डीएनए एक्सप्लेनर
Rajya Sabha elections 2026: मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द कर दिया गया है. इस घटनाक्रम ने चुनाव के समीकरण बदल दिए हैं. कांग्रेस झारखंड में भी घिरी हुई है.
Rajya Sabha Chunav 2026: राज्यसभा की 26 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तगड़ी तैयारी की है. भाजपा ने झारखंड और मध्यप्रदेश में ऐसी चाल चली है जिससे कांग्रेस फंस गई है. कांग्रेस को मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले ही झटका लग गया है. पार्टी ने यहां से मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन मंगलवार, 9 जून को मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक मामले की जानकारी छिपाने के आरोप में खारिज कर दिया गया. मध्य प्रदेश में भाजपा ने पहले ही तीसरा उम्मीदवार भी उतार रखा है. भाजपा की तरफ से तरुण चुग व रजनीश अग्रवाल के अलावा महेश केवट ने भी नामांकन दाखिल किया है. मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब थोड़े बहुत जोड़-तोड़ से बीजेपी तीसरी सीट भी जीत सकती है.
झारखंड से आने वाली राज्य सभा सीटों पर लड़ाई और भी दिलचस्प होने वाली है. यहां हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दलित चेहरे बैद्यनाथ राम को प्रत्याशी बनाया है. कांग्रेस ने प्रणव झा को मैदान में उतारा है. लेकिन, भाजपा ने परिमल नाथवानी को समर्थन दे दिया है जो निर्दलीय मैदान में हैं. झारखंड में कांग्रेस और जेएमएम को मिलाकर 56 विधायक हैं. दो राज्य सभी सीटें जीतने के लिए 56 वोटों की ही जरूरत है. दूसरी तरफ भाजपा के पास केवल 24 वोट हैं फिर भी पार्टी ने परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है. ऐसे में आशंका है कि इंडिया गठबंधन के कुछ विधायक क्रास वोटिंग भी कर सकते हैं.
हालांकि चुनाव से पहले परिमल नाथवानी भी मुश्किलों में फंस गए हैं. नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उनके पर्चे में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं. इसकी वजह से रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके पर्चे को फिलहाल होल्ड पर डाल दिया है. पता चला है कि नामांकन पर्चे के कुछ दस्तावेजों में उनका नाम रिमल नाथवानी दर्ज है, तो कुछ में नाथवानी परिमल. परिमल नाथवानी ने अपने नामांकन पर्चे में अपराधिक मामले की जानकारी देने वाले कॉलम को भी खाली छोड़ दिया था. इसे लेकर भी कांग्रेस ने आपत्ति जताई. नाथवानी के नामांकन पर अब फैसला बुधवार, 10 जून की सुबह 11 बजे तक होगा.
गुजरात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में है. भाजपा ने यहां से राजू शुक्ला, मानसिंह परमार, मुकेश राठवा और जितेंद्र कंजारिया को प्रत्याशी बनाया है. चारों ही उम्मीदवारों की जीत तय है क्योंकि विपक्ष ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. 182 सदस्यों वाली गुजरात विधानसभा में भाजपा के 161 विधायक हैं. गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के केवल 12 विधायक बचे हैं. भाजपा अगर सभी चारों सीटें हासिल करती है तो ये पहली बार होगा जब गुजरात की सभी 11 राज्यसभा सीटों पर बीजेपी का कब्जा होगा.
उच्च सदन राज्यसभा में कुल सीटें 245 हैं. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास पहले से ही 148 सांसद हैं. राज्य सभा में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए एनडीए को 164 सीटें चाहिए. भाजपा और उसके सहयोगी अगर 26 में 16 सीटें जीत जाते हैं तो दो-तिहाई बहुमत का जादुई आंकड़ा भी हासिल हो जाएगा. NDA अगर इस बार चूक भी जाती है तो नवंबर में उसके पास एक और मौका होगा जब राज्य सभा के कुछ सदस्यों का कार्यकाल फिर समाप्त होगा और नए चुनाव होंगे.