डीएनए एक्सप्लेनर
आयरलैंड का बंटवारा 3 मई, 1921 को आयरलैंड सरकार अधिनियम 1920 के तहत हुआ था, जिसके बाद उत्तरी आयरलैंड और दक्षिणी आयरलैंड बन गया था. दक्षिणी आयरलैंड ही आयरलैंड रिपब्लिक बना. यहां बहुसंख्यक आयरिश कैथोलिक थे और ब्रिटेन से आजादी चाहते थे.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (12 सितंबर) को डबलिन में पीएम माइकल मार्टिन के साथ मीटिंग में कहा कि वह आयरलैंड का एकीकरण देखना पसंद करेंगे. आयरलैंड का एकीकरण एक बहुत ही जटिल मुद्दा है. अमेरिका अब तक इस मुद्दे पर तटस्थता बनाए रखा हुआ था, लेकिन ट्रंप की ओर से दिए गए इस बयान ने अमेरिका के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति आयरिश ओपन गोल्फ टूर्नामेंट के लिए दो दिवसीय डबलिन की यात्रा पर गए हुए हैं.
आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ मीटिंग में ट्रंप ने कहा, 'मैं कोई समस्या पैदा नहीं करना चाहता, लेकिन मैं आपको बता दूं कि मैं इसे एकजुट देखना चाहता हूं. मुझे लगता है कि अगर ऐसा होता है तो यह बहुत ही अच्छा होगा, सभी के लिए गर्व की बात होगी. यह आखिरकार होकर ही रहेगा.' ट्रंप की ओर से ये बयान मीडिया की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में आया था. उन्होंने आगे कहा कि अब तो इसे हो ही जाना चाहिए और बताया कि मार्टिन की इसे आगे बढ़ाने के लिए सही व्यक्ति हैं.
अमेरिका ने लंबे समय से आयरलैंड के एकीकरण पर किसी भी पक्ष का समर्थन करने से परहेज किया था. बिल क्लिंटन प्रशासन ने गुड फ्राइडे समझौते में मध्यस्थता की थी, जो 1998 का समझौता था, जिसने उत्तरी आयरलैंड में तीन दशकों से चल रहे हिंसक संघर्ष को खत्म कर दिया था, जिसे 'द ट्रबल्स' के नाम से जाना जाता था.
गुड फ्राइडे समझौते के तहत, उत्तरी आयरलैंड किसी भी समय आयरलैंड रिपब्लिक में शामिल हो सकता है, बशर्ते दोनों पक्षों के अधिकांश लोग एकीकरण के पक्ष में मतदान करें, लेकिन उत्तरी आयरलैंड को यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा बनाए रखने का सवाल लंदन के लिए गंभीर मुद्दा है. ब्रिटेन को व्यापक रूप से अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है. बता दें कि गुड फ्राइडे समझौता कराने वाले उत्तरी आयरलैंड के दो नेताओं जॉन ह्यूम और डेविड ट्रिम्बल को 1998 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था.

डोनाल्ड ट्रंप अकसर दूसरे देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देते हैं, जिनमें अमेरिका के कुछ करीबी सहयोगी भी शामिल हैं. विदेशी सरकारों को यह सोचने के लिए मजबूर होना पड़ता है कि उनकी बयानबाजी को खारिज कर दिया जाए या फिर सार्वजनिक रूप से इसका सामना कैसे किया जाए.
ट्रंप ने हाल ही में आइसलैंड का ऐसा नक्शा पोस्ट किया था, जिसके बाद अमेरिकी राजदूत को तलब किया गया था, जिसमें देश और उसके आसपास के क्षेत्रों को अमेरिकी ध्वज से ढका हुआ दिखाया गया था. कनाडा और अमेरिका ट्रेड वॉर में उलझ गया है क्योंकि ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वो कनाडा को 51वें राज्य के रूप में यूएस में मिलाना चाहते हैं. यहां तक कि उन्होंने कनाडाई पीएम मार्क कार्नी को गवर्नर भी कहा था. इस साल की शुरुआत में ट्रंप और नाटो देशों के बीच तनातनी देखने को मिली थी क्योंकि ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री को जनमत में ऐसे किसी बदलाव की जानकारी नहीं है, जिसकी वजह से गुड फ्राइडे समझौते की शर्तों पर जनमत संग्रह कराना उचित हो, जब तक यह स्थिति नहीं बदलती, तब तक ऐसा कोई जनमत संग्रह नहीं होगा. आयरलैंड और उत्तरी आयरलैंड का संवेदनशील मुद्दा ब्रेक्सिट की एक मुख्य वजह थी, जिसके तहत ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से अलग होने का फैसला किया, जबकि आयरलैंड यूरोपीय यूनियन में बना रहा.
वहीं आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएंटे ने कहा कि यह मामला अमेरिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. बीबीसी के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'इतनी बड़ी घटना तभी संभव है जब आयरिश जनता की सहमति हो. यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें काम करना होगा और इसके लिए प्रयासरत रहना होगा.'
उत्तरी आयरलैंड में हाल के सालों में आयरिश एकता के समर्थन में काफी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन आयरिश टाइम्स और एरिन्स प्रोजेक्ट की ओर से 2024 में किए गए एक सर्वे में स्पष्ट बहुमत यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा बने रहने के पक्ष में है.
आयरलैंड का बंटवारा 3 मई, 1921 को आयरलैंड सरकार अधिनियम 1920 के तहत हुआ था, जिसके बाद उत्तरी आयरलैंड और दक्षिणी आयरलैंड बन गया था. दक्षिणी आयरलैंड ही आयरलैंड रिपब्लिक बना. यहां बहुसंख्यक आयरिश कैथोलिक थे और ब्रिटेन से आजादी चाहते थे, जबकि उत्तरी आयरलैंड में प्रोटेस्टेंट समुदाय के लोग बहुसंख्यक थे, जो ब्रिटिश राज में ही रहना चाहते थे. 1914 में ही इसको बांटने की तैयारी चल रही थी, लेकिन प्रथम विश्वयुद्ध की वजह से इसका बंटवारा टल गया. हालांकि युद्ध खत्म होते ही राष्ट्रवादी आयरिश फिर उग्र हो गए, जिसके बाद इसका विभाजन हुआ.
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