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Explained: खुद 90 प्रतिशत कच्चा तेल खरीदता है भारत, फिर दुनिया को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद कैसे बेच रहा?

भारत अब सिर्फ अपने देश की ऊर्जा जरूरतों को ही नहीं पूरा कर रहा. यह दुनिया को भी क्रूड को प्रोसेस करके बेचता है. भारत अब अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और वेस्ट एशिया के बाजारों में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों को सप्लाई करता है.

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Explained: खुद 90 प्रतिशत कच्चा तेल खरीदता है भारत, फिर दुनिया को रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद कैसे बेच रहा?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बन चुका है. (AI इमेज)

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  • भारत अपनी तेल की 90 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत के लिए आयात पर निर्भर है.
  • भारत में रोज  लगभग 5.6 मिलियन बैरल तेल प्रोसेस होता है. 
  • भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बन चुका है.

भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. लेकिन भारत दुनिया को भारी मात्रा में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद बेचता भी है. ये एक ऐसा मामला है जिसे समझने में बड़े-बड़े विशेषज्ञ भी गच्चा खा जाते हैं. आज स्थिति ये है कि जो रूस लंबे समय से भारत को कच्चा तेल सप्लाई करता रहा है, वह गैसोलीन के लिए भारत की ओर देख रहा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि यूक्रेन के हमलों से रूस की रिफाइनिंग क्षमता का एक बड़ा हिस्सा ठप हो गया है. इस लेख में हम जानेंगे कि अपनी जरूरत के लिए तेल आयात करने वाला भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनर्स में से एक कैसे बन गया.

कितना क्रूड ऑयल रिफाइन करता है भारत?

रॉयटर्स के अनुसार, भारत, जो कि अपनी तेल की 90 प्रतिशत से ज्यादा जरूरत के लिए आयात पर निर्भर है, वह अब 23 रिफाइनरियों में हर दिन लगभग 5.6 मिलियन बैरल तेल प्रोसेस करता है. भारत आज दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनर और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातकों में से एक है. भारत की सफलता हैरान करने वाली है. लेकिन ये सब एक दिन में नहीं हुआ है. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि भारत कच्चे तेल का 90 प्रतिशत हिस्सा यानी कि प्रतिदिन लगभग 50 लाख बैरल बाहर से खरीदता है.  इसके बावजूद, अपनी विशाल और बेहद आधुनिक रिफाइनिंग क्षमता के दम पर भारत रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों जैसे कि डीजल, पेट्रोल और जेट फ्यूल के मामले में दुनिया का एक प्रमुख निर्यातक बन चुका है. भारत की वर्तमान रिफाइनिंग क्षमता लगभग 25.8 करोड़ मीट्रिक टन प्रति वर्ष या लगभग 52 लाख बैरल प्रतिदिन है. इस क्षमता के साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बन चुका है.

भारत में है दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स 

भारत के रिफाइनिंग पावरहाउस बनने में गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का बहुत बड़ा योगदान है. यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 14 लाख बैरल कच्चे तेल को रिफाइन कर सकती है. जामनगर स्थित ये रिफाइनरी दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है. जामनगर रिफाइनरी का 'कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स' काफी अधिक है. यह दुनिया के सबसे खराब क्वालिटी के कच्चे तेल को भी  बहुत आसानी से रिफाइन करके उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोल-डीजल में बदल सकती है. जामनगर रिफाइनरी उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां वेनेजुएला का भारी कच्चा तेल भी प्रोसेस किया जा सकता है. 

सरकारी कंपनियां भी पीछे नहीं हैं

ऐसा नहीं है कि भारत में सिर्फ निजी क्षेत्र ने ही झंडे गाड़े हैं. भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने भी अपनी क्षमताओं में भारी इजाफा किया है. देश की सबसे बड़ी सरकारी रिफाइनर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) इस समय अपने सबसे बड़े विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है. इसके तहत IOCL अपनी रिफाइनिंग क्षमता को लगभग 8.07 करोड़ टन से बढ़ाकर रिकॉर्ड 9.8 करोड़ टन प्रति वर्ष करने जा रही है. यह विस्तार मुख्य रूप से पानीपत, वडोदरा और बरौनी रिफाइनरियों में किया जा रहा है.

बेहद आधुनिक हैं भारत की रिफाइनरियां

शायद आपको पता न हो लेकिन, भारत की रिफाइनरियां इतनी आधुनिक हैं कि वे दुनिया भर के 216 से अधिक विभिन्न प्रकार के कच्चे तेल ग्रेड को प्रोसेस कर सकती हैं. ये क्षमता भारत को रूस, वेनेजुएला और अन्य अफ्रीकी देशों से भारी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीदने की सहूलियत देती है. भारत दुनिया भर से कच्चा तेल खरीदता है और उसे रिफाइन करके फिर वैश्विक बाजारों में बेचकर भारी मुनाफा कमाता है. रिफाइंड उत्पादों को विदेशों में बेचकर भारत भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित करता है, जिससे देश का व्यापार घाटा संतुलित रहता है.

आज देश में घरेलू रिफाइनिंग इंडस्ट्री 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम करती है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि भारत में कभी भी ईंधन की कमी न हो. कच्चे तेल के आयातक से वैश्विक स्तर पर रिफाइंड ईंधन के प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन जाने से भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और मजबूत खिलाड़ी भी बन गया है. आज दुनिया का काम भारत के बिना नहीं चल सकता.

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