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Explained: चीन की मिसाइलें कितनी ताकतवर हैं? कितनी दूरी तक हमला कर सकती है PLA, जानिए सबकुछ

चीन का लक्ष्य दुनिया की सबसे ताकतवर सेना खड़ी करना है. PLA के पास अब 300 किलोमीटर से लेकर 15000 किमी तक हमला करने में सक्षम मिसाइलें हैं. PLA रॉकेट फोर्स की ब्रिगेड की कुल संख्या भी बढ़कर लगभग 45 हो गई है.

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Explained: चीन की मिसाइलें कितनी ताकतवर हैं? कितनी दूरी तक हमला कर सकती है PLA, जानिए सबकुछ

चीन का लक्ष्य दुनिया की सबसे ताकतवर सेना खड़ी करना है. (AI इमेज)

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  • चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा हाइपरसोनिक मिसाइल भंडार है.
  • चीन के पास  ग्राउंड-लॉन्च मिसाइलों का सबसे बड़ा जखीरा है. 
  • चीन के पास अमेरिका के मेन लैंड कत हमला करने में सक्षम मिसाइलें भी हैं.

China missile arsenal: चीन के पास मिसाइलों का बड़ा भंडार है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स समय-समय पर अपनी ताकत का प्रदर्शन भी करती रहती है. चीन के पास  बैलिस्टिक,  क्रूज, हाइपरसोनिक और सबमरीन लॉन्च्ड, हर तरह की मिसाइलें हैं. चीन अपने परमाणु हथियारों की संख्या और इन्हें लक्ष्य तक पहुंचाने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों का भंडार भी तेजी से बढ़ा रहा है. आज चीन के पास वो क्षमता है जिससे वह दुनिया के किसी भी हिस्से को अपनी मिसाइलों से निशाना बना सकता है. इस आर्टिकल में हम चीन के पारंपरिक और परमाणु मिसाइल भंडार के बारे में जानेंगे. ये भी बताएंगे कि पिछले कुछ सालों में  पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की लंबी दूरी तक सटीक हमले करने की क्षमता कितनी बढ़ चुकी है. 

चीन की पारंपरिक मिसाइलें

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन द्वारा दिसंबर 2025 में प्रकाशित अपनी सालाना रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया था कि शी जिनपिंग सेना को ताकतवर बनाने पर जोर दे रहे हैं. 'मिलिट्री एंड सिक्युरिटी डेवलपमेंट्स इन्वालिंग द पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में जिक्र किया गया था कि चीन ने अपनी पारंपरिक DF-27 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को ऑपरेशनल कर दिया है. DF-27 की अनुमानित रेंज 8,000 किलोमीटर तक है. इसका मतलब है कि  यह उत्तर-पश्चिम अमेरिका, हवाई और अलास्का तक पहुंच सकती है. इसका इस्तेमाल प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर हमले के लिए भी किया जा सकता है. 

चीन की DF-26 एक इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टक मिसाइल है जो  परमाणु या पारंपरिक हथियार दोनों ले जा सकती है. 

DF-26D जहाज-रोधी अभियानों के लिए डिजाइन की गई है. 

DF-17 एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ग्लाइड व्हीकल (HGV) से लैस है. इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन की सुरक्षा प्रणालियों से बचते हुए बहुत सटीकता से अपने लक्ष्य पर हमला कर सके.

चीन ने DF-21 सीरीज भी विकसित की है. इस सीरीज की कुछ मिसाइलें परमाणु हथियार ले जा सकती हैं. वहीं DF-21C एक कन्वेंशनल जमीन पर हमला करने वाली मिसाइल है.  DF-21D खास तौर पर यु्द्धपोतों को निशाना बनाने के लिए विकसित की गई बैलिस्टिक मिसाइल है. 

चीन के पास कन्वेंशनल SRBMs का बड़ा स्टॉक है. DF-11, DF-15 और DF-16 जैसी मिसाइलें क्षेत्रीय विरोधियों से निपटने के लिए डिजाइन की गई शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. 

भारत और पड़ोसी देशों के लिए खास तैयारी

चीन ऐसा देश है जो हर काम सोची-समझी योजना के साथ अंजाम देता है. एक तरफ चीन अमेरिका का मुकाबला करने की तैयारी कर है. दूसरी तरफ इसके भारत और पड़ोसी देशों पर भी अपना ध्यान केंद्रित रखा है. चीन की सेना के पास अनुमानित 712 जमीन-आधारित लॉन्चर हैं. इनमें से कई कम दूरी की मिसाइलों के लिए हैं जिनका मकसद क्षेत्रीय लक्ष्यों पर हमला करना है. PLA रॉकेट फोर्स की ब्रिगेड की कुल संख्या भी बढ़कर लगभग 45 हो गई है. यह दिखाता है कि चीन की पारंपरिक मिसाइलों का भंडार कितनी तेजी से बढ़ रहा है. 

चीन अपने विरोधियों पर बढ़त बनाने के लिए  दोहरे प्रतिरोध की रणनीति अपनाता है. चीन ने पारंपरिक और परमाणु हमले की भूमिकाओं को एक ही फ़ोर्स स्ट्रक्चर में समाहित किया है. PLA रॉकेट फोर्स ही परमाणु हमले की कमान भी संभालती है और पारंपरिक सटीक हमले भी कर सकती है. 

चीन की हाइपरसोनिक मिसाइलें

चीन के मिसाइल भंडार में कई तरह की हाइपरसोनिक मिसाइलें भी शामिल हो चुकी हैं. इसमें शामिल DF-17 की रेंज लगभग 2000 किमी है. DF-27 चीन की सबसे एडवांस्ड एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल है जो दुश्मन के डिफेंस सिस्टम से बचने और दिशा बदलने के लिए HGV का इस्तेमाल करती है. DF-ZF एक लगभग 1500 किमी रेंज वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है जो आसानी से अपनी दिशा बदल सकती है. CSIS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे 2020 में तैनात किया गया था. 

चीन की परमाणु हमला करने में सक्षम मिसाइलें

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक,  चीन तेजी से अपनी परमाणु क्षमता बढ़ा रहा है. अभी उसके पास लगभग 460 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. चीन परमाणु हमला करने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों को रखने के लिए 300 से ज्यादा नए साइलो (मिसाइल रखने के भूमिगत ठिकाने) बना रहा है. इस तरह की मिसाइलों में DF-5 सीरीज बेहद खास है जो अमेरिका और यूरोप तक बड़े परमाणु पेलोड पहुंचा सकती हैं. DF-5B MIRV टेक्नोलॉजी से लैस है. नई DF-5C में मल्टी-मेगाटन क्षमता वाला वॉरहेड लगा है. चीन के पास DF-31 सीरीज की मिसाइलें भी हैं जो सड़क पर कहीं भी ले जा सकने योग्य हैं. DF-31 की रेंज 7,000 से 11,700 किलोमीटर के बीच है. DF-31A और DF-31AG वैरिएंट चीन से लॉन्च किए जाने पर अमेरिका के मुख्य भू-भाग तक पहुंच सकती है.

चीन की सबसे ताकतवर मिसाइल

चीन की असली ताकत का अंदाजा लगाना मुश्किल है. फिर भी,  DF-41 को चीन की सबसे ताकतवर मिसाइल माना जाता है. DF-41 एक ICBM है जिसकी रेंज 15000 से 18000 किमी के बीच है. इसे सड़क के रास्ते कहीं भी ले जाया जा सकता है और यह कई अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए MIRV तकनीक से भी लैस है. 

सबमरीन लॉन्च्ड मिसाइलें

समंदर की गहराई से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक माना जाता है. चीन के पास ये ताकत भी है. चीन की JL-2 मिसाइल टाइप 094 जिन-क्लास न्यूक्लियर सबमरीन पर तैनात हैं. इनकी रेंज लगभग 7,200 किलोमीटर है. JL-3 की रेंज 10,000 किलोमीटर से ज्यादा है. JL-3 एक सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है जो चीन को सुरक्षित समुद्री इलाकों से अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी हिस्से को निशाना बनाने की क्षमता देती है. 

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