म धोखे से उसने कस्टमर्स से ही भरवाए थे. साक्षी कस्टमर्स के अकाउंट से पैसे निकालकर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के अकाउंट में डाल देती थी. फिर वहां से निकालकर पैसे को शेयर मार्केट में निवेश कर देती थी. इससे कस्टमर्स को उसके घोटाले का पता ही नहीं चला.
4. कस्टमर्स की एफडी समय से पहले बंद कराई
केस की जांच कर रहे पुलिस अफसर इब्राहिम खान के मुताबिक, साक्षी ने पूछताछ में बताया कि उसने 31 कस्टमर्स की एफडी समय से पहले ही मेच्योर कराकर 1 करोड़ 34 लाख, 90 हजार 254 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए. एक कस्टमर के नाम पर 3.40 लाख का पर्सनल लोन धोखे से ले लिया. चार कस्टमर्स के डेबिट कार्ड से जरिये एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग से भी पैसे निकाले और उन्हें अवैध तरीके से डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया. करीब 40 खातों पर ओवरड्राफ्ट की सुविधा बिना कस्टमर के मांगे ही चालू करके उनमें से भी साक्षी ने पैसा निकाल लिया था.
5. अपनी फैमिली के भी पैसे शेयर मार्केट में डुबोए
जांच में सामने आया है कि साक्षी ने अपने मां-बाप और रिश्तेदारों के साथ भी यही ठगी की है. उनके बैंक अकाउंट में मोबाइल नंबर बदलकर पैसे निकालने के बाद शेयर मार्केट में लगा दिए. पिता के करीब 50 लाख रुपये इसी तरह ठिकाने लगाए हैं. उन्हें भी अपने खाते से हो रहे ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं मिली. यह सारा पैसा भी शेयर मार्केट में डूब गया है.
6. कैसे खुला बैंक में अंदर ही अंदर चल रहा यह घोटाला
आईसीआईसीआई बैंक के एक कस्टमर ने 1.5 लाख रुपये की अपनी एफडी के बारे में साल 2023 में जानकारी मांगी. वह एफडी समय से पहले मेच्योर करके पैसा निकाल लिया गया था. इसी तरह एक महिला ने 15 फरवरी, 2023 को 3.22 करोड़ रुपये अपने खाते से गायब होने की जानकारी दी. इसके बाद बैंक ने अपने स्तर पर जांच शुरू की. करीब दो साल जांच के बाद साक्षी गुप्ता पर शक गया तो उसकी गहन जांच की गई. इसमें साक्षी गुप्ता का फ्रॉड पता चल गया.
7. फरवरी में दर्ज कराई गई FIR
कोटा की ICICI बैंक डीसीएम ब्रांच के मैनेजर तरुण दाधीच ने 18 फरवरी को उद्योग नगर थाने में साक्षी गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस करीब 3 महीने से मामले की जांच कर रही है. जांच में साक्षी गुप्ता के घोटाला करने के सबूत मिलने के बाद पुलिस ने 31 मई की रात को उसे उसकी बहन की शादी के समारोह से गिरफ्तार कर लिया.
8. बैंक ने लौटाए 110 कस्टमर्स के पैसे
बैंक प्रबंधन ने इस केस के बारे में अब तक कोई बयान नहीं दिया है. मीडिया के संपर्क करने पर मैनेजर तरुण दाधीच ने हेडक्वॉर्टर से ही बयान जारी होने की बात कही है. हालांकि बैंक सूत्रों ने बताया कि 110 कस्टमर्स को अब तक बैंक अपनी तरफ से पैसे लौटा चुका है. शुक्रवार को साक्षी के गिरफ्तार होने की खबर लीक होने के बाद बैंक में कस्टमर्स की लाइन लगी रही, जिनमें से ज्यादातर अपनी रकम सेफ होने की पुष्टि करने पहुंचे थे. पुलिस फिलहाल साक्षी गुप्ता से और ज्यादा जानकारी पाने के लिए पूछताछ कर रही है.
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